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रात में बिजली गई दोपहर तक नहीं आई
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 30 May 2017 01:07 AM IST
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electricity
- फोटो : demo
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अघोषित कटौती के चलते कस्बे में रविवार रात दस बजे से गायब हुई बिजली सोमवार की दोपहर तक नहीं आई। भीषण गर्मी में बिजली न आने से लोग कराह उठे। वहीं, कई मुहल्लों में सोमवार तक जलापूर्ति प्रभावित बनी रही।
पिछले महीने महरौनी से मड़ावरा आई 33 केवीए लाइन और ट्रांसफार्मर का वार्षिक अनुरक्षण किया गया। विद्युत लाइन के आसपास मौजूद पेड़ों की टहनियों की भी कांट-छांट कराई गई थी, जिसके लिए दो दिन क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बाधित रही थी। अघोषित कटौती और फाल्टरहित आपूर्ति के लिए की गयी इतनी मशक्कत के बावजूद भी जरा सी बूंदाबांदी होने पर रात-रात भर विद्युत आपूर्ति बाधित रहना विभाग के दावों की पोल खोलता है। साथ ही फाल्ट होने की स्थिति में मरम्मत कार्य में लेटलतीफी भी उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।
रविवार रात करीब दस बजे कस्बे की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। भीषण गर्मी से लोगों की नींद टूट गई। उमस से बच्चे बिलखने लगे। किसी तरह रात कटी। सुबह लोगों को उम्मीद थी कि बिजली आ जाएगी, लेकिन दोपहर तक आपूर्ति सुचारू नहीं हो सकी। इससे जलापूर्ति प्रभावित हो गई। लोग परेशान हो गए। कस्बावासियों ने बताया कि तहसील मुख्यालय मड़ावरा स्थित 33/11 केवीए उपकेन्द्र भगवान भरोसे ही चल रहा है, यहां न तो कोई सहायक अभियंता तैनात है और न ही कोई नियमित लाइनमैन। पूरे तहसील क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था चंद अकुशल श्रमिकों के भरोसे है। सरकार की मंशानुरूप एवं निर्धारित रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति हेतु मड़ावरा उपकेन्द्र पर पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती नहीं की गई। इस वजह से बिजली गुल होने की समस्या आती है।
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पिछले महीने महरौनी से मड़ावरा आई 33 केवीए लाइन और ट्रांसफार्मर का वार्षिक अनुरक्षण किया गया। विद्युत लाइन के आसपास मौजूद पेड़ों की टहनियों की भी कांट-छांट कराई गई थी, जिसके लिए दो दिन क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बाधित रही थी। अघोषित कटौती और फाल्टरहित आपूर्ति के लिए की गयी इतनी मशक्कत के बावजूद भी जरा सी बूंदाबांदी होने पर रात-रात भर विद्युत आपूर्ति बाधित रहना विभाग के दावों की पोल खोलता है। साथ ही फाल्ट होने की स्थिति में मरम्मत कार्य में लेटलतीफी भी उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।
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रविवार रात करीब दस बजे कस्बे की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। भीषण गर्मी से लोगों की नींद टूट गई। उमस से बच्चे बिलखने लगे। किसी तरह रात कटी। सुबह लोगों को उम्मीद थी कि बिजली आ जाएगी, लेकिन दोपहर तक आपूर्ति सुचारू नहीं हो सकी। इससे जलापूर्ति प्रभावित हो गई। लोग परेशान हो गए। कस्बावासियों ने बताया कि तहसील मुख्यालय मड़ावरा स्थित 33/11 केवीए उपकेन्द्र भगवान भरोसे ही चल रहा है, यहां न तो कोई सहायक अभियंता तैनात है और न ही कोई नियमित लाइनमैन। पूरे तहसील क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था चंद अकुशल श्रमिकों के भरोसे है। सरकार की मंशानुरूप एवं निर्धारित रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति हेतु मड़ावरा उपकेन्द्र पर पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती नहीं की गई। इस वजह से बिजली गुल होने की समस्या आती है।
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