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ओडीएफ : नहीं बदली सोच, खुले में जा रहे शौच
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ललितपुर। जिले को ओडीएफ घोषित हुए करीब चार साल हो रहे हैं। इसके बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का खुले में शौच जाना बंद नहीं हो रहा है। स्वच्छता मिशन के तहत गांवों में हर घर शौचालयों का निर्माण कराया गया था। इसके बाद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं दिख रहा है।
स्वच्छता मिशन के तहत जनपद की 415 ग्राम पंचायतों में 101849 शौचालयों का निर्माण कराया गया था। जिसमें फेज-1 में सभी ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में 91685 शौचालयों का निर्माण कार्य कराया गया। वहीं फेज-2 में सभी ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में 10164 शौचालयों का निर्माण कार्य हुआ। इसमें लाभार्थियों को शौचालय निर्माण के लिए 12-12 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए गए थे। ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों का निर्माण कार्य जोर-शोर से कराया गया था।
करीब चार वर्ष पूर्व 2018 में जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया गया था। लेकिन जो स्थिति वर्तमान में है। वह कहीं न कहीं कई सवाल खड़े करती है। गांवों में आज भी पुरुष और महिलाएं सुबह-शाम हाथ में लोटा लेकर खेतों, नदी, पोखरों, तालाबों की ओर खुले में शौच करने के लिए जा रहे हैं। कई लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने प्रोत्साहन राशि लेकर शौचालय का निर्माण तो करा लिया। लेकिन उसका उपयोग शौच करने के बजाय भूसा, उपले और लकड़ियां रखने में कर रहे हैं। जबकि शासन ने लोगों को शौचालय का उपयोग करने के लिए सुबह-शाम जागरूक करने की जिम्मेेदारी ग्राम पंचायत स्तर पर दी थी। कुछ महीनों तक तो जागरुकता अभियान व गोष्ठी आयोजित हुईं लेकिन जैसे ही जिला खुले में शौचमुक्त घोषित हुआ, वैसे ही जागरूकता अभियान व गोष्ठियां बंद कर दी गई। इस ओर न तो जिम्मेदारों का ध्यान जा रहा है और न ही वह लोगों को खुले में शौच करने से रोकने के लिए कोई कारगर कदम उठा रहे हैं।
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शौचालय की ब्लॉकवार सूची
ब्लॉक - फेज-1 - फेज-2 - योग
बार - 13462 - 1546 - 15008
जखौरा - 16257 - 1856 - 18113
तालबेहट - 15055 - 1854 - 16909
मड़ावरा - 12455 - 1985 - 14440
महरौनी - 14820 - 1542 - 16362
बिरधा - 19636 - 1381 - 21017
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अभियान के क्रियान्वयन पर उठ रहे सवाल
खुले में शौचमुक्त के लिए चलाए गए अभियान के क्रियान्वयन पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि सही तरीके से ओडीएफ घोषित किया गया होता तो यह स्थिति देखने को नहीं मिलती। ग्रामीण क्षेत्रों की बात तो छोड़िए शहर-कस्बा क्षेत्रों में कुछ कुछ स्थानों पर यही हाल है। जो कि स्वच्छता अभियान को मुंह चिढा रहा है। ओडीएफ घोषित करने के नाम पर पंचायत से लेकर शहर,कस्बों में बड़े अभियान चलाए गए थे। लेकिन यह अभियान सिर्फ समारोह तक ही सिमट कर रह गए थे।
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संचारी रोग अभियान के तहत लोगों को खुले में शौच जाने से रोकने के लिए जागरूक किया जाएगा। इसके साथ उन्हें शौचालय का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
नवीन मिश्रा, जिला पंचायतीराज अधिकारी
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स्वच्छता मिशन के तहत जनपद की 415 ग्राम पंचायतों में 101849 शौचालयों का निर्माण कराया गया था। जिसमें फेज-1 में सभी ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में 91685 शौचालयों का निर्माण कार्य कराया गया। वहीं फेज-2 में सभी ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में 10164 शौचालयों का निर्माण कार्य हुआ। इसमें लाभार्थियों को शौचालय निर्माण के लिए 12-12 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए गए थे। ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों का निर्माण कार्य जोर-शोर से कराया गया था।
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करीब चार वर्ष पूर्व 2018 में जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया गया था। लेकिन जो स्थिति वर्तमान में है। वह कहीं न कहीं कई सवाल खड़े करती है। गांवों में आज भी पुरुष और महिलाएं सुबह-शाम हाथ में लोटा लेकर खेतों, नदी, पोखरों, तालाबों की ओर खुले में शौच करने के लिए जा रहे हैं। कई लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने प्रोत्साहन राशि लेकर शौचालय का निर्माण तो करा लिया। लेकिन उसका उपयोग शौच करने के बजाय भूसा, उपले और लकड़ियां रखने में कर रहे हैं। जबकि शासन ने लोगों को शौचालय का उपयोग करने के लिए सुबह-शाम जागरूक करने की जिम्मेेदारी ग्राम पंचायत स्तर पर दी थी। कुछ महीनों तक तो जागरुकता अभियान व गोष्ठी आयोजित हुईं लेकिन जैसे ही जिला खुले में शौचमुक्त घोषित हुआ, वैसे ही जागरूकता अभियान व गोष्ठियां बंद कर दी गई। इस ओर न तो जिम्मेदारों का ध्यान जा रहा है और न ही वह लोगों को खुले में शौच करने से रोकने के लिए कोई कारगर कदम उठा रहे हैं।
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शौचालय की ब्लॉकवार सूची
ब्लॉक - फेज-1 - फेज-2 - योग
बार - 13462 - 1546 - 15008
जखौरा - 16257 - 1856 - 18113
तालबेहट - 15055 - 1854 - 16909
मड़ावरा - 12455 - 1985 - 14440
महरौनी - 14820 - 1542 - 16362
बिरधा - 19636 - 1381 - 21017
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अभियान के क्रियान्वयन पर उठ रहे सवाल
खुले में शौचमुक्त के लिए चलाए गए अभियान के क्रियान्वयन पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि सही तरीके से ओडीएफ घोषित किया गया होता तो यह स्थिति देखने को नहीं मिलती। ग्रामीण क्षेत्रों की बात तो छोड़िए शहर-कस्बा क्षेत्रों में कुछ कुछ स्थानों पर यही हाल है। जो कि स्वच्छता अभियान को मुंह चिढा रहा है। ओडीएफ घोषित करने के नाम पर पंचायत से लेकर शहर,कस्बों में बड़े अभियान चलाए गए थे। लेकिन यह अभियान सिर्फ समारोह तक ही सिमट कर रह गए थे।
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संचारी रोग अभियान के तहत लोगों को खुले में शौच जाने से रोकने के लिए जागरूक किया जाएगा। इसके साथ उन्हें शौचालय का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
नवीन मिश्रा, जिला पंचायतीराज अधिकारी