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सितंबर माह में सबसे घातक रहा कोरोना वायरस संक्रमण

Mon, 05 Oct 2020 12:06 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 05 Oct 2020 12:06 AM IST
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september most feared month
corona - फोटो : corona
ललितपुर। कोरोना काल के पांच माह में बढ़े संक्रमण में सितंबर माह सबसे घातक साबित हुआ। चार माह के संक्रमितों से आंकड़ा बढ़कर एक माह में दोगुना हो गया है। वहीं, मौत भी दोगुनी हुई है। चार माह में संक्रमण का आंकड़ा 1334 के सापेक्ष एक माह में 2513 पहुंच गया है। तो वहीं मौत का आंकड़ा 20 से बढ़कर 39 तक पहुंच गया है।
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कोरोना वायरस संक्रमण की शुरुआत जनपद में काफी समय बाद मई माह में हुई। इस माह में महज तीन व्यक्ति संक्रमित मिले, इनमें एक संक्रमित व्यक्ति की मौत हुई। जून में दो लोगों की मौत हुई और चार संक्रमित पाए गए। जुलाई माह आते ही कोरोना वायरस के संक्रमण ने तेजी से फैला, इस माह में जहां 338 व्यक्ति संक्रमित मिले और एक संक्रमित की मौत हुई। अगस्त में 988 व्यक्ति संक्रमित पाए गए। इनमें 16 संक्रमितों की मौत हो गई। इस तरह चार माह में 1334 व्यक्ति संक्रमित हुए। इनमें 20 की मौत हुई।
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लेकिन सितंबर माह की शुुरुआत होतेे ही संक्रमण बेकाबू हो गया। जहां चार माह महज 1334 व्यक्ति संक्रमित हुए थे। इनमें 20 संक्रमितों की मौत हुई। वहीं केवल सितंबर माह में ही 1179 व्यक्ति संक्रमित हुए और 19 संक्रमितों की मौत हो गई। इस तहर संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 2513 हो गया और मौत का आंकड़ा 39 तक पहुंच गया। संक्रमण को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने टीम लगातार डोर- टू डोर सर्वे कराया। जिसमें आश बहुएं व आंगनबाड़ी ने कोरोना वायरस के लक्षणों की खोज की, जिनकी रिपोर्ट में अधिकांश लोगों में लक्षण नहीं पाए गए। शिक्षकों द्वारा भी क्षेत्र में डोर-टू डोर सर्वे कराई गई। इसके अलावा शहर के सभी वार्डों में अभियान चलाकर जांच कराई गई। इसके बाद भी संक्रमण नहीं थम सका।
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कैसे रुके बढ़ता संक्रमण, लोग बिना मास्क खुलेआम घूम रहे
सितंबर माह में भले ही कोरोना वायरस संक्रमित अधिक लोग पाए गए हो, लेकिन अब भी लोग बेपरवाह बने हुए हैं। जहां बाजारों में सामाजिक दूरी का पालन नहीं किया जा रहा है। यहां लोग बिना मास्क के खुलेआम घूम रहे हैं। इससे जहां दूसरों को भी संक्रमण का खतरा सता रहा है। बसें व टैक्सी भी खुलेआम सड़कों पर सवारियों को ठूंसकर फर्राटे भर रही हैं। वर्तमान में लोग कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव को लेकर बेपरवाह नजर आ रहे हैं।

कई गुनी बढ़ गईं जांच
कोरोना वायरस संक्रमण की शुरूआत में महज ट्रूनॉट से 20 जांच हो रही थी। इसके अलावा आरटीपीसीआर से भी दो सौ से अधिक नहीं हो पा रहीं थी। लेकिन अब एंटीजन किट से जांच शुरू होने से संख्या अधिक हो गई है। लगभग डेढ़ हजार से अधिक जांच होने की क्षमता है, इसके बाद भी संक्रमण थम नहीं रहा है।
कोरोना वायरस संक्रमण सितंबर माह से अधिक फैला है। इसमें मौत भी अधिक हुई। विभाग लगातार सैंपल लेकर जांच कर रहा है।
डॉ. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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