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कांशीराम पार्क बदहाल, कभी महकते थे फूल, अब उड़ रही धूल
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पार्क में पड़ा कचरा
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। जेल चौराहा स्थित कांशीराम पार्क बदहाली के आंसू बहा रहा है। कभी यहां फूल महकते थे, लेकिन अब पार्क बदहाल है। पार्क में न तो मनोरंजन के लिए झूले हैं और न ही बैठने के लिए बेंच हैं। पार्क में लाइटें तक नहीं लगीं हैं। शाम होते ही शराबियों का अड्डा बन गया है। कुछ बच्चे क्रिकेट खेलते दिखते हैं। वहीं, खुले गेट से जानवर घुस रहे हैं।
बसपा सरकार के ड्रीम प्रोजेक्टों में कांशीराम पार्क भी शामिल रहे। इसी प्रोजेक्ट के अंतर्गत बसपा शासन में जेल चौराहे के से बयाना नाला के पास खाली पड़ी जमीन पर कांशीराम पार्क का निर्माण कराया गया था। पार्क के निर्माण के दौरान सजाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। पार्क में बाउंड्री के चारों ओर सड़क का निर्माण किया गया। इसके साथ ही बीच में भी दो सड़कें डाली गईं, जिससे पार्क में आने वाले लोग सुविधा अनुसार घूम सके। फूल व फव्वारे का निर्माण किया गया था।
लेकिन अब पार्क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। पार्क में किनारे कुछ पेड़ व चारों ओर जर्जर सड़क ही बची हुई है और पार्क में कुछ भी नजर नहीं आ रहा है। पार्क की खराब स्थिति होने से अधिकांश लोगों ने पार्क से किनारा कर लिया है। दोपहर में बच्चे इसमें क्रिकेट खेलते रहते हैं, तो शाम होते ही शराबियों का अड्डा बन गया है। पार्क में बच्चों के जाते ही जानवर भी घुस कर विचरण कर रहे हैं।
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हालत यह है कि पार्क में मुख्य द्वार पर लगा कांशीराम पार्क का बोर्ड अब नजर नहीं आ रहा है। कई लोग अब पार्क को पहचान भी नहीं पाते हैं। सड़क कई जगहों पर टूट गई है। पेवर ब्रिक्स उखड़ने से सड़क खराब हो गई है। पार्क के सौंदर्यीकरण को लगा फव्वारा भी अधूरा पड़ा है। पार्क में जगह-जगह कचरा लगा हुआ है। कचरा ही नहीं शराब के पाउच व बोतलें भी पड़ी हुई हैं। घास की सफाई न होने से झाड़ियां खड़ी हो गईं है। ऐसे में लोग अब पार्क से किनारा करने लगे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार उदासीन बने हुए हैं।
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कांशीराम पार्क की हालत खराब हो गई है। बसपा सरकार के बाद अनदेखी की भेंट चढ़ गया है। पार्क का सौंदर्यीकरण कराया जाए।
आशीष गोस्वामी
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शहर के जेल चौराहा स्थित पार्क मरम्मत के अभाव में जर्जर होने लगा है। पार्क की पेवर ब्रिक्स टूट रही है। इसकी मरम्मत कराई जाए।
जितेंद्र राठौर
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पार्क में फव्वारा अधूरा पड़ा है। इससे पार्क की सुंदरता खत्म हो गई है। इसकी मरम्मत कराई जाकर निर्माण कराया जाए।
रामसेवक बाथरे
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कांशीराम पार्क का निर्माण के दौरान सौंदर्यीकरण से पार्क चमक रहा था। अब पार्क पर अनदेखी के चलते बदहाल होता जा रहा है।
महेंद्र कुशवाहा
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बसपा सरकार के ड्रीम प्रोजेक्टों में कांशीराम पार्क भी शामिल रहे। इसी प्रोजेक्ट के अंतर्गत बसपा शासन में जेल चौराहे के से बयाना नाला के पास खाली पड़ी जमीन पर कांशीराम पार्क का निर्माण कराया गया था। पार्क के निर्माण के दौरान सजाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। पार्क में बाउंड्री के चारों ओर सड़क का निर्माण किया गया। इसके साथ ही बीच में भी दो सड़कें डाली गईं, जिससे पार्क में आने वाले लोग सुविधा अनुसार घूम सके। फूल व फव्वारे का निर्माण किया गया था।
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लेकिन अब पार्क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। पार्क में किनारे कुछ पेड़ व चारों ओर जर्जर सड़क ही बची हुई है और पार्क में कुछ भी नजर नहीं आ रहा है। पार्क की खराब स्थिति होने से अधिकांश लोगों ने पार्क से किनारा कर लिया है। दोपहर में बच्चे इसमें क्रिकेट खेलते रहते हैं, तो शाम होते ही शराबियों का अड्डा बन गया है। पार्क में बच्चों के जाते ही जानवर भी घुस कर विचरण कर रहे हैं।
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हालत यह है कि पार्क में मुख्य द्वार पर लगा कांशीराम पार्क का बोर्ड अब नजर नहीं आ रहा है। कई लोग अब पार्क को पहचान भी नहीं पाते हैं। सड़क कई जगहों पर टूट गई है। पेवर ब्रिक्स उखड़ने से सड़क खराब हो गई है। पार्क के सौंदर्यीकरण को लगा फव्वारा भी अधूरा पड़ा है। पार्क में जगह-जगह कचरा लगा हुआ है। कचरा ही नहीं शराब के पाउच व बोतलें भी पड़ी हुई हैं। घास की सफाई न होने से झाड़ियां खड़ी हो गईं है। ऐसे में लोग अब पार्क से किनारा करने लगे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार उदासीन बने हुए हैं।
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कांशीराम पार्क की हालत खराब हो गई है। बसपा सरकार के बाद अनदेखी की भेंट चढ़ गया है। पार्क का सौंदर्यीकरण कराया जाए।
आशीष गोस्वामी
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शहर के जेल चौराहा स्थित पार्क मरम्मत के अभाव में जर्जर होने लगा है। पार्क की पेवर ब्रिक्स टूट रही है। इसकी मरम्मत कराई जाए।
जितेंद्र राठौर
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पार्क में फव्वारा अधूरा पड़ा है। इससे पार्क की सुंदरता खत्म हो गई है। इसकी मरम्मत कराई जाकर निर्माण कराया जाए।
रामसेवक बाथरे
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कांशीराम पार्क का निर्माण के दौरान सौंदर्यीकरण से पार्क चमक रहा था। अब पार्क पर अनदेखी के चलते बदहाल होता जा रहा है।
महेंद्र कुशवाहा

पार्क में उखड़ी पड़ी पेबर ब्रिक्स की सड़क- फोटो : LALITPUR

पार्क में अधूरा पड़ा फव्वारा- फोटो : LALITPUR

पार्क में धांस की जगह उगी झाड़ियां- फोटो : LALITPUR