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जिले में नब्बे हजार किसानों का होगा कर्जमाफ

Fri, 14 Jul 2017 01:26 AM IST
amarujala
amarujala Updated Fri, 14 Jul 2017 01:26 AM IST
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Nine thousand farmers in the district will be debt relief
farmer lalitpur news - फोटो : demo
ललितपुर। 
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किसान अब ज्यादा दिनों तक कर्जदार नहीं रहेंगे। योगी सरकार लघु, सीमांत कृषकों पर मेहरबान हो गई है। जिले के करीब 90 हजार किसानों को इसका लाभ मिलना तय माना जा रहा है। इसके लिए शासन को 352.615 करोड़ रुपये का इंतजाम करना होगा।       
पिछले कई सालों से बुंदेलखंड के अन्नदाता प्रकृति की मार झेल रहे हैं। कभी उन्हें अतिवृष्टि, ओलावृष्टि तो कभी सूखे का सामना करना पड़ा है। इस स्थिति में खेतों में खड़ी फसलें बरबाद हो गई। इससे किसान का लिया ऋण नहीं चुका सके और कर्ज के बोझ तले दबते चले गए। विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने प्रदेश में सत्तारूढ़ होने पर किसानों का कर्ज माफ करने की घोषणा की थी। जिस पर योगी सरकार ने अमल प्रारंभ कर दिया है। इससे मायूस हो चुके किसानों के चेहरों पर रंगत लौट आई है। उन्होंने योजना की हर गतिविधि पर नजर रखना आरंभ कर दिया है। जिले के लगभग नब्बे हजार 80 किसान कर्जमाफी योजना के दायरे में आ रहे हैं। इसमें सहकारी बैंक के चार हजार एक सौ 85 किसान भी शामिल हैं। उधर, जिला कृषि अधिकारी बृजेश कुमार का कहना है कि जिले में 85 हजार आठ सौ पचासी किसानों का डेटा पहले ही लॉक किया जा चुका है। हाल ही में सहकारी बैंक से चार हजार एक सौ 95 का डेटा प्राप्त हुआ है। इस तरह कुल मिलाकर करीब नब्बे हजार अस्सी किसानों के डेटा को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिसे फाइनल करके बैंकों में भेजा जा रहा है। बैंक सूची प्राप्त होने के उपरांत अपने स्तर से चिह्नित किसानों की पात्रता का परीक्षण करेंगे। बैंकों के संतुष्ट होने पर शासन से धनराशि की डिमांड की जाएगी। जिन किसानों के आधार कार्ड व मोबाइल नंबर फीड हो गए हैं और उनकी खसरा, खतौनी सही है। ऐसे किसानों को सबसे पहले लाभान्वित किया जाएगा। इधर, उप कृषि निदेशक हंसराज का कहना है कि यदि कर्ज माफी योजना में एनपीए (नान परफोरमेंस एकाउंट) शामिल किए जाते हैं तो किसानों की और भी बढ़ जाएगी।      
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ऐसे होगी प्रक्रिया पूरी      
जिन किसानों की भूमि एक से दो हेक्टेयर है, उन्हें कर्जमाफी योजना में सम्मिलित किया गया है। ऐसे किसानों का डेटा लॉक किया जा रहा है। इस सूची को संबंधित बैंक में भेजा जाएगा। बैंक अपने स्तर से चिह्नित किसानों की पात्रता का परीक्षण करेंगे। यदि जरूरत पड़ी तो बैंक कर्मचारी स्थलीय सत्यापन कराएंगे। जमीन संबंधी मामले में राजस्व कर्मी इसका परीक्षण करेंगे। जब बैंक से सूची को ओके कर दिया जाएगा। उसके बाद शासन से धनराशि की मांग जाएगी। इस समय किसानों का जो डेटा निकलकर आया है, उसके हिसाब से जिले में 352.415 करोड़ रुपये का कर्ज माफ होगा। इस पूरी प्रक्रिया में करीब एक माह का समय लग सकता है।      
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कई जटिलताएं आ रही सामने      
कर्जमाफी योजना के दौरान कई जटिलताएं सामने आ रही हैं। जिन्हें वीडियो कांफ्रेसिंग के दौरान अफसरों ने शासन के समक्ष रखा है। उदाहरण के तौर पर यदि कर्ज लिए किसान की मृत्यु हो गई है तो ऐसे किसान को कर्जमाफी योजना का लाभ मिलेगा या नहीं। जिस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। बैंकों ने इस तरह के मामलों में किसानों को टरकाना आरंभ कर दिया है। इन हालातों को भांपकर दलालों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
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