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Lalitpur News: लाइसेंसी राइफल से जान से मारने के प्रयास में सात वर्ष की सजा

Mon, 09 Jan 2023 09:41 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 09 Jan 2023 09:41 PM IST
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Seven years imprisonment for attempt to kill with licensed rifle
ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एससएसटी) बाबर खान की अदालत ने लाइसेंसी राइफल से जान से मारने के प्रयास में कोतवाली क्षेत्र के ग्राम खौंखरा में दस वर्ष पुराने मामले में एक आरोपी को सात साल के कठोर कारावास एवं दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार लिटौरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि बीते दस वर्ष पूर्व 29 मार्च 2012 को ग्राम खौंखरा निवासी भगवानदास पुत्र कुंजी सहरिया ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया था कि 28 मार्च 2012 की रात में करीब आठ बजे उसका छोटा भाई हरनारायण मां को खाना देने के लिए खेत पर जा रहा था। जैसे ही वह गांव के ही नरेंद्र सिंह ठाकुर के घर के सामने पहुंचा, तभी पुरानी रंजिश के चलते नरेंद्र सिंह ने अपने भाई शैलेंद्र से उसे (हरनारायण को) गालियां देते हुए जान से मारने को कहा। जिस पर नरेंद्र सिंह ने अपनी लाइसेंसी राइफल से जान से मारने की नीयत से उसके भाई को गोली मार दी। गोली उसके भाई के पैर में लगी, जिस पर उसका भाई वहां गिर पड़ा और चीखने चिल्लाने लगा और वहां से घायल अवस्था में गांव की ओर भागने लगा।
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जानकारी लगते ही वह अपने परिजनों के साथ मौके पर पहुंचा और भाई को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए, जहां उसकी हालत खराब होने पर चिकित्सकों ने उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां उसका उपचार किया गया। भगवानदास की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिए थे। सोमवार को न्यायाधीश ने उक्त मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए अभियुक्त नरेंद्र सिंह को जान से मारने के प्रयास के मामले में दोषी पाते हुए सात वर्ष के कारावास एवं दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायाधीश ने अर्थदंड की राशि वसूल होने पर 75 प्रतिशत राशि पीड़ित को देने के आदेश भी दिए। वहीं उक्त मामले में एक अन्य आरोपी शैलेंद्र सिंह की मुकदमा के दौरान मौत हो चुकी है।
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