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शिक्षामित्रों ने दिल्ली में प्रदर्शन को बनाई रणनीति
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Sat, 03 Oct 2015 01:18 AM IST
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ललितपुर (ब्यूूरो)। संयुक्त शिक्षामित्र संघर्ष समिति के बैनर तले
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शिक्षामित्रों ने पांच, छह और सात अक्तूबर को दिल्ली में होने वाले
धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने की रणनीति तैयार की।
कंपनी बाग में आयोजित बैठक में भगवत सिंह बैस ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर पांच अक्तूबर से होने वाला धरना शिक्षामित्र का मान सम्मान तय करेगा, इसलिए हर शिक्षामित्र इसमें शामिल हो। नंदराम यादव ने कहा कि यह आंदोलन शिक्षामित्रों के लिए निर्णायक साबित होगा। रेखा लिटौरिया ने कहा कि महिला शिक्षामित्र घरों से निकलकर दिल्ली की ओर कूच करें, जिससे शिक्षामित्रों को उनका हक मिल सके। शिवनारायण शर्मा ने कहा कि हमें भीख नहीं, बल्कि शिक्षक का सम्मान चाहिए। ब्रजेश कुमार टोंटे ने बताया कि चार अक्तूबर को शाम छह बजे सभी शिक्षामित्र ट्रेन से जाएंगे। अन्य वक्ताओं में श्रीनारायण पांडे, राजेश निरंजन, उर्मिला साहू, ब्रजेंद्र तिवारी, प्रमेंद्र रैकवार, अशोक अहिरवार, रामकिशन, सुरेश निरंजन, धर्मेंद्र परमार व गोविंद बिहारी दुबे ने संबोधित किया।
इस मौके पर ब्रजेश टोंटे, नंदराम यादव, नीलम रिछारिया, गोविंद बिहारी दुबे, रेखा लिटौरिया, उर्मिला, ज्ञानप्रकाश, श्रीनारायण पांडे, आशा यादव, शशि देवी, अनीता, चंद्रमोहन, देशराज, प्रभाष, आशीष दुबे, हरिनारायण, मीरा, नीता, संगीता, सीमा, अनिल, भरत सिंह, रघुवीर सिंह, ऊदल सिंह, बेबी, रामदेवी, रामेश्वर, हीरालाल, माधव सिंह, भागीरथ, राजेश, अर्चना, कैलाश, विजय, सुखनंदन, राजीव, आनंद कुमार, महेंद्र, सूर्यप्रताप उपस्थित रहे।
कंपनी बाग में आयोजित बैठक में भगवत सिंह बैस ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर पांच अक्तूबर से होने वाला धरना शिक्षामित्र का मान सम्मान तय करेगा, इसलिए हर शिक्षामित्र इसमें शामिल हो। नंदराम यादव ने कहा कि यह आंदोलन शिक्षामित्रों के लिए निर्णायक साबित होगा। रेखा लिटौरिया ने कहा कि महिला शिक्षामित्र घरों से निकलकर दिल्ली की ओर कूच करें, जिससे शिक्षामित्रों को उनका हक मिल सके। शिवनारायण शर्मा ने कहा कि हमें भीख नहीं, बल्कि शिक्षक का सम्मान चाहिए। ब्रजेश कुमार टोंटे ने बताया कि चार अक्तूबर को शाम छह बजे सभी शिक्षामित्र ट्रेन से जाएंगे। अन्य वक्ताओं में श्रीनारायण पांडे, राजेश निरंजन, उर्मिला साहू, ब्रजेंद्र तिवारी, प्रमेंद्र रैकवार, अशोक अहिरवार, रामकिशन, सुरेश निरंजन, धर्मेंद्र परमार व गोविंद बिहारी दुबे ने संबोधित किया।
इस मौके पर ब्रजेश टोंटे, नंदराम यादव, नीलम रिछारिया, गोविंद बिहारी दुबे, रेखा लिटौरिया, उर्मिला, ज्ञानप्रकाश, श्रीनारायण पांडे, आशा यादव, शशि देवी, अनीता, चंद्रमोहन, देशराज, प्रभाष, आशीष दुबे, हरिनारायण, मीरा, नीता, संगीता, सीमा, अनिल, भरत सिंह, रघुवीर सिंह, ऊदल सिंह, बेबी, रामदेवी, रामेश्वर, हीरालाल, माधव सिंह, भागीरथ, राजेश, अर्चना, कैलाश, विजय, सुखनंदन, राजीव, आनंद कुमार, महेंद्र, सूर्यप्रताप उपस्थित रहे।