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Lalitpur News: कुशीनगर के बाद सिद्धार्थनगर का कनेक्शन खंगाल रही साइबर पुलिस
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ललितपुर। ग्राम विकास अधिकारी की आईडी हैक कर 363 फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जाने के दर्ज मामले की जांच साइबर क्राइम थाना पुलिस ने आगे बढ़ाई तो इसके तार दूसरे जिलों से जुड़ते नजर आए। कुशीनगर जनपद निवासी व्यक्ति के आधार विवरण के उपयोग के बाद अब इसमें नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर जनपद का कनेक्शन सामने आ रहा है। साइबर क्राइम थाना पुलिस इस कनेक्शन को लेकर तकनीकी साक्ष्यों को खंगालने में जुट गई है।
ब्लॉक तालबेहट में तैनात ग्राम विकास अधिकारी प्रदीप त्रिपाठी की जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने वाली आईडी में 5 सितंबर की दोपहर सेंधमारी की गई थी। जिसमें अज्ञात व्यक्ति ने आईडी के जरिए करीब 363 जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिए थे। इस धोखाधड़ी की जानकारी होने के बाद ग्राम विकास अधिकारी ने साइबर क्राइम थाना पुलिस को तहरीर दी थी। जिस पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने 14 सितंबर को अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी थी। पुलिस इस मामले को आईडी हैक तक सीमित न मानते हुए यह जानकारी जुटा रही है कि 363 प्रमाण पत्र किन-किन लोगों के नाम पर जारी किए गए। प्रमाण पत्रों में दर्ज मोबाइल नंबर, आधार विवरण, पता और अन्य जानकारियों की जांच की जा रही है। इसके साथ प्रमाण पत्र जारी कराने के पीछे के उद्देश्य और इस्तेमाल की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है। मामले में कुशीनगर के विरवट कोन्हवलिया, निवासी रमेश पुत्र राजदेव के आधार कार्ड के विवरण का उपयोग मिलने पर आधार विवरण और उससे जुड़े तकनीकी रिकॉर्ड को खंगालने में पुलिस जुटी है। इसके अतिरिक्त मोबाइल नंबर की संलिप्तता आने के बाद उसकी लोकेशन, उपयोग और उससे जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड की जानकारी जुटाने में पुलिस लगी है। पुलिस के अनुसार इस मामले में नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर का कनेक्शन सामने आने के बाद जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। जिसमें यह जांच की जा रही है कि फर्जी प्रमाण पत्र जारी कराने, आईडी में सेंधमारी करने में नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर जिले के किसी व्यक्ति, मोबाइल नंबर या साइबर गिरोह की भूमिका तो नहीं है। साइबर पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस कड़ी को जोड़ने का प्रयास कर रही है। हालांकि पुलिस इस मामले की गहनता से जांच करने की बात कह रही है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी शाबेज खान ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में नेपाल सीमा से सटे एक जिले का कनेक्शन सामने आ रहा है। इसको लेकर गहनता से जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अन्य जिलों की कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस
फर्जी प्रमाण पत्र मामले में अब तक कुशीनगर के व्यक्ति के आधार विवरण के उपयोग की बात सामने आई है। जिसके बाद इस केस में अन्य जिलों के लोगों की भूमिका होने की आशंका को देखते हुए कड़ियों को जोड़ने के लिए पुलिस गहनता से जांच करने में जुटी है।-अजय कुमार, सीओ, सदर
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ब्लॉक तालबेहट में तैनात ग्राम विकास अधिकारी प्रदीप त्रिपाठी की जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने वाली आईडी में 5 सितंबर की दोपहर सेंधमारी की गई थी। जिसमें अज्ञात व्यक्ति ने आईडी के जरिए करीब 363 जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिए थे। इस धोखाधड़ी की जानकारी होने के बाद ग्राम विकास अधिकारी ने साइबर क्राइम थाना पुलिस को तहरीर दी थी। जिस पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने 14 सितंबर को अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी थी। पुलिस इस मामले को आईडी हैक तक सीमित न मानते हुए यह जानकारी जुटा रही है कि 363 प्रमाण पत्र किन-किन लोगों के नाम पर जारी किए गए। प्रमाण पत्रों में दर्ज मोबाइल नंबर, आधार विवरण, पता और अन्य जानकारियों की जांच की जा रही है। इसके साथ प्रमाण पत्र जारी कराने के पीछे के उद्देश्य और इस्तेमाल की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है। मामले में कुशीनगर के विरवट कोन्हवलिया, निवासी रमेश पुत्र राजदेव के आधार कार्ड के विवरण का उपयोग मिलने पर आधार विवरण और उससे जुड़े तकनीकी रिकॉर्ड को खंगालने में पुलिस जुटी है। इसके अतिरिक्त मोबाइल नंबर की संलिप्तता आने के बाद उसकी लोकेशन, उपयोग और उससे जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड की जानकारी जुटाने में पुलिस लगी है। पुलिस के अनुसार इस मामले में नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर का कनेक्शन सामने आने के बाद जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। जिसमें यह जांच की जा रही है कि फर्जी प्रमाण पत्र जारी कराने, आईडी में सेंधमारी करने में नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर जिले के किसी व्यक्ति, मोबाइल नंबर या साइबर गिरोह की भूमिका तो नहीं है। साइबर पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस कड़ी को जोड़ने का प्रयास कर रही है। हालांकि पुलिस इस मामले की गहनता से जांच करने की बात कह रही है। साइबर क्राइम थाना प्रभारी शाबेज खान ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में नेपाल सीमा से सटे एक जिले का कनेक्शन सामने आ रहा है। इसको लेकर गहनता से जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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अन्य जिलों की कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस
फर्जी प्रमाण पत्र मामले में अब तक कुशीनगर के व्यक्ति के आधार विवरण के उपयोग की बात सामने आई है। जिसके बाद इस केस में अन्य जिलों के लोगों की भूमिका होने की आशंका को देखते हुए कड़ियों को जोड़ने के लिए पुलिस गहनता से जांच करने में जुटी है।-अजय कुमार, सीओ, सदर
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