ललितपुर। राजकीय इंटर कॉलेज सभागार में बृहस्पतिवार को ‘जन जन के राम, शबरी के राम’ थीम पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देख दर्शक भावविभोर हो गए। इस मौके पर वक्ताओं ने भगवान राम की महिमा का बखान करते हुए कहा कि संसार का सबसे बड़ा ग्रंथ रामचरित मानस है। कार्यक्रम का शुभारंभ सदर विधायक रामरतन कुशवाहा सहित मंचासीन अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर किया।
पर्यटन विभाग एवं संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के उपाध्यक्ष हरगोविंद्र कुशवाहा ने कहा कि संपूर्ण विश्व को समरसता का संदेश देने के लिए भगवान श्री राम को बनारस जाना पड़ा, रामचरित मानस ग्रंथ संसार का सबसे बड़ा ग्रंथ है। रामचरित मानस की रचना राजा दक्ष की पुत्री को उनकी भ्रांति को दूर करने के लिए की गई थी। शबरी प्रभु श्री राम के ब्रह्म के रुप में दर्शन हुए। डॉ. ओमप्रकाश शास्त्री ने कहा कि त्रेता युग में भगवान राम का जन्म हुआ, भगवान राम के अवतार के बारे में राम काव्य में वर्णन है। जन-जन के राम को बाल्मीकि के राम की संज्ञा दी गई है। भगवान राम चक्रवर्ती सम्राट थे। भगवान के चरण धोने का सुअवसर केवट को मिला था, लंका विजय के उपरांत भगवान राम के राजतिलक के समय दूसरा तिलक केवट ने किया था। डीएम अन्नावि दिनेश कुमार ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के चरित्र को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया गया था। भगवान राम मर्यादा पुरुषोत्तम तो थे ही, साथ ही वे एक कुशल राजा भी थे। हम सभी को उनके आदर्शों को अपने जीवन में ढालने की जरुरत है। चंडी मंदिर के महंत चंद्रशेखर गिरि ने कहा कि भगवान के चरणों में अनुराग पैदा करने के लिए विवेक की आवश्यकता होती है। जिन्होंने रामकथा को लिखा, वे भगवान का ही स्वरुप थे। जिस व्यक्ति को मोह हो जाता है, वह क्लसित हो जाता है। भगवान शंकर से बड़ा योगी इस संसार में और कोई नहीं है। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक निखिल पाठक, सीडीओ अनिल कुमार पांडेय, भाजपा जिलाध्यक्ष राजकुमार जैन, एडीएम अनिल कुमार मिश्र, महंत गंगादास नृसिंह मंदिर, डॉ. जनक किशोरी, बाबूलाल द्विवेदी, राजकुमार शर्मा, मनीष अग्रवाल, भावना गोस्वामी आदि मौजूद रहे।

दीप प्रज्वलन करते एसपी निखिल पाठक- फोटो : LALITPUR