{"_id":"5c5b393dbdec220a742dac14","slug":"nehar-ka-ek-hissa-daska","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहर का एक हिस्सा धसका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहर का एक हिस्सा धसका
Thu, 07 Feb 2019 01:15 AM IST
देवेंद्र कुमार
lalitpur
lalitpur
Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Thu, 07 Feb 2019 01:15 AM IST
विज्ञापन
nehar, lalitpur news
- फोटो : amar ujala, lalitpur news
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोविंद सागर बांध की छोटी नहर की एक दीवार का कुछ हिस्सा धसककर नहर में ही जा गिरा है। इससे बगल में बनी सड़क को भी खतरा उत्पन्न हो गया है। यही नहीं, यदि वाहन चालक या राहगीर ने थोड़ी सी भी असावधानी बरती तो वह नहर में जा गिरेगा। वहीं, रोस्टर के अनुसार, इस नहर में चंद दिनों के भीतर पानी भी छोड़ा जाना है। इसके बाद भी विभागीय अफसरों ने नहर की अब तक सुध नहीं ली है।
गोविंद सागर बांध की दाईं और बाईं ओर शहर के बीच से होकर नहर गुजरती है। इसमें छोटी नहर सिंचाई विभाग कालोनी से होकर मुहल्ला आजादपुरा, सिविल लाइन, रामनगर से होकर गुजरती है। इस नहर को बने पांच दशक से ज्यादा का समय हो गया है। इसे ध्यान में रखकर हर साल इस नहर को खोलने से पहले इसकी मरम्मत की जाती है। इस बार भी इसकी मरम्मत कराई लेकिन नहर से पानी सीपेज की समस्या दूर नहीं हो पाई है। वर्तमान में नहर बंद चल रही थी कि बीते दिनों नहर के एक ओर की दीवार का कुछ हिस्सा नहर में ही जा गिरा। इससे लगी हुई सड़क के दोनों ओर मकान बने हुए हैं। जिस कारण सड़क पर आवागमन बना रहता है। विभागीय अफसरों के अनुसार, कुछ दिनों के अंदर में नहर खुलने वाली है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी दिया जाना है। यदि ऐसे में ही नहर में बांध का पानी छोड़ दिया गया तो मुहल्ले में नहर का पानी फैल सकता है।
इसके अलावा बगल से निकली सड़क को भी खतरा उत्पन्न हो गया है। नागरिकों का कहना है कि इसकी शीघ्र मरम्मत नहीं हुई तो कोई भी हादसा हो सकता है। वहीं, किसान नेता सिंचाई विभाग के अफसरों पर नहरों की मरम्मत कराने के नाम पर खानापूरी करने का आरोप लगा रहे है। उनका आरोप है कि बीते माह नहर का पानी सीपेज होकर कई कालोनी के खाली प्लॉटों में भर गया था। उस दौरान अफसरों ने नहर को बंद कर मरम्मत कराई थी लेकिन एक पखवाड़े के अंदर ही दूसरी जगह नहर क्षतिग्रस्त हो गई। वर्तमान में आसपास के लोगों ने नहर में कचरा भी फेंकना आरंभ कर दिया है। इससे नहर में जगह-जगह गंदगी सड़ांध मारने लगी है। इन सबके बाद भी सिंचाई विभाग के अफसर कार्यालय छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। इससे नहर का दिनोंदिन हाल बुरा होता जा रहा है।
विज्ञापन
एई से कराएंगे निरीक्षण
नहर की एक दीवाल धसकने की सूचना मिली है, जिसकी वास्तविकता जानने के लिए एई को मौके पर पहुंचाया जाएगा। इसके उपरांत ही मरम्मत का कार्य कराया जाएगा।
मनमोहन सिंह, अधिशासी अभियंता, राजघाट निर्माण खंड
नहर की मरम्मत कराने को सौंपेंगे ज्ञापन
गोविंद सागर बांध की नहर की मरम्मत कराने के लिए डीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस मामले में सिंचाई विभाग के अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। इससे भी उन्हें अवगत कराया जाएगा।
राजपाल सिंह, नगराध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन
विज्ञापन
गोविंद सागर बांध की दाईं और बाईं ओर शहर के बीच से होकर नहर गुजरती है। इसमें छोटी नहर सिंचाई विभाग कालोनी से होकर मुहल्ला आजादपुरा, सिविल लाइन, रामनगर से होकर गुजरती है। इस नहर को बने पांच दशक से ज्यादा का समय हो गया है। इसे ध्यान में रखकर हर साल इस नहर को खोलने से पहले इसकी मरम्मत की जाती है। इस बार भी इसकी मरम्मत कराई लेकिन नहर से पानी सीपेज की समस्या दूर नहीं हो पाई है। वर्तमान में नहर बंद चल रही थी कि बीते दिनों नहर के एक ओर की दीवार का कुछ हिस्सा नहर में ही जा गिरा। इससे लगी हुई सड़क के दोनों ओर मकान बने हुए हैं। जिस कारण सड़क पर आवागमन बना रहता है। विभागीय अफसरों के अनुसार, कुछ दिनों के अंदर में नहर खुलने वाली है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी दिया जाना है। यदि ऐसे में ही नहर में बांध का पानी छोड़ दिया गया तो मुहल्ले में नहर का पानी फैल सकता है।
विज्ञापन
इसके अलावा बगल से निकली सड़क को भी खतरा उत्पन्न हो गया है। नागरिकों का कहना है कि इसकी शीघ्र मरम्मत नहीं हुई तो कोई भी हादसा हो सकता है। वहीं, किसान नेता सिंचाई विभाग के अफसरों पर नहरों की मरम्मत कराने के नाम पर खानापूरी करने का आरोप लगा रहे है। उनका आरोप है कि बीते माह नहर का पानी सीपेज होकर कई कालोनी के खाली प्लॉटों में भर गया था। उस दौरान अफसरों ने नहर को बंद कर मरम्मत कराई थी लेकिन एक पखवाड़े के अंदर ही दूसरी जगह नहर क्षतिग्रस्त हो गई। वर्तमान में आसपास के लोगों ने नहर में कचरा भी फेंकना आरंभ कर दिया है। इससे नहर में जगह-जगह गंदगी सड़ांध मारने लगी है। इन सबके बाद भी सिंचाई विभाग के अफसर कार्यालय छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। इससे नहर का दिनोंदिन हाल बुरा होता जा रहा है।
विज्ञापन
एई से कराएंगे निरीक्षण
नहर की एक दीवाल धसकने की सूचना मिली है, जिसकी वास्तविकता जानने के लिए एई को मौके पर पहुंचाया जाएगा। इसके उपरांत ही मरम्मत का कार्य कराया जाएगा।
मनमोहन सिंह, अधिशासी अभियंता, राजघाट निर्माण खंड
नहर की मरम्मत कराने को सौंपेंगे ज्ञापन
गोविंद सागर बांध की नहर की मरम्मत कराने के लिए डीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस मामले में सिंचाई विभाग के अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। इससे भी उन्हें अवगत कराया जाएगा।
राजपाल सिंह, नगराध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन