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Lalitpur News: दो ट्रेनों को नया रूप देगी रेल कोच फैक्टरी
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। पुरानी हो चुकी ट्रेनों और उनके कोच को झांसी में नया रूप दिया जाएगा। यहां बने रेल कोच नवीनीकरण कारखाने में आईसीएफ कोचों को एलएचबी में तब्दील करना शुरू कर दिया गया है। रेलवे बोर्ड ने पहले चरण में पश्चिम मध्य रेलवे की दो ट्रेनों के 24 काेचों की मरम्मत का जिम्मा कारखाने को सौंपा है। यहां सितंबर में ट्रेनें आनी शुरू हो जाएंगी।
झांसी में 632 करोड़ की लागत से रेल कोच नवीनीकरण कारखाने का निर्माण किया गया है। यहां हर साल 250 काेचों का नवीनीकरण किया जाएगा। बीते 12 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस रेल कोच कारखाने का लोकार्पण किया था। इसके बाद रेलवे बोर्ड ने कारखाना प्रबंधन को काम सौंपना शुरू कर दिया है। बोर्ड ने पश्चिम मध्य रेलवे (जबलपुर) की दो ट्रेनों के कोचों को यहां मरम्मत के लिए भेजने के निर्देश दिए हैं।
इन ट्रेनों में लगे आईसीएफ कोचों को यहां एलएचबी (लिंक हाफमैन बुश) कोच में बदला जाएगा। कारखाना प्रबंधन के मुताबिक दो चरणों में यहां ट्रेनों के कोच की मरम्मत होगी। 16 कोच वाली पहली ट्रेन सितंबर में यहां आएगी। इसके बाद दिसंबर में आठ कोच की ट्रेन को यहां भेजा जाएगा। इसके लिए कारखाने में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
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- कोच पर पेंट करेंगे रोबोट
रेल कोच नवीनीकरण कारखाने में आधुनिक मशीनों से कोच की मरम्मत होगी। यहां रोबोट से कोच पर पेंट किया जाएगा। कारखाने के सात शेडों में कोचों को नया रूप दिया जाएगा।
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कारखाने में कोचों की मरम्मत का काम चल रहा है। रेलवे बोर्ड ने अब पश्चिम मध्य रेलवे की दो ट्रेनों के कोच की मरम्मत का काम सौंपा है। सितंबर में यहां पहली ट्रेन आ जाएगी।
- अतुल कनौजिया, मुख्य कारखाना प्रबंधक, रेल कोच नवीनीकरण कारखाना
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झांसी। पुरानी हो चुकी ट्रेनों और उनके कोच को झांसी में नया रूप दिया जाएगा। यहां बने रेल कोच नवीनीकरण कारखाने में आईसीएफ कोचों को एलएचबी में तब्दील करना शुरू कर दिया गया है। रेलवे बोर्ड ने पहले चरण में पश्चिम मध्य रेलवे की दो ट्रेनों के 24 काेचों की मरम्मत का जिम्मा कारखाने को सौंपा है। यहां सितंबर में ट्रेनें आनी शुरू हो जाएंगी।
झांसी में 632 करोड़ की लागत से रेल कोच नवीनीकरण कारखाने का निर्माण किया गया है। यहां हर साल 250 काेचों का नवीनीकरण किया जाएगा। बीते 12 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस रेल कोच कारखाने का लोकार्पण किया था। इसके बाद रेलवे बोर्ड ने कारखाना प्रबंधन को काम सौंपना शुरू कर दिया है। बोर्ड ने पश्चिम मध्य रेलवे (जबलपुर) की दो ट्रेनों के कोचों को यहां मरम्मत के लिए भेजने के निर्देश दिए हैं।
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इन ट्रेनों में लगे आईसीएफ कोचों को यहां एलएचबी (लिंक हाफमैन बुश) कोच में बदला जाएगा। कारखाना प्रबंधन के मुताबिक दो चरणों में यहां ट्रेनों के कोच की मरम्मत होगी। 16 कोच वाली पहली ट्रेन सितंबर में यहां आएगी। इसके बाद दिसंबर में आठ कोच की ट्रेन को यहां भेजा जाएगा। इसके लिए कारखाने में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
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- कोच पर पेंट करेंगे रोबोट
रेल कोच नवीनीकरण कारखाने में आधुनिक मशीनों से कोच की मरम्मत होगी। यहां रोबोट से कोच पर पेंट किया जाएगा। कारखाने के सात शेडों में कोचों को नया रूप दिया जाएगा।
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कारखाने में कोचों की मरम्मत का काम चल रहा है। रेलवे बोर्ड ने अब पश्चिम मध्य रेलवे की दो ट्रेनों के कोच की मरम्मत का काम सौंपा है। सितंबर में यहां पहली ट्रेन आ जाएगी।
- अतुल कनौजिया, मुख्य कारखाना प्रबंधक, रेल कोच नवीनीकरण कारखाना