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Lalitpur News: अमर उजाला संवाद में बोलीं साजदा, जीतना है दुनिया को तो न हारिए अपनी हिम्मत
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। चर्च रोड स्थित अमर उजाला कार्यालय में मंगलवार को महिला सशक्तीकरण पर महिलाओं से संवाद का आयोजन हुआ। महिलाओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को महिला सुरक्षा कानून के प्रति जागरूक करना होगा तभी महिलाएं सशक्त हो सकेंगी।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को खुद को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए। साजदा बानो ने कहा कि हम अपनी सुरक्षा को लेकर डर जाते हैं लेकिन ये याद रखना होगा कि ‘जीतना है दुनिया को तो न हारो अपनी हिम्मत’ उन्होंने कहा कि शराब अपराध की जननी है इस पर रोक लगना चाहिए। शिक्षिका रिचा अग्रवाल ने कहा कि महिला सुरक्षा कानून से हालात में सुधार हुआ है आज पहले जैसी स्थिति नहीं है। लेकिन आज भी कई क्षेत्रों में महिलाओं को संघर्ष करना पड़ता है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाएं खुद को मजबूत करने का संकल्प लें तभी वह अपराजिता बन सकती हैं। डॉ. शिल्पी जैन ने कहा कि महिलाओं को शिक्षित होना बहुत जरूरी है तभी वह हर चुनौती का सामना कर पाएंगी। मनविंदर कौर ने कहा कि सरकार ने महिला सुरक्षा कानून तो बना दिया लेकिन जानकारी के अभाव में महिलाओं को उसका लाभ नहीं मिलता है। अरुणा अग्रवाल ने कहा कि सरकार की योजनाएं महिलाओं तक नहीं पहुंच पाती जिस वजह से उन्हें हर स्तर पर परेशान होना पड़ता है। शिखा साहू ने कहा कि महिलाओं को निर्णय लेने के लिए मजबूत होना होगा, तभी कोई उन्हें परेशान नहीं कर पाएगा। प्रीति गुप्ता ने कहा कि आज अपने ही बच्चों की सुरक्षा करना चुनौती हो रहा है। महिला सुरक्षा कानून की जानकारी हर महिला को होना जरूरी है। रेनू अहिरवार ने कहा कि संविधान ने महिला को पुरुषों के समान अधिकार दिए हैं हमें उसकी जानकारी होनी चाहिए। सुनीता यादव ने कहा कि इस तरह के संवाद कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को जागरूक किया जा सकता है। शालिनी खरे ने कहा कि महिला कमजोर नहीं है आज वह हर क्षेत्र में काम कर रही है। जरूरत उनके अधिकारों की जानकारी की है। गीता साहू ने कहा कि महिलाओं में आत्मविश्वास की कमी दिखती है उन्हें मजबूत होने की जरूरत है। वैदेही मिश्रा ने कहा कि महिलाओं को स्वयं मजबूत होना होगा तभी वह संघर्ष कर आगे बढ़ सकेगी।अरबिंद बुंदेला ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शराब का चलन बढ़ रहा है जिससे घटनाएं हो रही। अधिकारियों को इस पर गंभीरता से विचार कर कार्रवाई करनी चाहिए। इस दौरान महिलाओं ने प्रसूता की मौत के मामले में दुख जताते हुए प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
ललितपुर। चर्च रोड स्थित अमर उजाला कार्यालय में मंगलवार को महिला सशक्तीकरण पर महिलाओं से संवाद का आयोजन हुआ। महिलाओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को महिला सुरक्षा कानून के प्रति जागरूक करना होगा तभी महिलाएं सशक्त हो सकेंगी।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को खुद को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए। साजदा बानो ने कहा कि हम अपनी सुरक्षा को लेकर डर जाते हैं लेकिन ये याद रखना होगा कि ‘जीतना है दुनिया को तो न हारो अपनी हिम्मत’ उन्होंने कहा कि शराब अपराध की जननी है इस पर रोक लगना चाहिए। शिक्षिका रिचा अग्रवाल ने कहा कि महिला सुरक्षा कानून से हालात में सुधार हुआ है आज पहले जैसी स्थिति नहीं है। लेकिन आज भी कई क्षेत्रों में महिलाओं को संघर्ष करना पड़ता है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाएं खुद को मजबूत करने का संकल्प लें तभी वह अपराजिता बन सकती हैं। डॉ. शिल्पी जैन ने कहा कि महिलाओं को शिक्षित होना बहुत जरूरी है तभी वह हर चुनौती का सामना कर पाएंगी। मनविंदर कौर ने कहा कि सरकार ने महिला सुरक्षा कानून तो बना दिया लेकिन जानकारी के अभाव में महिलाओं को उसका लाभ नहीं मिलता है। अरुणा अग्रवाल ने कहा कि सरकार की योजनाएं महिलाओं तक नहीं पहुंच पाती जिस वजह से उन्हें हर स्तर पर परेशान होना पड़ता है। शिखा साहू ने कहा कि महिलाओं को निर्णय लेने के लिए मजबूत होना होगा, तभी कोई उन्हें परेशान नहीं कर पाएगा। प्रीति गुप्ता ने कहा कि आज अपने ही बच्चों की सुरक्षा करना चुनौती हो रहा है। महिला सुरक्षा कानून की जानकारी हर महिला को होना जरूरी है। रेनू अहिरवार ने कहा कि संविधान ने महिला को पुरुषों के समान अधिकार दिए हैं हमें उसकी जानकारी होनी चाहिए। सुनीता यादव ने कहा कि इस तरह के संवाद कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को जागरूक किया जा सकता है। शालिनी खरे ने कहा कि महिला कमजोर नहीं है आज वह हर क्षेत्र में काम कर रही है। जरूरत उनके अधिकारों की जानकारी की है। गीता साहू ने कहा कि महिलाओं में आत्मविश्वास की कमी दिखती है उन्हें मजबूत होने की जरूरत है। वैदेही मिश्रा ने कहा कि महिलाओं को स्वयं मजबूत होना होगा तभी वह संघर्ष कर आगे बढ़ सकेगी।अरबिंद बुंदेला ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शराब का चलन बढ़ रहा है जिससे घटनाएं हो रही। अधिकारियों को इस पर गंभीरता से विचार कर कार्रवाई करनी चाहिए। इस दौरान महिलाओं ने प्रसूता की मौत के मामले में दुख जताते हुए प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
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