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पहले साइफन फेल, अब पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से गड़बड़ाई जलापूर्ति
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साइकिल से पानी भरता युवक
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। मोहल्ला नेहरू नगर के वाशिंदों को पेयजल संकट से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है। दो दिन तक साइफन खराबी आने से आपूर्ति बाधित रही और अब पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, इससे पानी की सप्लाई प्रभावित रही। इस वजह से मोहल्लेवासी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गए। दिन भर हैंडपंपों पर पानी भरने वालों की भीड़ लगी रही।
कई दिनों से मोहल्ला नेहरू नगर सहित आसपास के मोहल्लों में पेयजल की समस्या है। दो दिन पहले गोविंद सागर बांध से कच्चे पानी की आपूर्ति वाली साइफन लाइन में खराबी आ गई थी। विभाग ने इसे सुधारने में दो दिन लगा दिए। साइफन लाइन में नई फुटबॉल को लगाया गया। इस सूचना को पाकर मोहल्लेवासी खुश हो गए लेकिन, जब सुबह जलापूर्ति की गई तो मोहल्लेवासियों को एक बार फिर मायूसी हाथ लगी। नल की जगह एक बार फिर हैंडपंप से पानी भरना पड़ा।
मेन मार्ग पर जैसे ही पानी के टैंकर आए तो टैंकर से पानी भरने के लिये मोहल्लेवासियों की भीड़ लग गई। जब लोगों ने विभागीय कर्मियों से आपूर्ति नहीं होने के संबंध में जानकारी चाही तो बताया गया कि सुबह रेलवे पुल के नीचे पाइप लाइन में लीकेज हो गया है। इस वजह से मोहल्ले में आपूर्ति नहीं हो पाई। मौके पर लोगों ने जाकर देखा तो पाइप लाइन से बड़े पैमाने पर पानी बर्बाद हो रहा था।
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उधर, जल संस्थान के अधिशाषी अभियंता संजीव कुमार व लक्ष्मन यादव सुपरवाइजर की मौजूदगी में जल संस्थान कर्मियों ने पाइप लाइन की मरम्मत की। देर शाम तक पानी की पाइप लाइन ठीक हो पाई।
आधा किमी दूरी से ढो रहे पानी
नल नहीं आने से मोहल्लेवासियों को चटक धूप में आधा से एक किलोमीटर दूरी से पानी जुटाना पड़ रहा है। कई लोगों का शरीर पानी भरते-भरते पसीने से तरबतर हो गया। महिला, पुरुष व बच्चे सभी अपने-अपने हाथों में पानी के डिब्बा लिए हैंडपंप तलाशते रहे। उधर, टैंकर से पानी भरने वालों की भीड़ भी देखते ही बन रही थी।
पानी की पाइप लाइन में लीकेज हुआ है, जबकि मोहल्लेवासियों को चार दिन से पानी नहीं मिल पा रहा है। पहले साइफन की मरम्मत का इंतजार करते रहे। जब साइफन ठीक हुआ तो पाइप लाइन ने धोखा दे दिया। कुल मिलाकर नेहरूनगर वासियों का मुसीबत से साथ हो गया है। - राजकुमारी
मोहल्ले में पेयजल की समस्या इतनी गंभीर हो गई है कि लोग कोरोना महामारी को भूल गए हैं। हर किसी को लगता है कि पहले पानी भर लें। जिस वजह से हैंडपंप या टैंकर लगभग सभी भीड़ लग रही है। पहले पानी भरने के चक्कर महिला- पुरुष अपने-अपने बर्तन लेकर हैंडपंपो पर पानी भरने के लिये दौड़ पड़ते हैं। यही हाल टैंकर का भी है। - प्रियंका
जब नल नहीं आते हैं तो विभागीय कर्मियों से संपर्क किया जाता है। इस दौरान पता चलता है कि पानी की टंकी पूरी क्षमता से नहीं भर पाई थी, जिससे पानी नहीं पहुंचा होगा। मोहल्लेवासी इस रटे रटाए जवाब को सुनने के आदि हो गए हैं। - राजाबेटी
जल संस्थान के अधिकारी मोहल्ले की जलापूर्ति को जल्द से जल्द ठीक कराएं। मोहल्लेवासी चार-पांच दिन से बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हो गए हैं। यदि यही हाल बना रहा तो नेहरू नगरवासियों को गर्मी का सीजन काटना मुश्किल हो जाएगा। - भागवती
मोहल्लेवासियों ने पानी की समस्या के समाधान के लिए लंबी लड़ाई लड़ी। इसके बाद भी नेहरू नगरवासियों को पानी की समस्या से निजात नहीं मिल सका है। इस मुश्किल दौर में लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इसके बाद भी जिम्मेदार मौन बने हुए हैं। - मिथलेश
कोरोना महामारी के मद्देनजर जिलाधिकारी ने जलापूर्ति को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन, इसके बाद भी मोहल्लेवासियों को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। तमाम लोग रात-रात जागकर हैंडपंप से पानी जुटा रहे हैं। - कमलकुंवर
साइफन लाइन की मरम्मत हो चुकी है। शुक्रवार की सुबह जैसे ही जलापूर्ति की गई तो पता चला कि रेलवे पुल के नीचे पाइप लाइन में लीकेज हो गया। इसकी मरम्मत करा दी गई है। शनिवार को जलापूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है। - संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
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कई दिनों से मोहल्ला नेहरू नगर सहित आसपास के मोहल्लों में पेयजल की समस्या है। दो दिन पहले गोविंद सागर बांध से कच्चे पानी की आपूर्ति वाली साइफन लाइन में खराबी आ गई थी। विभाग ने इसे सुधारने में दो दिन लगा दिए। साइफन लाइन में नई फुटबॉल को लगाया गया। इस सूचना को पाकर मोहल्लेवासी खुश हो गए लेकिन, जब सुबह जलापूर्ति की गई तो मोहल्लेवासियों को एक बार फिर मायूसी हाथ लगी। नल की जगह एक बार फिर हैंडपंप से पानी भरना पड़ा।
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मेन मार्ग पर जैसे ही पानी के टैंकर आए तो टैंकर से पानी भरने के लिये मोहल्लेवासियों की भीड़ लग गई। जब लोगों ने विभागीय कर्मियों से आपूर्ति नहीं होने के संबंध में जानकारी चाही तो बताया गया कि सुबह रेलवे पुल के नीचे पाइप लाइन में लीकेज हो गया है। इस वजह से मोहल्ले में आपूर्ति नहीं हो पाई। मौके पर लोगों ने जाकर देखा तो पाइप लाइन से बड़े पैमाने पर पानी बर्बाद हो रहा था।
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उधर, जल संस्थान के अधिशाषी अभियंता संजीव कुमार व लक्ष्मन यादव सुपरवाइजर की मौजूदगी में जल संस्थान कर्मियों ने पाइप लाइन की मरम्मत की। देर शाम तक पानी की पाइप लाइन ठीक हो पाई।
आधा किमी दूरी से ढो रहे पानी
नल नहीं आने से मोहल्लेवासियों को चटक धूप में आधा से एक किलोमीटर दूरी से पानी जुटाना पड़ रहा है। कई लोगों का शरीर पानी भरते-भरते पसीने से तरबतर हो गया। महिला, पुरुष व बच्चे सभी अपने-अपने हाथों में पानी के डिब्बा लिए हैंडपंप तलाशते रहे। उधर, टैंकर से पानी भरने वालों की भीड़ भी देखते ही बन रही थी।
पानी की पाइप लाइन में लीकेज हुआ है, जबकि मोहल्लेवासियों को चार दिन से पानी नहीं मिल पा रहा है। पहले साइफन की मरम्मत का इंतजार करते रहे। जब साइफन ठीक हुआ तो पाइप लाइन ने धोखा दे दिया। कुल मिलाकर नेहरूनगर वासियों का मुसीबत से साथ हो गया है। - राजकुमारी
मोहल्ले में पेयजल की समस्या इतनी गंभीर हो गई है कि लोग कोरोना महामारी को भूल गए हैं। हर किसी को लगता है कि पहले पानी भर लें। जिस वजह से हैंडपंप या टैंकर लगभग सभी भीड़ लग रही है। पहले पानी भरने के चक्कर महिला- पुरुष अपने-अपने बर्तन लेकर हैंडपंपो पर पानी भरने के लिये दौड़ पड़ते हैं। यही हाल टैंकर का भी है। - प्रियंका
जब नल नहीं आते हैं तो विभागीय कर्मियों से संपर्क किया जाता है। इस दौरान पता चलता है कि पानी की टंकी पूरी क्षमता से नहीं भर पाई थी, जिससे पानी नहीं पहुंचा होगा। मोहल्लेवासी इस रटे रटाए जवाब को सुनने के आदि हो गए हैं। - राजाबेटी
जल संस्थान के अधिकारी मोहल्ले की जलापूर्ति को जल्द से जल्द ठीक कराएं। मोहल्लेवासी चार-पांच दिन से बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हो गए हैं। यदि यही हाल बना रहा तो नेहरू नगरवासियों को गर्मी का सीजन काटना मुश्किल हो जाएगा। - भागवती
मोहल्लेवासियों ने पानी की समस्या के समाधान के लिए लंबी लड़ाई लड़ी। इसके बाद भी नेहरू नगरवासियों को पानी की समस्या से निजात नहीं मिल सका है। इस मुश्किल दौर में लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इसके बाद भी जिम्मेदार मौन बने हुए हैं। - मिथलेश
कोरोना महामारी के मद्देनजर जिलाधिकारी ने जलापूर्ति को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन, इसके बाद भी मोहल्लेवासियों को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। तमाम लोग रात-रात जागकर हैंडपंप से पानी जुटा रहे हैं। - कमलकुंवर
साइफन लाइन की मरम्मत हो चुकी है। शुक्रवार की सुबह जैसे ही जलापूर्ति की गई तो पता चला कि रेलवे पुल के नीचे पाइप लाइन में लीकेज हो गया। इसकी मरम्मत करा दी गई है। शनिवार को जलापूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है। - संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान