फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Nose, ear and throat treatment stopped in district hospital

जिला अस्पताल में नाक-कान और गले का इलाज बंद

Sat, 30 Jul 2022 12:55 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jul 2022 12:55 AM IST
विज्ञापन
Nose, ear and throat treatment stopped in district hospital
जिला अस्पताल में बंद पड़ी ईएनटी ओपीडी - फोटो : LALITPUR
ललितपुर। जिला अस्पताल में तैनात ईएनटी चिकित्सक के स्थानांतरण के बाद नाक-कान-गले का इलाज बंद हो गया है। कई मरीज जानकारी के अभाव में दो बजे तक ओपीडी कक्ष खुलने की उमीद लगाकर बैठे रहते हैं। इसके बाद बिना इलाज के मायूस होकर लौट जाते हैं।
विज्ञापन

जिला अस्पताल के ईएनटी सर्जन डॉ. आरके दत्त की वर्ष 2021 में कोविड के चलते मौत हो गई थी। इसके बाद से अस्पताल में ईएनटी सर्जन का पद रिक्त चल रहा था। डॉ. एमके गुप्ता नाक, कान व गला के मरीज देख रहे थे। इसके बाद 11 जनवरी 2022 में डॉ. रिचा सिंह की ईएनटी सर्जन के पद नियुक्ति हुई। इसके बाद प्रसूति अवकाश पर चलीं गईं। फिर से डॉ. एमके गुप्ता नाक, कान व गला के मरीजों को देखने लगे। यहां पर प्रतिदिन 40 से 50 मरीज ओपीडी में पहुंच रहे थे। वहीं प्रतिमाह लगभग 20 से 30 माइनर व 15 से 20 मेजर ऑपरेशन कर रहे थे। इससे मरीजों को राहत थी। पिछले दिनों शासन ने डॉ. एमके गुप्ता का तबादला महोबा के लिए कर दिया गया। जिला अस्पताल प्रबंधन ने भी ईएनटी चिकित्सक डॉ. एमके गुप्ता को कार्यमुक्त कर दिया। जबकि तैनात चिकित्सक प्रसूति अवकाश से वापस नहीं लौटीं हैं।
विज्ञापन

ऐसे में अस्पताल पहुंच रहे नाक, कान व गला के मरीजों केे उपचार का संकट खड़ा हो गया है। अब मरीज अस्पताल में इलाज की आस लेकर पहुंच रहे, लेकिन अस्पताल में ईएनटी की ओपीडी बंद देखकर वापस हो रहे हैं। कई जानकारी के अभाव में दो बजे तक भी खुलने की आस में बैठे रहते हैं। अंत में न खुलने पर बिना इलाज के मायूस होकर लौट जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

दो माह नहीं मिलेगा नाक, कान गले के मरीजों को अस्पताल में इलाज
जिला अस्पताल में तैनात ईएनटी सर्जन दो माह बाद अस्पताल में अपनी सेवाएं देंगी। अब मरीजों को जिला अस्पताल में दो माह बाद ही इलाज मिल पाएगा। तब तक मरीजों को परेशान रहना पड़ेगा।

जिला अस्पताल में ही नाक, कान व गले के उपचार की सुविधा है। चिकित्सक को रिलीव करने से पहले तैनात किया जाना था।
- राजाराम तिवारी
नाक कान गला मरीजों की भीषण समस्या होती है। ऐसे में चिकित्सक की नियुक्ति तत्काल कराई जाए।
- कैलाश सुड़ेले
शासन द्वारा चिकित्सक का स्थानांतरण किया गया, शासन के आदेश पर ही रिलीव किया गया है। दो माह बाद तैनात ईएनटी सर्जन प्रसूति अवकाश से वापस आएंगी, इसके बाद सेवाएं देेंगी।- डॉ. राजेंद्र प्रसाद, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल पुरुष
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed