Looteri Dulhan: बिना जुर्म 20 साल काटी सजा, जेल से बाहर आकर शादी की तो दुल्हन एक रात में नकदी-जेवरात लेकर गायब
विष्णु तिवारी को दुष्कर्म और एससी-एसटी एक्ट के एक मामले में वर्ष 2000 में जेल भेज दिया गया था। हाईकोर्ट ने उसे निर्दोष करार करते हुए पिछले साल रिहा कर दिया। जिसके बाद उसने शादी रचाई, लेकिन दुल्हन नकदी-जेवरात लेकर रफूचक्कर हो गई।
विस्तार
महरौनी क्षेत्र के गांव सिलावन निवासी विष्णु तिवारी को दुष्कर्म और एससी-एसटी एक्ट के मामले में 20 वर्ष बाद हाईकोर्ट से निर्दोष करार देने का बाद रिहा किया गया था। रिहा होने के एक वर्ष बाद 22 जुलाई को उसने एक मंदिर में महिला से शादी कर ली, लेकिन नई जीवनसाथी ने भी उसे धोखा दे दिया। वह रुपये और जेवरात लेकर 23 जुलाई को मौका पाकर भाग गई।
पिछले साल जेल से बाहर आया था विष्णु
बिना अपराध किए 20 साल जेल काट लेने के बाद घर लौटे सिलावन गांव निवासी विष्णु तिवारी की परेशानी कम नहीं हो रही है। विष्णु तिवारी को दुष्कर्म और एससी-एसटी एक्ट के एक मामले में वर्ष 2000 में जेल भेज दिया गया था। हाईकोर्ट ने उसे निर्दोष करार करते हुए पिछले साल रिहा कर दिया। उसने बताया कि पिछले दिनों वह बिरधा स्थित डूंगरासन माता के मंदिर में दर्शन करने के लिए गया था। वहां उसकी मुलाकात गुड्डू पटेल नाम के एक युवक से हुई उसने उसकी शादी कराने की बात कही। जिस पर वह तैयार हो गया।
शादी के बदले दलाल और लड़की के घर वालों ने मांगे पैसे
इसके बाद विष्णु को लड़की की फोटो दिखाई गई। लड़की पसंद आने पर उसने तुरंत शादी की तैयारी शुरू कर दी। उसने बताया कि उन दोनों के बीच लेन-देन की बात पक्की हुई। तय हुआ कि शादी कराने के 20 हजार रुपये दलाल गुड्डू पटेल को और शादी के दौरान एक लाख रुपये लड़की के घर वालों को देने होंगे। इसके लिए विष्णु तैयार हो गया। 22 जुलाई को डोंगरा कलां स्थित डूंगरासन माता के मंदिर में शादी होना तय हुआ। 22 जुलाई की सुबह विष्णु ने नाराहट से दुल्हन के लिए शृंगार का सामान, साड़ी आदि खरीदी और किराये की गाड़ी कर दो पंडितों के साथ मंदिर पहुंचा।
एक लाख रुपये लड़की के पिता को दिए
मंदिर में पहले से मौजूद लड़की और उसके साथ अन्य लोगों को उसने सबसे पहले तय रकम के अनुसार एक लाख रुपये लड़की के पिता बने शख्स को दिए। इसके बाद शादी की रस्में और फेरे इत्यादि पूरे हुए। विष्णु और दुल्हन रात 11 बजे अपने गांव सिलावन स्थित घर पर पहुंच गए। इसके पहले दलाल ने अपने 20 हजार रुपये की मांग की। साथ ही लड़की का आधार कार्ड देने व कोर्ट में शादी करने की भी बात कही। इस पर तय हुआ कि अगले दिन तुवन मंदिर पर आकर वह 20 हजार रुपये दे देगा।
चकमा देकर रफूचक्कर हुई दुल्हन
23 जुलाई को विष्णु तुवन मंदिर को जाने को तैयार हुआ। तभी दुल्हन ने अपनी मां से मिलने की बात कही तो वह भी साथ चल दी। तुवन मंदिर पर पहुंचने के बाद दुल्हन ने पानी पीने की बात कही। जिस पर विष्णु पानी की बोतल लेने गया। इस बीच दुल्हन वहां से रफूचक्कर हो गई। विष्णु के अनुसार लड़की का नाम राजकुमारी है, जो अपने आप को सागर की बता रही थी। लड़की का पिता अपने आप को जैन बता रहा था। पीड़ित ने घटना की पुलिस को तहरीर नहीं दी है।
इस संबंध में अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर जांच कर घटना की रिपोर्ट लिखी जाएगी। - राजेश कुमार दुबे, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली महरौनी