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महिलाओ को बराबरी का स्थान दिए बिना भारत की तरक्की संभव नही
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पूर्व माध्यमिक विद्यालय में अपराजिता की शपथ लेती छात्राएं
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। अमर उजाला के ‘अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स’ मुहिम के तहत पूर्व माध्यमिक विद्यालय सिविल लाइन में छात्राओं ने नारी गरिमा को अक्षुण्य बनाए रखने की शपथ ली।
छात्राओं को अपराजिता की शपथ दिलाते हुए अमरीन ने कहा कि छात्राएं स्वयं में शक्तिशाली बनें, जिससे अपने जीवन से जुड़े हर फैसले स्वयं ले सकें। इससे वह परिवार और समाज में अच्छे से रह सकती हैं। उन्होंने कहा कि नारी सर्वस्व विधाता है, उससे ही सारा संसार जीवन पाता है। कार्यक्रम में अमरीन ने छात्राओं को वूमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, डायल-112 आदि के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर बिना किसी संकोच के इन नंबरों का उपयोग करें। छात्राओं ने अपराजिता मुहिम से जुड़ने के लिए शपथ पत्र भरे। इस दौरान अनुराधा, आंशी, चांदनी, साजिया, नशरा, आलिया, राधिका, कृष्णा, मुस्कान, रहनुमा, प्रीति, सोनम, रजनी आदि छात्राएं मौजूद रहीं।
महिलाओं को सशक्त बनाने में अपराजिता अभियान मील का पत्थर साबित होगा। अपराजिता वही है, जो किसी से डरे नहीं और न कभी हार माने। ऐसे कार्यक्रमों से छात्राओं को सभ्य नागरिक बनाने में मदद मिलेगी। नारी को अपनी गरिमा को बनाए रखने के लिए आत्मविश्वास बनाए रखना होगा।
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- अमरीन
एक महिला परिवार में सभी चीजों के लिये बेहद जिम्मेदार मानी जाती है, क्योंकि वह सभी समस्याओं का समाधान अच्छी तरह से कर सकती है। महिलाओं का सशक्त होना बहुत जरूरी है। महिलाओं के सशक्त होने से पूरा समाज अपने आप सशक्त हो जाएगा।
- आलिया
अपराजिता अभियान से जुड़कर अच्छा लगा। किसी भी प्रकार की आपराधिक घटनाओं के खिलाफ सबसे पहले स्वयं हिम्मत जुटाकर सामना करने की हिम्मत इस कार्यक्रम से मिली है। महिला सशक्तीकरण में वह ताकत है कि वो समाज और देश में बहुत कुछ बदल सकती हैं। वे समाज में किसी समस्या को पुरुषों से बेहतर ढ़ंग से निपटा सकती है। बस उन्हें जरूरत है अपनी शक्ति को समझने की।
- साजिया
महिला हिंसा तभी रुक सकती है, जब पुरुष सोच बदलें व समाज में महिलाओं को भी समान अधिकार दें। पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं किसी भी प्रभावकारी हिंसा को संभालने में सक्षम हैं, चाहे वह पारिवारिक हो या सामाजिक।
- सोनम राजपूत
अपराजिता अभियान से जुड़कर आत्मनिर्भर और अपने आप में सशक्त बनने की सीख मिली है। स्वयं सतर्क रहकर सुरक्षित रहें और जीवन में शिक्षा के बल पर आत्मनिर्भर बनकर पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर चलें, तभी अपराजिता अभियान का उद्देश्य पूरा होगा।
- नसरा
हमने आज सीखा कि घरेलू हिंसा चाहे अपने घर में हो अथवा पड़ोस में इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। अपराजिता अभियान से नारी आत्मनिर्भर और सशक्त बनेगी।
- रजनी कुशवाहा
अपराजिता से आत्मविश्वास बढ़ा है। ऐसे कार्यक्रमों से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। छात्राओं का आत्मविश्वास जागा है। छात्राओं को सशक्त बनाने में अपराजिता अभियान मील का पत्थर साबित होगा।
- आंशी सेन
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छात्राओं को अपराजिता की शपथ दिलाते हुए अमरीन ने कहा कि छात्राएं स्वयं में शक्तिशाली बनें, जिससे अपने जीवन से जुड़े हर फैसले स्वयं ले सकें। इससे वह परिवार और समाज में अच्छे से रह सकती हैं। उन्होंने कहा कि नारी सर्वस्व विधाता है, उससे ही सारा संसार जीवन पाता है। कार्यक्रम में अमरीन ने छात्राओं को वूमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, डायल-112 आदि के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर बिना किसी संकोच के इन नंबरों का उपयोग करें। छात्राओं ने अपराजिता मुहिम से जुड़ने के लिए शपथ पत्र भरे। इस दौरान अनुराधा, आंशी, चांदनी, साजिया, नशरा, आलिया, राधिका, कृष्णा, मुस्कान, रहनुमा, प्रीति, सोनम, रजनी आदि छात्राएं मौजूद रहीं।
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महिलाओं को सशक्त बनाने में अपराजिता अभियान मील का पत्थर साबित होगा। अपराजिता वही है, जो किसी से डरे नहीं और न कभी हार माने। ऐसे कार्यक्रमों से छात्राओं को सभ्य नागरिक बनाने में मदद मिलेगी। नारी को अपनी गरिमा को बनाए रखने के लिए आत्मविश्वास बनाए रखना होगा।
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- अमरीन
एक महिला परिवार में सभी चीजों के लिये बेहद जिम्मेदार मानी जाती है, क्योंकि वह सभी समस्याओं का समाधान अच्छी तरह से कर सकती है। महिलाओं का सशक्त होना बहुत जरूरी है। महिलाओं के सशक्त होने से पूरा समाज अपने आप सशक्त हो जाएगा।
- आलिया
अपराजिता अभियान से जुड़कर अच्छा लगा। किसी भी प्रकार की आपराधिक घटनाओं के खिलाफ सबसे पहले स्वयं हिम्मत जुटाकर सामना करने की हिम्मत इस कार्यक्रम से मिली है। महिला सशक्तीकरण में वह ताकत है कि वो समाज और देश में बहुत कुछ बदल सकती हैं। वे समाज में किसी समस्या को पुरुषों से बेहतर ढ़ंग से निपटा सकती है। बस उन्हें जरूरत है अपनी शक्ति को समझने की।
- साजिया
महिला हिंसा तभी रुक सकती है, जब पुरुष सोच बदलें व समाज में महिलाओं को भी समान अधिकार दें। पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं किसी भी प्रभावकारी हिंसा को संभालने में सक्षम हैं, चाहे वह पारिवारिक हो या सामाजिक।
- सोनम राजपूत
अपराजिता अभियान से जुड़कर आत्मनिर्भर और अपने आप में सशक्त बनने की सीख मिली है। स्वयं सतर्क रहकर सुरक्षित रहें और जीवन में शिक्षा के बल पर आत्मनिर्भर बनकर पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर चलें, तभी अपराजिता अभियान का उद्देश्य पूरा होगा।
- नसरा
हमने आज सीखा कि घरेलू हिंसा चाहे अपने घर में हो अथवा पड़ोस में इसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। अपराजिता अभियान से नारी आत्मनिर्भर और सशक्त बनेगी।
- रजनी कुशवाहा
अपराजिता से आत्मविश्वास बढ़ा है। ऐसे कार्यक्रमों से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। छात्राओं का आत्मविश्वास जागा है। छात्राओं को सशक्त बनाने में अपराजिता अभियान मील का पत्थर साबित होगा।
- आंशी सेन