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शासन की प्राथमिकता से हटा आपरेशन कायाकल्प

Wed, 08 Jul 2020 12:06 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jul 2020 12:06 AM IST
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school priorities debar from operation kayakalp
school - फोटो : school
ललितपुर। सरकारी विद्यालयों को भौतिक संसाधनों से लैस करने की मंशा को झटका लगा है। शासन ने अपनी नीति में बदलाव करते हुए ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ को प्राथमिकता वाले कार्यक्रम से बाहर कर दिया है। अब उसकी जगह पंचायत भवन व सामुदायिक शौचालयों के निर्माण पर ध्यान दिया जाएगा। ग्राम पंचायतें पल्स ऑक्सी मीटर, थर्मल स्कैनर व मास्क खरीदेंगी।
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बेसिक शिक्षा विभाग के सभी स्कूलों में पीने का पानी, सबमर्सिबल पंप, बालक और बालिकाओं के लिए क्रियाशील शौचालय, मूत्रालय, शौचालयों में नल जल की सुविधा, फर्श पर टाइल्स, इन्सीनरेटर, रैंप, हाथ धोने की सुविधा, रसोईघर, फर्नीचर, ब्लैक बोर्ड, स्कूल में पुताई, बिजली आदि कार्य कराने के लिए ऑपरेशन कायाकल्प शुरू किया गया। इन कार्यों को कराने का जिम्मा ग्राम पंचायतों को सौंपा गया है।
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शासन ने इसे प्राथमिकता से लेते हुए मार्च 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन इसे तय समयावधि में पूरा नहीं कराया जा सका। वर्तमान में भी तमाम विद्यालयों में विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाई। कई ग्राम प्रधान ऑपरेशन कायाकल्प में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे। जिला प्रशासन कार्यों की निरंतर समीक्षा कर रहा था। इसी दौरान शासन ने ऑपरेशन कायाकल्प को प्राथमिकता की सूची से बाहर कर दिया है।
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वित्त आयोग एवं मनरेगा योजना से व्यय किए जाने के निर्देश
निदेशक पंचायती राज किंजल सिंह ने जिला पंचायत राज अधिकारी को भेजे पत्र में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में विभिन्न साइज के ड्राइंग व एस्टीमेट के सामुदायिक शौचालयों का निर्माण राज्य वित्त आयोग/ केंद्रीय वित्त आयोग की धनराशि से कराने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार प्रदान करने एवं ग्राम पंचायतों में सामुदायिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दृष्टि से ग्राम पंचायतों में वित्तीय वर्ष 2019-20 की वित्त आयोग की अवशेष धनराशि और पंद्रहवें वित्त आयोग अनुदान से 2020-21 के दौरान पंचायत भवन का निर्माण जिसमें 50 प्रतिशत धनराशि वित्त आयोग से एवं इतने प्रतिशत मनरेगा योजना से व्यय किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्देशों का उल्लंघन किया जाता है तो उसके प्रधान एवं सचिव के विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी
वित्त आयोग की धनराशि से सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराने एवं ऐसी ग्राम पंचायतें जिनमें पंचायत भवन नहीं हैं, वहां वित्त आयोग और मनरेगा धनराशि से पंचायत भवन का निर्माण किया जाएगा। ग्राम पंचायतों में सर्वप्रथम पंचायत भवनों व सामुदायिक शौचालयों का निर्माण वित्तीय वर्ष 2019-20 की वित्त आयोग की अवशेष धनराशि एवं पंद्रहवें केंद्रीय वित्त आयोग की धनराशि से कार्य कराया जाएगा। ग्राम पंचायतों द्वारा पंचायत भवन एवं सामुदायिक शौचालय के निर्माण के पश्चात ही अन्य कार्यों में धनराशि व्यय की जाएगी। यदि किसी ग्राम पंचायत द्वारा निर्देशों का उल्लंघन किया जाता है तो उसके प्रधान एवं सचिव के विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी।

कोरोना संक्रमण के मद्देनजर ग्राम पंचायतों में सबसे पहले पल्स ऑक्सीमीटर, थर्मल स्क्रैनर व मास्क खरीदे जाएंगे। शासन ने पंचायत भवन एवं सामुदायिक शौचालयों के निर्माण के निर्देश जारी किए हैं।
- डा. अवधेश सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी
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