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कैसे पहुंचेगा टेल तक पानी जब नहरों की सफाई नहीं हुई पूरी
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ललितपुर। नहरों का संचालन होने के लिए सिर्फ चार दिन ही शेष हैं और सिंचाई विभाग के कुछ बांधों से निकली नहरों की सिल्ट सफाई का काम अभी भी अधूरा है। ऐसी स्थिति में नहरों का पानी टेल तक कैसे पहुंचेगा, इसकी चिंता नहर की टेल स्थित किसानों को सता रही है। सिंचाई विभाग के जामनी बांध, सजनाम, रोहिणी बांध सहित तालाब और झील से निकली नहरों की सिल्ट सफाई का काम काफी पिछड़ा हुआ है। जबकि नहरों का संचालन 11 नवंबर से किया जाना है।
विध्यांचल की तलहटी में मौजूद जनपद की कृषि बांधों की सिंचाई पर निर्भर है। यहां भू-गर्भ (नलकूप, कुएं) से न के बराबर सिंचाई की जाती है। वर्तमान में यहां 14 बांध परियोजना है और फसलों की सिंचाई के लिए इन बांधों से नहरें, माइनर और अल्पकाएं निकाली गई है। नहरों का संचालन करने से पूर्व और पानी को टेल तक पहुंचाने के लिए इन नहरों की सिल्ट सफाई की जाती है। जनपद के अन्य बांधों की तरह जामनी, सजनाम और रोहिणी बांध से निकली नहरों की सिल्ट सफाई कराई जा रही है। जिसमें से से जामनी बांध से 198.874 किलोमीटर नहर प्रणाली की सिल्ट सफाई, सजनाम बांध नहर प्रणाली का 53.111 किलोमीटर, रोहिणी बांध से निकली नहर प्रणाली से 8.89 किलोमीटर नहरों की सिल्ट सफाई का भौतिक लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसका कार्य अभी कराया जा रहा है। लेकिन अभी तक इन नहरों की सिल्ट सफाई सौ फीसदी तक पूर्ण नहीं की जा सकी है। इससे सिंचाई विभाग की नहरों का पानी टेल तक पहुंचाने की मंशा पर पानी फिर जाएगा। वहीं सिल्ट सफाई का काम धीमी गति से चलने और नहरों के संचालन का समय नजदीक आने से टेल पर पहुंचे पानी पर निर्भर किसान भी चिंता में डूबे हुए हैं। किसानों को सिर्फ रबी की फसल से ही आस है।
सिल्ट सफाई की स्थिति
बांध का नाम - लक्ष्य - प्रगति - प्रगति का प्रतिशत
जामनी बांध नहर प्रणाली - 198.874 - 172.21 - 86.59 फीसदी
सजनम बांध नहर प्रणाली - 53.111 - 23.10 - 43.49 फीसदी
रोहिणी बांध नहर प्रणाली - 19.970 - 10.00 - 50.97 फीसदी
तालाब/झील से निकली नहरें - 22.714 - 2.00 - 8.81 फीसदी
योग - 294.669 - 207.31 - 70.35 फीसदी
बांधों से सिंचाई करने का लक्ष्य
बांध - सिंचाई को आरक्षित पानी - सिंचित क्षेत्र
जामनी - 67.00 एमसीएम - 11270 हेक्टेयर
सजनाम - 37.67 एमसीएम - 7150 हेक्टेयर
रोहिणी - 7.19 एमसीएम - 1780 हेक्टेयर
रबी की बुवाई करीब 15 दिन पहले कर दी थी इस समय पानी की जरूरत है तो रजवाहा सूखा पड़ा है। सिल्ट भी साफ नहीं हुई कैसे समय पर पानी मिल सकेगा।-भगवान सिंह, किसान जखौरा
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सिंचाई विभाग ने समय पर जामनी बांध से निकले रजवाहा की स्लिट साफ नहीं कराई जिससे पानी छोडे जाने के बाद भी टेल तक पानी पहुंचना मुश्किल है।-देवेंद्र सिंह, किसान जखौरा
नहरों की सिल्ट सफाई का काम तेजी से कराया जा रहा है। मजदूरों और मशीनों को बढ़ाया गया है। 11 नवंबर को नहर खुलने से पूर्व ही नहरों की सिल्ट सफाई का काम सौ फीसदी तक पूर्ण करा लिया जाएगा।-इं. सलमान खान, सहायक अभियंता सिंचाई खंड़ ललितपुर
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विध्यांचल की तलहटी में मौजूद जनपद की कृषि बांधों की सिंचाई पर निर्भर है। यहां भू-गर्भ (नलकूप, कुएं) से न के बराबर सिंचाई की जाती है। वर्तमान में यहां 14 बांध परियोजना है और फसलों की सिंचाई के लिए इन बांधों से नहरें, माइनर और अल्पकाएं निकाली गई है। नहरों का संचालन करने से पूर्व और पानी को टेल तक पहुंचाने के लिए इन नहरों की सिल्ट सफाई की जाती है। जनपद के अन्य बांधों की तरह जामनी, सजनाम और रोहिणी बांध से निकली नहरों की सिल्ट सफाई कराई जा रही है। जिसमें से से जामनी बांध से 198.874 किलोमीटर नहर प्रणाली की सिल्ट सफाई, सजनाम बांध नहर प्रणाली का 53.111 किलोमीटर, रोहिणी बांध से निकली नहर प्रणाली से 8.89 किलोमीटर नहरों की सिल्ट सफाई का भौतिक लक्ष्य निर्धारित किया गया था। जिसका कार्य अभी कराया जा रहा है। लेकिन अभी तक इन नहरों की सिल्ट सफाई सौ फीसदी तक पूर्ण नहीं की जा सकी है। इससे सिंचाई विभाग की नहरों का पानी टेल तक पहुंचाने की मंशा पर पानी फिर जाएगा। वहीं सिल्ट सफाई का काम धीमी गति से चलने और नहरों के संचालन का समय नजदीक आने से टेल पर पहुंचे पानी पर निर्भर किसान भी चिंता में डूबे हुए हैं। किसानों को सिर्फ रबी की फसल से ही आस है।
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सिल्ट सफाई की स्थिति
बांध का नाम - लक्ष्य - प्रगति - प्रगति का प्रतिशत
जामनी बांध नहर प्रणाली - 198.874 - 172.21 - 86.59 फीसदी
सजनम बांध नहर प्रणाली - 53.111 - 23.10 - 43.49 फीसदी
रोहिणी बांध नहर प्रणाली - 19.970 - 10.00 - 50.97 फीसदी
तालाब/झील से निकली नहरें - 22.714 - 2.00 - 8.81 फीसदी
योग - 294.669 - 207.31 - 70.35 फीसदी
बांधों से सिंचाई करने का लक्ष्य
बांध - सिंचाई को आरक्षित पानी - सिंचित क्षेत्र
जामनी - 67.00 एमसीएम - 11270 हेक्टेयर
सजनाम - 37.67 एमसीएम - 7150 हेक्टेयर
रोहिणी - 7.19 एमसीएम - 1780 हेक्टेयर
रबी की बुवाई करीब 15 दिन पहले कर दी थी इस समय पानी की जरूरत है तो रजवाहा सूखा पड़ा है। सिल्ट भी साफ नहीं हुई कैसे समय पर पानी मिल सकेगा।-भगवान सिंह, किसान जखौरा
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सिंचाई विभाग ने समय पर जामनी बांध से निकले रजवाहा की स्लिट साफ नहीं कराई जिससे पानी छोडे जाने के बाद भी टेल तक पानी पहुंचना मुश्किल है।-देवेंद्र सिंह, किसान जखौरा
नहरों की सिल्ट सफाई का काम तेजी से कराया जा रहा है। मजदूरों और मशीनों को बढ़ाया गया है। 11 नवंबर को नहर खुलने से पूर्व ही नहरों की सिल्ट सफाई का काम सौ फीसदी तक पूर्ण करा लिया जाएगा।-इं. सलमान खान, सहायक अभियंता सिंचाई खंड़ ललितपुर