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संत रविदास का चबूतरा बनाने को एक पक्ष के ग्रामीण अनशन पर बैठे
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बरौदिया गांव में जाते अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार मिश्रा
- फोटो : LALITPUR
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डोंगरा कला/ गुढ़ा खिरिया। थाना नाराहट अंतर्गत ग्राम बरौदिया में संत रविदास का चबूतरा तोड़ने के मामले में ग्रामीण दो दिन से अनशन पर बैठे हुए हैं और संत का चबूतरा व मूर्ति स्थापना फिर से कराई जाने की मांग कर रहे हैं। रविवार को पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के पहुंचने पर ग्रामीणों ने नारेबाजी की और मंदिर नहीं बनाने पर आंदोलन की चेतावनी दी। फिलहाल क्षेत्र में तनाव बकरार है।
ग्राम बरौदिया में बीते 30 सितंबर को संत रविदास का चबूतरा को तोड़कर अवैध रुप से निर्माण करने के मामले में दो पक्षों का आपस में विवाद हो गया और गांव में धार्मिक स्थल को लेकर तनाव की स्थिति बन गई। इस मामले में दो महिलाओं के साथ मारपीट के मामले में नौ आरोपियों के खिलाफ दलित उत्पीड़न का मुकदमा भी थाना नाराहट पुलिस ने दर्ज कर लिया।
बीते शनिवार को एसडीएम पाली अविनाश त्रिपाठी, सीओ पाली श्यामनारायण सिंह गांव पहुंचे और दोनों पक्षों में सामंजस्य बनाने का प्रयास किया और उक्त स्थल ग्राम समाज की जमीन होने के चलते चबूतरा कहीं और बनाने की बात कही, जिस पर संत रविदास को मानने वाले लोग भड़क गए और मंदिर उसी स्थान पर बनाने की मांग करते हुए अनशन पर बैठ गए। दोनों पक्षों में सहमति नहीं बनने पर प्रशासनिक अधिकारी लौट आए थे, लेकिन सुरक्षा को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। उक्त लोग रविवार को भी उसी स्थान पर मंदिर बनाने को लेकर अनशन पर बैठे रहे। महिलाएं व सैकड़ों लोग अपनी मांगों पर डटे रहे। रविवार को अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार मिश्रा, एसडीएम और सीओ पाली एवं राजस्व अधिकारी गांव पहुंचे, तो वहां अनशन पर बैठे लोगों ने आधी रोटी खाएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे, प्रशासन की तानाशाही नहीं चलेगी के नारे लगाने शुरु कर दिए। काफी समझाने के बाद भी जब लोग नहीं माने तो पुलिस व प्रशासन के अधिकारी बैरंग लौट आए। हालांकि अभी मौके पर कई थानों की पुलिस तैनात है।
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ग्राम समाज की जमीन थी, जिस पर चबूतरा बनाने की शिकायत आई थी और दूसरे पक्ष ने चबूतरा तोड़ दिया था। उक्त जमीन को तारबाड़ी करवाकर ग्राम प्रधान के सुपुुर्द कर दिया गया है। एक पक्ष के लोग उक्त स्थान पर ही मंदिर बनाने की मांग कर रहे हैं, वह संभव नहीं है। यदि कोई शांति व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करता है तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अविनाश त्रिपाठी, एसडीएम पाली।
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ग्राम बरौदिया में बीते 30 सितंबर को संत रविदास का चबूतरा को तोड़कर अवैध रुप से निर्माण करने के मामले में दो पक्षों का आपस में विवाद हो गया और गांव में धार्मिक स्थल को लेकर तनाव की स्थिति बन गई। इस मामले में दो महिलाओं के साथ मारपीट के मामले में नौ आरोपियों के खिलाफ दलित उत्पीड़न का मुकदमा भी थाना नाराहट पुलिस ने दर्ज कर लिया।
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बीते शनिवार को एसडीएम पाली अविनाश त्रिपाठी, सीओ पाली श्यामनारायण सिंह गांव पहुंचे और दोनों पक्षों में सामंजस्य बनाने का प्रयास किया और उक्त स्थल ग्राम समाज की जमीन होने के चलते चबूतरा कहीं और बनाने की बात कही, जिस पर संत रविदास को मानने वाले लोग भड़क गए और मंदिर उसी स्थान पर बनाने की मांग करते हुए अनशन पर बैठ गए। दोनों पक्षों में सहमति नहीं बनने पर प्रशासनिक अधिकारी लौट आए थे, लेकिन सुरक्षा को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। उक्त लोग रविवार को भी उसी स्थान पर मंदिर बनाने को लेकर अनशन पर बैठे रहे। महिलाएं व सैकड़ों लोग अपनी मांगों पर डटे रहे। रविवार को अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार मिश्रा, एसडीएम और सीओ पाली एवं राजस्व अधिकारी गांव पहुंचे, तो वहां अनशन पर बैठे लोगों ने आधी रोटी खाएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे, प्रशासन की तानाशाही नहीं चलेगी के नारे लगाने शुरु कर दिए। काफी समझाने के बाद भी जब लोग नहीं माने तो पुलिस व प्रशासन के अधिकारी बैरंग लौट आए। हालांकि अभी मौके पर कई थानों की पुलिस तैनात है।
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ग्राम समाज की जमीन थी, जिस पर चबूतरा बनाने की शिकायत आई थी और दूसरे पक्ष ने चबूतरा तोड़ दिया था। उक्त जमीन को तारबाड़ी करवाकर ग्राम प्रधान के सुपुुर्द कर दिया गया है। एक पक्ष के लोग उक्त स्थान पर ही मंदिर बनाने की मांग कर रहे हैं, वह संभव नहीं है। यदि कोई शांति व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करता है तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अविनाश त्रिपाठी, एसडीएम पाली।

ग्रामीणों के साथ वार्ता करते एसडीएम पाली व पुलिस अधिकारी- फोटो : LALITPUR