फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   River water full in field

नहर का पानी खेतों में भरा

Tue, 03 Dec 2019 12:00 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 03 Dec 2019 12:00 AM IST
विज्ञापन
River water full in field
बार। कस्बा बार के मजरा मोतीखेरा के अन्नदाताओं की मुसीबत बढ़ गई है। सिंचाई के लिए डुलावन-डीबाई नहर में पानी छोड़ने से आसपास के किसानों की फसल पानी में डूब गई है। अब किसानों को समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करें। किसानों ने डीएम से न्याय की मांग की है।
विज्ञापन

किसानों ने ज्ञापन में बताया कि सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने किसानों को सूचना नहीं दी व नहर खोल दी, लेकिन नहर की सफाई नहीं होने के कारण उसका पानी आसपास के खेतों में भर गया। किसानों के खेतों में पानी से कटान हो गया है और जो फसल उगी थी, वह पानी में डूब गई है। किसानों ने खरीफ की फसल नष्ट होने के बाद किसी तरह से पैसे का इंतजाम करके रबी की फसल बोई थी, लेकिन इस फसल की उम्मीदें विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही की भेंट चढ़ गई हैं।
विज्ञापन

किसानों ने बताया कि उन्होंने सिंचाई विभाग के कर्मचारियों से जब नहर को खोलने की मांग की थी, तब उन्होंने खोली नहीं और हजारों रुपये का डीजल खेतों की सिंचाई करने में खर्च कर दिया, इसके बाद बिना सूचना के नहर खोल दी, जिससे फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

किसानों ने बताया कि डुलावन- डीबाई नहर की सफाई नहीं कराई गई। इससे नहर में झाड़ झांकड लगे हैं। इससे पानी रुक- रुककर आगे बढ़ा और जहां से निकलने की जगह मिली, पानी अन्नदाताओं के सीने से गुजरता हुआ चला गया। किसानों ने मांग की है कि लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर किसानों को मुवावजा दियदा जाए। ज्ञापन पर शंकरदयाल मिश्रा, पार सिंह, स्वामी प्रसाद मिश्रा, भगवत शरण पुरोहित, मुन्नी देवी, काशीराम, दुर्ग सिंह, ध्रुव कुमार, जयराम झा, शंकर यादव, मानसिंह , रामसेवक, गुड्डा, त्रिभुवन सिंह सहित अन्य किसानों के हस्ताक्षर हैं।
गोविंद सागर बांध से निकली खजरा माइनर नहर का पानी भी कई स्थानों पर किसानों के लिए बर्बादीभरा साबित हो रहा है। किसान बुवाई कर चुके हैं, लेकिन नहर फूटने से खेत तालाब बन गए हैं। कुछ खेतों में पानी के बहाव से मिट्टी कट गई है। ब्लाक बार के ग्राम कारीटोरन में किसानों के बुवाई वाले खेतों में पानी भर गया है। इससे खाद व बीज दोनों ही बर्बाद हो गए है।
बीते रोज ही खेत में पलेवा के बाद बुवाई करके आए थे, लेकिन नहर फूटने से खेत में पानी भर गया है। इससे खाद व बीज पूरी तरह से बर्बाद हो गया है।
- पुनीत पाठक
कर्ज लेकर रबी की फसल की बुवाई की थी, लेकिन खेत में पानी भर गया इससे उगी हुई फसल भी पूरी तरह से खराब हो गई है।
- विनीत दुबे
खेत में पलेवा के बाद बुवाई करके पूरी तरह से बेफ्रिक हो गए थे, लेकिन खेत में बीज तो दूर पानी के बहाव से मिट्टी का भी कटान हो गया है। अब फसल होना मुश्किल है।

- हरीराम विश्वकर्मा
कई किसान खेतों में पलेवा कर चुके हैं। इस कारण पानी तेजी से जा रहा है। जहां नौ किलोमीटर तक जाना था, अब दस किलोमीटर तक पहुंच रहा है। किसानों के खेतों में पानी भरने की सूचना पर नहर का गेज कम करा दिया गया है। जहां नहर फूटने की सूचना है, वहां मरम्मत कराई जाएगी।
- विकास दीप भारती, अवर अभियंता, राजघाट निर्माण खंड
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed