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Lalitpur News: दस सहकारी समितियों पर नहीं खुल सके क्रय केंद्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद का लक्ष्य कैसे पूरा हो, जब 41 सहकारी समितियों में दस पर क्रय केंद्र ही नहीं खोले गए। अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों की कमी से ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। यहां कुल 41 सचिव के पद सृजित हैं, जिसके सापेक्ष मात्र 13 कार्यरत हैं। 17 कर्मचारियों को अन्य पर प्रभारी बनाकर संचालित कराया जा रहा है।
शासन ने सहकारी समिति को 84 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया है। एक मार्च से क्रय केंद्र संचालित हो रहे हैं। करीब दो माह में विभाग लक्ष्य के सापेक्ष आठ फीसदी ही खरीद कर सका है। आंकड़ों के अनुसार लगभग छह हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। अब लगभग डेढ़ माह का समय शेष है। यहां संचालित 41 सहकारी समितियों में 31 पर ही गेहूं की खरीद हो रही है। शेष दस सहकारी समितियों पर खरीद केंद्र नहीं बनाए जा सके। ऐसे में किसानों को मजबूरन बाजार में गेहूं बेचना पड़ रहा है। बांसी क्षेत्र में दस किलोमीटर से अधिक दूरी तक कोई क्रय केंद्र नहीं खोला जा सका है। यही स्थिति अन्य क्षेत्रों की भी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दस सहकारी समितियों को अतिरिक्त प्रभारी देकर संचालित किया जा रहा है। कर्मचारियों की कमी के चलते क्रय केंद्र नहीं खोले जा सके हैं।
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यह है स्थिति
सहकारी समितियां - 41
संचालित समितियां- 31
बिना क्रय केंद्र के समितियां - 10
समिति सचिव की जरूरत - 41
वर्तमान में कार्यरत सचिव - 13
प्रभारियों की संख्या - 17
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सहकारी समिति पर खरीद केंद्र बनाए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन नहीं खोला गया। इससे किसानों को परेशानी हो रही है।
- शशिप्रभा दुबे, अध्यक्ष सहकारी समिति, बांसी
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सहकारी समितियों पर सचिव की कमी है। कर्मचारियों की कमी के चलते दस सहकारी समितियों पर क्रय केंद्र नहीं बनाए जा सके हैं।
- अरविंद मेहर सिंह, एआर कोऑपरेटिव
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ललितपुर। क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद का लक्ष्य कैसे पूरा हो, जब 41 सहकारी समितियों में दस पर क्रय केंद्र ही नहीं खोले गए। अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों की कमी से ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। यहां कुल 41 सचिव के पद सृजित हैं, जिसके सापेक्ष मात्र 13 कार्यरत हैं। 17 कर्मचारियों को अन्य पर प्रभारी बनाकर संचालित कराया जा रहा है।
शासन ने सहकारी समिति को 84 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया है। एक मार्च से क्रय केंद्र संचालित हो रहे हैं। करीब दो माह में विभाग लक्ष्य के सापेक्ष आठ फीसदी ही खरीद कर सका है। आंकड़ों के अनुसार लगभग छह हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। अब लगभग डेढ़ माह का समय शेष है। यहां संचालित 41 सहकारी समितियों में 31 पर ही गेहूं की खरीद हो रही है। शेष दस सहकारी समितियों पर खरीद केंद्र नहीं बनाए जा सके। ऐसे में किसानों को मजबूरन बाजार में गेहूं बेचना पड़ रहा है। बांसी क्षेत्र में दस किलोमीटर से अधिक दूरी तक कोई क्रय केंद्र नहीं खोला जा सका है। यही स्थिति अन्य क्षेत्रों की भी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दस सहकारी समितियों को अतिरिक्त प्रभारी देकर संचालित किया जा रहा है। कर्मचारियों की कमी के चलते क्रय केंद्र नहीं खोले जा सके हैं।
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यह है स्थिति
सहकारी समितियां - 41
संचालित समितियां- 31
बिना क्रय केंद्र के समितियां - 10
समिति सचिव की जरूरत - 41
वर्तमान में कार्यरत सचिव - 13
प्रभारियों की संख्या - 17
सहकारी समिति पर खरीद केंद्र बनाए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन नहीं खोला गया। इससे किसानों को परेशानी हो रही है।
- शशिप्रभा दुबे, अध्यक्ष सहकारी समिति, बांसी
सहकारी समितियों पर सचिव की कमी है। कर्मचारियों की कमी के चलते दस सहकारी समितियों पर क्रय केंद्र नहीं बनाए जा सके हैं।
- अरविंद मेहर सिंह, एआर कोऑपरेटिव