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Lalitpur News: 11 नर्सिंगहोम और 28 क्लीनिकों के लाइसेंस का नहीं हुआ नवीनीकरण
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- होम्योपैथी में 30 में पांच और आयुर्वेद में 80 में तीन का हो सका नवीनीकरण, नोटिस तक सीमित रह गई विभाग की कार्रवाई
- एलोपैथ में नहीं हैं एक भी पंजीयन का नवीनीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में 11 नर्सिंगहोम और 28 क्लीनिकों के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो सका है। जबकि, होम्योपैथी में 30 में पांच और आयुर्वेद में 80 में तीन क्लीनिकों का ही नवीनीकरण हो सका है। स्वास्थ्य विभाग भी नोटिस देने के बाद कार्रवाई नहीं करता। इससे नवीनीकरण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
स्वास्थ्य विभाग में कुछ साल पहले 181 क्लीनिक और अस्पताल संचालित हो रहे थे। इनमें एलोपैथ के 11 नर्सिंगहोम, 28 क्लीनिक, आठ बीडीएस क्लीनिक स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करा रहे थे। वहीं, आयुर्वेद के 80 क्लीनिक और होम्योपैथी के 30 क्लीनिकों का संचालन किया जा रहा था। 24 पैथोलाॅजी संचालित हो रही थीं। इन सभी का स्वास्थ्य विभाग में पंजीयन भी था। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों का ढुलमुल रवैया होने के चलते संचालक नवीनीकरण में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। यही कारण है कि विभाग में पंजीकृत स्वास्थ्य इकाइयों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग के दस्तावेजों में गिने-चुने अस्पताल ही संचालित हो रहे हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में अब तक एलोपैथ का एक भी अस्पताल पंजीकृत नहीं है।
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आयुर्वेद में है तीन पंजीकृत
जनपद में आयुर्वेद के लगभग 80 से अधिक क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 80 में 70 क्लीनिक संचालकों ने पंजीयन के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया। इसमें तीन मानक अनुरूप पाए गए हैं, जिनका नवीनीकरण किया गया है। 77 क्लीनिक अब भी बिना पंजीयन के चल रहे हैं।
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होम्योपैथी में बढ़ी पंजीयन की संख्या
जिले में होम्योपैथी के लिए लगभग 30 क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। इनमें वर्ष 2024 में 25 क्लीनिक के पंजीयन के नवीनीकरण के लिए आवेदन आए थे। इस पर सभी के नवीनीकरण किए गए हैं। पांच क्लीनिक संचालकों ने अब भी नवीनीकरण नहीं कराया है।
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वर्जन..
जिन क्लीनिकों के लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन आए हैं। इनकी जांच कर नवीनीकरण किया जा रहा है। नवीनीकरण न कराने वालों को नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद नवीनीकरण न कराने वालों पर कार्रवाई होगी। - डॉ. इम्तियाज अहमद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।
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- एलोपैथ में नहीं हैं एक भी पंजीयन का नवीनीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में 11 नर्सिंगहोम और 28 क्लीनिकों के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो सका है। जबकि, होम्योपैथी में 30 में पांच और आयुर्वेद में 80 में तीन क्लीनिकों का ही नवीनीकरण हो सका है। स्वास्थ्य विभाग भी नोटिस देने के बाद कार्रवाई नहीं करता। इससे नवीनीकरण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
स्वास्थ्य विभाग में कुछ साल पहले 181 क्लीनिक और अस्पताल संचालित हो रहे थे। इनमें एलोपैथ के 11 नर्सिंगहोम, 28 क्लीनिक, आठ बीडीएस क्लीनिक स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करा रहे थे। वहीं, आयुर्वेद के 80 क्लीनिक और होम्योपैथी के 30 क्लीनिकों का संचालन किया जा रहा था। 24 पैथोलाॅजी संचालित हो रही थीं। इन सभी का स्वास्थ्य विभाग में पंजीयन भी था। लेकिन, स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों का ढुलमुल रवैया होने के चलते संचालक नवीनीकरण में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। यही कारण है कि विभाग में पंजीकृत स्वास्थ्य इकाइयों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग के दस्तावेजों में गिने-चुने अस्पताल ही संचालित हो रहे हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में अब तक एलोपैथ का एक भी अस्पताल पंजीकृत नहीं है।
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आयुर्वेद में है तीन पंजीकृत
जनपद में आयुर्वेद के लगभग 80 से अधिक क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 80 में 70 क्लीनिक संचालकों ने पंजीयन के नवीनीकरण के लिए आवेदन किया। इसमें तीन मानक अनुरूप पाए गए हैं, जिनका नवीनीकरण किया गया है। 77 क्लीनिक अब भी बिना पंजीयन के चल रहे हैं।
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होम्योपैथी में बढ़ी पंजीयन की संख्या
जिले में होम्योपैथी के लिए लगभग 30 क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। इनमें वर्ष 2024 में 25 क्लीनिक के पंजीयन के नवीनीकरण के लिए आवेदन आए थे। इस पर सभी के नवीनीकरण किए गए हैं। पांच क्लीनिक संचालकों ने अब भी नवीनीकरण नहीं कराया है।
वर्जन..
जिन क्लीनिकों के लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन आए हैं। इनकी जांच कर नवीनीकरण किया जा रहा है। नवीनीकरण न कराने वालों को नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद नवीनीकरण न कराने वालों पर कार्रवाई होगी। - डॉ. इम्तियाज अहमद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।