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सिर्फ कागज पर ही निस्तारित हो रहीं शिकायतें
lalitpur
Updated Mon, 05 Nov 2018 01:27 AM IST
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administration
- फोटो : amar ujala
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महरौनी। विकासखंड महरौनी अंतर्गत ग्राम पडवां के एक बाशिंदे ने पीडब्लूडी द्वारा ग्राम में डलवाई गई गुणवत्ता विहीन पेबर ब्रिक्स रोड की जांच कर रोड की मरम्मत कराने के बिषय में कई बार आईजीआरएस पर शिकायतें दर्ज कराई। किन्तु हर बार विभाग द्वारा अलग-अलग अख्याएं लगाकर शिकायत का पोर्टल पर निस्तारण फीड करा दिया गया है।
सर्वप्रथम शिकायतकर्ता ने 23 दिसंबर 2017 को आईजीआरएस शिकायत संख्या 4001671006119 द्वारा शिकायत की थी कि वर्ष 2013-14 में त्वरित विकास योजना के तहत ग्राम में मुख्य स्टैंड से जैन मंदिर तक कराये गए पेबर ब्रिक्स रोड का निर्माण कराया था, जिसमें करीब 5-6 जगह पर करीब 10-10 मीटर में गुणवत्ताविहीन पेवर ब्रिक्स लगवाये गए थे जो रोड बनते ही टूट गए थे इस शिकायत के निस्तारण में विभागीय आख्या में दर्शाया गया कि कार्य 5 वर्ष पूर्व हुआ था, जिसकी मरम्मत धनराशि उपलब्ध होते ही करा दी जाएगी। इस रोड के संबंध में अन्य कई ग्रामीणों ने भी लगातार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की थी। मरम्मत की मांग की जाती रही, लेकिन विभाग द्वारा अब तक शिकायत का निस्तारण नही हुआ। इस रोड का लंबे समय तक जब मरम्मत नही हुई तो शिकायतकर्ता ने 19 जुलाई 2018 में आईजीआरएस शिकायत संख्या 40016718016551 द्वारा रद्दी पेवर ब्रिक्स की तकनीकी जाँच कराते हुए फर्जी एम् बी करके गुणवत्ताविहीन ब्रिक्स का गलत भुगतान करने वाले कर्मचारी के विरुद्ध कार्यवाही करने की मांग की थी। जिसकी जाँच आख्या में विभाग द्वारा इस रोड की अनुरक्षण अवधि 8 वर्ष मानते हुए मरम्मत कराने के संकेत दिये थे लेकिन कोई मरम्मत नही हुई। विभाग की फर्जी निस्तारण अख्याओ को देखते हुए शिकायत कर्ता ने 2 अक्टूबर 2018 में तीसरी बार पुन: शिकायत दर्ज कराई जिसकी निस्तारण आख्या में रोड के पेबर ब्रिक्स ग्रामीणो द्वारा निकाल लिए जाने व ट्रेक्टर आदि के निकलने से टूट जाने की हास्यास्पद टिप्पणियाँ लिख दी व 8 वर्ष पूरे हो जाने पर ही नवीनीकरण हो पाने की स्थिति लिख दी गयी।रोड की स्थिति देखकर साफ साफ देखा जा सकता कि पेबर ब्रिक्स ग्रामीणों द्वारा निकाल लेने से उखड़ गए कि खराब गुनवत्ता के कारण चकनाचूर हुए है।जो बरहाल स्थिति मे अभी भी मौके पर लगे हुये है ।लेकिन विभागीय अधिकारियो द्वारा एक ही मामले की अलग अलग आख्या देने व मौके पर कोई ठोस कार्यवाही न होने के चलते शासन द्वारा ग्रामीणो के लिये बनाये गये इस पोर्टल पर से विश्वास हटता जा रहा है ।जो देश के आमजन को मिलने वाले न्याय को मुंह चढा रहा है ।
ग्रामीण क्षेत्र।ो मे कोई भी सडक निर्माण कार्य होने के बाद शासन के निर्देशानुसार 8 वर्ष के पहले कोई भी मरम्मत का कार्य विभाग द्वारा नही हो सकता है ।चूंकि गांवो मे ट्रेक्टर प्रणाली व अन्य भारी बहानो की आवाजाही मे कोई रोक टोक नही हो पाती है ।जिससे सड़के जल्दी खराब हो जाती है ।पडवां ग्राम के मार्ग के निर्माण के लिये प्रस्ताव सूची मे जोड़ दिया गया है ।शासन से स्वीकृत होने के बाद शीघ्र कार्य शुरू हो जायेगा ।
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सुबोध कुमार, सहायक अभियंता, पीडब्लूडी
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सर्वप्रथम शिकायतकर्ता ने 23 दिसंबर 2017 को आईजीआरएस शिकायत संख्या 4001671006119 द्वारा शिकायत की थी कि वर्ष 2013-14 में त्वरित विकास योजना के तहत ग्राम में मुख्य स्टैंड से जैन मंदिर तक कराये गए पेबर ब्रिक्स रोड का निर्माण कराया था, जिसमें करीब 5-6 जगह पर करीब 10-10 मीटर में गुणवत्ताविहीन पेवर ब्रिक्स लगवाये गए थे जो रोड बनते ही टूट गए थे इस शिकायत के निस्तारण में विभागीय आख्या में दर्शाया गया कि कार्य 5 वर्ष पूर्व हुआ था, जिसकी मरम्मत धनराशि उपलब्ध होते ही करा दी जाएगी। इस रोड के संबंध में अन्य कई ग्रामीणों ने भी लगातार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की थी। मरम्मत की मांग की जाती रही, लेकिन विभाग द्वारा अब तक शिकायत का निस्तारण नही हुआ। इस रोड का लंबे समय तक जब मरम्मत नही हुई तो शिकायतकर्ता ने 19 जुलाई 2018 में आईजीआरएस शिकायत संख्या 40016718016551 द्वारा रद्दी पेवर ब्रिक्स की तकनीकी जाँच कराते हुए फर्जी एम् बी करके गुणवत्ताविहीन ब्रिक्स का गलत भुगतान करने वाले कर्मचारी के विरुद्ध कार्यवाही करने की मांग की थी। जिसकी जाँच आख्या में विभाग द्वारा इस रोड की अनुरक्षण अवधि 8 वर्ष मानते हुए मरम्मत कराने के संकेत दिये थे लेकिन कोई मरम्मत नही हुई। विभाग की फर्जी निस्तारण अख्याओ को देखते हुए शिकायत कर्ता ने 2 अक्टूबर 2018 में तीसरी बार पुन: शिकायत दर्ज कराई जिसकी निस्तारण आख्या में रोड के पेबर ब्रिक्स ग्रामीणो द्वारा निकाल लिए जाने व ट्रेक्टर आदि के निकलने से टूट जाने की हास्यास्पद टिप्पणियाँ लिख दी व 8 वर्ष पूरे हो जाने पर ही नवीनीकरण हो पाने की स्थिति लिख दी गयी।रोड की स्थिति देखकर साफ साफ देखा जा सकता कि पेबर ब्रिक्स ग्रामीणों द्वारा निकाल लेने से उखड़ गए कि खराब गुनवत्ता के कारण चकनाचूर हुए है।जो बरहाल स्थिति मे अभी भी मौके पर लगे हुये है ।लेकिन विभागीय अधिकारियो द्वारा एक ही मामले की अलग अलग आख्या देने व मौके पर कोई ठोस कार्यवाही न होने के चलते शासन द्वारा ग्रामीणो के लिये बनाये गये इस पोर्टल पर से विश्वास हटता जा रहा है ।जो देश के आमजन को मिलने वाले न्याय को मुंह चढा रहा है ।
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ग्रामीण क्षेत्र।ो मे कोई भी सडक निर्माण कार्य होने के बाद शासन के निर्देशानुसार 8 वर्ष के पहले कोई भी मरम्मत का कार्य विभाग द्वारा नही हो सकता है ।चूंकि गांवो मे ट्रेक्टर प्रणाली व अन्य भारी बहानो की आवाजाही मे कोई रोक टोक नही हो पाती है ।जिससे सड़के जल्दी खराब हो जाती है ।पडवां ग्राम के मार्ग के निर्माण के लिये प्रस्ताव सूची मे जोड़ दिया गया है ।शासन से स्वीकृत होने के बाद शीघ्र कार्य शुरू हो जायेगा ।
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सुबोध कुमार, सहायक अभियंता, पीडब्लूडी