{"_id":"691cc4073768e9c6500ef047","slug":"order-to-pay-crop-compensation-insurance-amount-imposed-a-fine-of-ten-thousand-rupees-lalitpur-news-c-131-1-ltp1005-146376-2025-11-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: फसल क्षतिपूर्ति की बीमा राशि देने के आदेश, दस हजार रुपये जुर्माना लगाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: फसल क्षतिपूर्ति की बीमा राशि देने के आदेश, दस हजार रुपये जुर्माना लगाया
विज्ञापन
केसीसी बंद होने पर बैंक ने बीमा कंपनी को वापस भेज दी थी राशि
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। किसान क्रेडिट कार्ड बंद होने पर फसल क्षतिपूर्ति की बीमा राशि न देने के मामले में उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की अदालत ने बीमा कंपनी को क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया। साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
तहसील ललितपुर अंतर्गत ग्राम जामुनधाना खुर्द निवासी रामदयाल ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की अदालत में वाद दायर किया था। बताया कि उसने 2019 में उड़द की फसल बोई थी। इसका इलाहाबाद बैंक ललितपुर द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमा कराया था। बीमा किस्त की धनराशि 1254.27 रुपये 31 जुलाई 2019 को उसके किसान क्रेडिट कार्ड के खाते से काटकर बीमा कंपनी को भुगतान किया गया था।
जिले में अतिवृष्टि के कारण गांव के अन्य कृषकों के साथ ही परिवादी की उड़द की फसल संपूर्ण नष्ट हो गई थी। नुकसान की रिपोर्ट बीमा कंपनी को प्राप्त कराई गई थी। इसके बाद बीमा कंपनी की ओर से किसानों के खाते में बीमा फसल क्षति की धनराशि बैंक शाखा में भेजी गई थी। बीमा कंपनी द्वारा उसे भी 59,237 रुपये भेजे गए थे लेकिन उसका केसीसी खाता समयावधि पूर्ण हो जाने के कारण बंद हो गया था। इस स्थिति में बैंक की ओर से बीमा कंपनी को धनराशि वापस होने की जानकारी किसान को दी गई।
विज्ञापन
किसान ने बैंक में आवेदन कर उसकी बीमा राशि दिलाने की मांग की गई लेकिन धनराशि जमा नहीं कराई गई। आयोग के अध्यक्ष सीताराम वर्मा, सदस्य ओमप्रकाश व रफिया खातून की अदालत ने इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया है कि वह किसान को फसल बीमा की धनराशि 59,237 रुपये अदा करे और परिवाद प्रस्तुत करने की तारीख दो दिसंबर 2022 से बीमा की धनराशि पर सात फीसदी साधारण वार्षिक ब्याज भी अदा करें। इसके साथ ही दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। किसान क्रेडिट कार्ड बंद होने पर फसल क्षतिपूर्ति की बीमा राशि न देने के मामले में उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की अदालत ने बीमा कंपनी को क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया। साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
तहसील ललितपुर अंतर्गत ग्राम जामुनधाना खुर्द निवासी रामदयाल ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की अदालत में वाद दायर किया था। बताया कि उसने 2019 में उड़द की फसल बोई थी। इसका इलाहाबाद बैंक ललितपुर द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमा कराया था। बीमा किस्त की धनराशि 1254.27 रुपये 31 जुलाई 2019 को उसके किसान क्रेडिट कार्ड के खाते से काटकर बीमा कंपनी को भुगतान किया गया था।
विज्ञापन
जिले में अतिवृष्टि के कारण गांव के अन्य कृषकों के साथ ही परिवादी की उड़द की फसल संपूर्ण नष्ट हो गई थी। नुकसान की रिपोर्ट बीमा कंपनी को प्राप्त कराई गई थी। इसके बाद बीमा कंपनी की ओर से किसानों के खाते में बीमा फसल क्षति की धनराशि बैंक शाखा में भेजी गई थी। बीमा कंपनी द्वारा उसे भी 59,237 रुपये भेजे गए थे लेकिन उसका केसीसी खाता समयावधि पूर्ण हो जाने के कारण बंद हो गया था। इस स्थिति में बैंक की ओर से बीमा कंपनी को धनराशि वापस होने की जानकारी किसान को दी गई।
विज्ञापन
किसान ने बैंक में आवेदन कर उसकी बीमा राशि दिलाने की मांग की गई लेकिन धनराशि जमा नहीं कराई गई। आयोग के अध्यक्ष सीताराम वर्मा, सदस्य ओमप्रकाश व रफिया खातून की अदालत ने इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया है कि वह किसान को फसल बीमा की धनराशि 59,237 रुपये अदा करे और परिवाद प्रस्तुत करने की तारीख दो दिसंबर 2022 से बीमा की धनराशि पर सात फीसदी साधारण वार्षिक ब्याज भी अदा करें। इसके साथ ही दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।