ललितपुर। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के पदाधिकारियों ने बेसिक शिक्षा विभाग में अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी धन का बंदरबाट करने का आरोप लगाया है। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई करने की मांग की है।
ज्ञापन में आरोप लगाया कि बीते माहों में ग्राम प्रधानों द्वारा स्कूल में कायाकल्प के अंतर्गत रंगाई-पुताई, शौचालय निर्माण, नल फिटिंग, सबमर्सिबल से पानी की आपूर्ति और टाइल्स लगाए जाने का कार्य किया गया है। वर्तमान में शासन द्वारा इसी कार्य के लिए स्कूलों में पैसा आ गया है। इसकी राशि लगभग 25 से 75000 तक है। जिस पर विद्यालयों के शिक्षक प्रधानों के कार्य को ही अपना कार्य दिखाकर पैसा निकाल कर अधिकारियों की मिली भगत से बंदरबांट कर लिया है। उन्होंने इस मामले की जांच कराने की मांग की है, साथ ही उन्होंने स्कूलों में आई धनराशि से कराए गए कार्य का प्रमाण पत्र मांगने के लिए भी कहा है। स्कूलों में बच्चों को वितरित की जाने वाली दो ड्रेसों में 50 फीसदी बच्चों को ही उपलब्ध कराई जाती है। कुछ शिक्षक व माफिया ड्रेस वितरित कर रहे हैं। वहीं, शासन के अनुसार, ग्राम की समूह स्वयं सहायता समूह व लोकल स्तर के टेलरों से सिलाने का निर्देश है लेकिन माफिया ही सप्लाई कर रहे हैं। मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन पर जिला अध्यक्ष ग्राम प्रधान मगरपुर, करमरा जितेंद्र सिंह के हस्ताक्षर हैं।