{"_id":"5e3b100b8ebc3ee5ff24539d","slug":"one-sentenced-to-six-year-in-gangster-lalitpur-news-jhs1593289118","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैंगस्टर में एक को छह वर्ष की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गैंगस्टर में एक को छह वर्ष की सजा
विज्ञापन
ललितपुर। अपर जिला और सत्र न्यायाधीश (गैंगेस्टर एक्ट) निर्भय प्रकाश की अदालत ने एक व्यक्ति पर गैंगेस्टर एक्ट में दोषी पाए जाने पर छह वर्ष के सश्रम कारावास और बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
छह वर्ष पूर्व थाना कोतवाली में तैनात तत्कालीन एस एच ओ मंगला प्रसाद तिवारी ने तहरीर देकर बताया था कि 21 जुलाई वर्ष 2014 को पुलिस बल के साथ थाना क्षेत्र में गश्त पर थे। इस दौरान लोगों ने बताया कि सुरईघाट कांशीराम कालोनी निवासी आनंद सहरिया संगठित गिरोह बनाए हुए है। इसका सरगना वह खुद है और राजाखान गिरोह का सक्रिय सदस्य है। यह लोग अपने व गिरोह के आर्थिक व भौतिक लाभ के लिए हत्या, चोरी आदि अपराधों को अंजाम देते हैं। अवैध रुप से धन अर्जित करते हैं। दो मई 2014 को रामबाबू पुत्र मुन्नीलाल निवासी बैंक कालौनी सिविल लाइन चांदमारी ने सूचना दी कि अज्ञात बदमाशों ने उसकी पत्नी मंजू की हत्या कर दी। इस पर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना में आनंद व राजा के नाम प्रकाश में आए थे। इस पर दोनों के खिलाफ दो जून 2014 को मामला दर्ज कर चार्जशीट न्यायालय में पेशी की गई थी।
14 अप्रैल 2014 को आदेश जैन पुत्र सुभाष चंद्र जैन जिला परिषद के पीछे सिविल लाइन ने अज्ञात के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कराया था। इसकी विवेचना में दोनों के नाम प्रकाश में आए थे। दोनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की गई थी। एसएचओ की तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली पुलिस ने दोनों अभियुक्तों आनंद सहरिया व राजाखान पुत्र अख्तर खान मस्जिद वार्ड बीना, जिला सागर मध्य प्रदेश के खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। बुधवार को न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए आनंद सहरिया को गैैंगेस्टर अधिनियम में दोषी पाया और छह वर्ष के सश्रम कारावास और बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। राजा खान की फाइल अलग कर दी गई। यह जानकारी वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी रामनरेश राजपूत ने दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
छह वर्ष पूर्व थाना कोतवाली में तैनात तत्कालीन एस एच ओ मंगला प्रसाद तिवारी ने तहरीर देकर बताया था कि 21 जुलाई वर्ष 2014 को पुलिस बल के साथ थाना क्षेत्र में गश्त पर थे। इस दौरान लोगों ने बताया कि सुरईघाट कांशीराम कालोनी निवासी आनंद सहरिया संगठित गिरोह बनाए हुए है। इसका सरगना वह खुद है और राजाखान गिरोह का सक्रिय सदस्य है। यह लोग अपने व गिरोह के आर्थिक व भौतिक लाभ के लिए हत्या, चोरी आदि अपराधों को अंजाम देते हैं। अवैध रुप से धन अर्जित करते हैं। दो मई 2014 को रामबाबू पुत्र मुन्नीलाल निवासी बैंक कालौनी सिविल लाइन चांदमारी ने सूचना दी कि अज्ञात बदमाशों ने उसकी पत्नी मंजू की हत्या कर दी। इस पर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना में आनंद व राजा के नाम प्रकाश में आए थे। इस पर दोनों के खिलाफ दो जून 2014 को मामला दर्ज कर चार्जशीट न्यायालय में पेशी की गई थी।
विज्ञापन
14 अप्रैल 2014 को आदेश जैन पुत्र सुभाष चंद्र जैन जिला परिषद के पीछे सिविल लाइन ने अज्ञात के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कराया था। इसकी विवेचना में दोनों के नाम प्रकाश में आए थे। दोनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पेश की गई थी। एसएचओ की तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली पुलिस ने दोनों अभियुक्तों आनंद सहरिया व राजाखान पुत्र अख्तर खान मस्जिद वार्ड बीना, जिला सागर मध्य प्रदेश के खिलाफ गैंगस्टर अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। बुधवार को न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए आनंद सहरिया को गैैंगेस्टर अधिनियम में दोषी पाया और छह वर्ष के सश्रम कारावास और बीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। राजा खान की फाइल अलग कर दी गई। यह जानकारी वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी रामनरेश राजपूत ने दी है।
विज्ञापन