फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   pulse buy centre lalitpurr

केंद्र प्रभारियों के बदलने के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था

Sat, 22 Dec 2018 12:16 AM IST
lalitpur Published by: Pragyan dubey Updated Sat, 22 Dec 2018 12:16 AM IST
विज्ञापन
pulse buy centre lalitpurr
प्रशासन - फोटो : sample
ललितपुर। जिले में उड़द खरीद को पारदर्शी बनाने के लिए कई केंद्रों के प्रभारियों को बदला गया है। इसके बाद भी केंद्रों पर उड़द बेचने पहुंच रहे किसानों को राहत नहीं मिल पाई है। आज भी व्यापारियों के दखल के चलते उड़द खरीद सवालों के घेरे में बनी हुई है।
विज्ञापन

शासन ने किसानों को तय समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के लिए क्रय केंद्र की स्थापना की है। इसमें पीसीएफ अमरपुर मंडी, सिलावन, सेरवासकला, देवरान, पारौल व बिरधा के नाम से क्रय केंद्र खुले हैं। इनमें बीते कई दिनों से व्यापारियों के माल तुलने की शिकायतें प्रशासनिक अफसरों को प्राप्त हो रही हैं। सबसे पहले मड़ावरा का केंद्र प्रभारी बदला गया। उसके बाद महरौनी व अमरपुर मंडी के केंद्र प्रभारी बदले गए। वहीं, पीसीएफ जिला प्रबंधक की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उनसे स्पष्टीकरण तलब किया। जब जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने प्रशासनिक अफसरों सहित खुद मोर्चा संभाला तो कई केंद्रों पर गड़बड़झाला उजागर हो गया। अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने मंडी में स्टाक की जांच की तो इस दौरान उन पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए मंडी बंद कर दी गई। व्यापारियों ने उन्हें सभापति पद से हटाने की मांग रखी दी। वहीं, जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बीते दिनों अमरपुर मंडी के केंद्र प्रभारी को निलंबित कर दिया था और खरीद के अभिलेख जब्त कर दिए थे। वहीं, मड़ावरा में गड़बड़ी की आशंका में गोदाम सील कर दिया था। इन सबके बाद भी जिला प्रशासन उन तक नहीं पहुंच पाया तो इस क्षेत्र के माहिर खिलाड़ी माने जाते हैं। यही वजह है कि वर्तमान में भी व्यापारी खरीद में अपना दखल बनाए हुए हैं। महत्वपूर्ण बात यह रही कि जिन दिनों में मंडी बंद रही, उन दिनों में क्रय केंद्रों पर उड़द खरीद जरूर कमजोर हुई। यह चर्चा का विषय बना हुआ है।
विज्ञापन


नहीं हो सकी बड़ी कार्रवाई
उड़द खरीद में कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है। जिस वजह से व्यापारियों का दखल पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाया है।  

नजर रख रहे प्रशासनिक अधिकारी
उड़द खरीद पर प्रशासनिक अधिकारी नजर रखे हुए हैं। इसके चलते केंद्रों पर गड़बड़ियों पर अंकुश लगा है।  
रमेश कुमार गुप्ता, सहायक निबंधक, सहकारी समितियां

इतनी हुई खरीद
पीसीएफ अमरपुर में 1210.550 मीट्रिक टन, महरौनी 401.750 मीट्रिक टन, सेरवासकलां में 397.500 मीट्रिक टन, देवरान में 171.200 मीट्रिक टन, पारौल में 829.450 मीट्रिक टन, बिरधा केंद्र पर 622.250 मीट्रिक टन उड़द खरीदा गया है। इस प्रकार जिले में कुल 3632.900 मीट्रिक टन उड़द खरीद हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


व्यापारियों नेताओं की मध्यस्थता से खुली मंडी
मंडी व्यापारियों ने एडीएम को सभापति से हटाने व व्यापारी का लाइसेंस बहाल करने की मांग को लेकर मंडी की थी। इससे किसान संगठनों ने व्यापारियों के मंडी बंद करने के निर्णय पर खुलकर विरोध जता दिया था। इस मामले में व्यापारियों के बड़े नेताओं ने मध्यस्थता की तब जाकर मंडी का कामकाज सामान्य हो सका।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed