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संस्कार युक्त जीवन में है शांति
ब्यूरो ललितपुर
Updated Tue, 22 Dec 2015 12:04 AM IST
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ललितपुर। आर्यिका पूर्णमति माताजी ने कहा कि संस्कारयुक्त जीवन में ही शांति है। अभिभावकों ने यदि बच्चों को प्रारंभ से संस्कार दिए तो निश्चय ही उनका भविष्य संवरेगा। पाठशालाएं आधुनिकता के दौर में अध्यात्म का साक्षात्कार कराने वाली संस्कार शालाएं है। इसमें व्यसन मुक्ति और दुख से सुख की ओर ले जाने के संस्कार मिलते हैं।
जीवन के प्रारंभिक दौर के संस्कार वृद्धावस्था तक को संवारते हैं। इस दौरान बेटियों को सम्मानित किया गया।
श्री क्षेत्रपाल मंदिर में आचार्य विद्यासागर पाठशाला के बच्चों ने धार्मिक प्रस्तुति के माध्यम से उपस्थित लोगों की वाहवाही लूटी। दिगंबर जैन पंचायत ने जैन मंदिरों में संचालित पाठशालाओं के माध्यम से बच्चों को धार्मिक संस्कार प्रदान करने वाली बेटियों को सम्मानित किया। इस मौके पर आर्यिका पूर्णमति माताजी ने धर्मसभा को संबोधित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज के चित्र के अनावरण से हुआ। नगर में संचालित आचार्य विद्या सागर पाठशाला अटा मंदिर, श्री क्षेत्रपाल मंदिर, नईबस्ती, बड़ा मंदिर, नया मंदिर, बाहुबलि नगर, डोंढा घाट और इलाइट मंदिर की संचालिकाओं ने आर्यिका पूर्णमति माताजी को शास्त्र भेंट किए।
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जैन पंचायत के अध्यक्ष अनिल जैन अंचल ने धर्म ध्वजा का रोपण कर संस्कारों की जननी पाठशालाओं को समाज का गौरव बताया। मंगलाचरण के उपरांत पाठशाला के छात्रों ने दर्शन पाठ, 24 तीर्थंकर स्तुति, पंचगुरु भक्ति, तत्वार्थ सूत्र, भक्तांबरजी आदि का पाठ किया। धर्म ही जीवन का सहारा है नाटक की प्रस्तुति दी गई। इस दौरान नया मंदिर पाठशाला की पांच वर्षीय तनु पुत्री अक्षय जैन ने अपनी प्रस्तुति से खूब वाहवाही लूटी।
पाठशाला में गत 10 वर्षों से सहयोग प्रदान करने वाली बहनों एवं पाठशाला के संचालन के लिए ब्रह्मचारी मनोज भैया को जैन पंचायत ने प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर महामंत्री डा. अक्षय टडैया, संयोजक प्रदीप जैन सतरवांस, मुकेश सराफ, संजीव जैन, अक्षय अलया, अभिषेक अनौरा, नीरज जैन मुल्लन, जितेंद्र जैन राजू, शुभेंदु जैन बंट, कैलाश सराफ, सुधीर जैन सेवनी, आनंद जैन, जिनेंद्र जैन रजपुरा, वीरेंद्र जैन विद्रोही, विजय जैन, पवन जैन सैदपुर, शीलचंद अनौरा, राजेंद्र जैन थनवारा, पार्षद पंकज जैन, जिनेंद्र जैन थनवारा, कंछेदीलाल सिंघई, कुंदन लाल जैन, अन्नू भैया, सुरेंद्र जैन हिमू, आशीष, भूपेंद्र जैन, हिमांशु जैन, लालू मौजूद रहे।
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जीवन के प्रारंभिक दौर के संस्कार वृद्धावस्था तक को संवारते हैं। इस दौरान बेटियों को सम्मानित किया गया।
श्री क्षेत्रपाल मंदिर में आचार्य विद्यासागर पाठशाला के बच्चों ने धार्मिक प्रस्तुति के माध्यम से उपस्थित लोगों की वाहवाही लूटी। दिगंबर जैन पंचायत ने जैन मंदिरों में संचालित पाठशालाओं के माध्यम से बच्चों को धार्मिक संस्कार प्रदान करने वाली बेटियों को सम्मानित किया। इस मौके पर आर्यिका पूर्णमति माताजी ने धर्मसभा को संबोधित किया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज के चित्र के अनावरण से हुआ। नगर में संचालित आचार्य विद्या सागर पाठशाला अटा मंदिर, श्री क्षेत्रपाल मंदिर, नईबस्ती, बड़ा मंदिर, नया मंदिर, बाहुबलि नगर, डोंढा घाट और इलाइट मंदिर की संचालिकाओं ने आर्यिका पूर्णमति माताजी को शास्त्र भेंट किए।
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जैन पंचायत के अध्यक्ष अनिल जैन अंचल ने धर्म ध्वजा का रोपण कर संस्कारों की जननी पाठशालाओं को समाज का गौरव बताया। मंगलाचरण के उपरांत पाठशाला के छात्रों ने दर्शन पाठ, 24 तीर्थंकर स्तुति, पंचगुरु भक्ति, तत्वार्थ सूत्र, भक्तांबरजी आदि का पाठ किया। धर्म ही जीवन का सहारा है नाटक की प्रस्तुति दी गई। इस दौरान नया मंदिर पाठशाला की पांच वर्षीय तनु पुत्री अक्षय जैन ने अपनी प्रस्तुति से खूब वाहवाही लूटी।
पाठशाला में गत 10 वर्षों से सहयोग प्रदान करने वाली बहनों एवं पाठशाला के संचालन के लिए ब्रह्मचारी मनोज भैया को जैन पंचायत ने प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर महामंत्री डा. अक्षय टडैया, संयोजक प्रदीप जैन सतरवांस, मुकेश सराफ, संजीव जैन, अक्षय अलया, अभिषेक अनौरा, नीरज जैन मुल्लन, जितेंद्र जैन राजू, शुभेंदु जैन बंट, कैलाश सराफ, सुधीर जैन सेवनी, आनंद जैन, जिनेंद्र जैन रजपुरा, वीरेंद्र जैन विद्रोही, विजय जैन, पवन जैन सैदपुर, शीलचंद अनौरा, राजेंद्र जैन थनवारा, पार्षद पंकज जैन, जिनेंद्र जैन थनवारा, कंछेदीलाल सिंघई, कुंदन लाल जैन, अन्नू भैया, सुरेंद्र जैन हिमू, आशीष, भूपेंद्र जैन, हिमांशु जैन, लालू मौजूद रहे।