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कन्या विद्या धन योजना को मिली मंजूरी
ललितपुर/ ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jun 2015 01:00 AM IST
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ललितपुर। प्रदेश में कन्या विद्या धन योजना को संशोधन के साथ मंजूरी मिल गई है। योजनांतर्गत छात्राओं को तीस हजार रुपये की धनराशि प्रदान की जाएगी। अब छात्राओं का चयन प्राप्तांकों के अवरोही क्रम में मेरिट के आधार पर किया जाएगा। इससे पहले परिवार की आय के आधार पर छात्राओं का चयन किया जाता था।
प्रदेश में अखिलेश सरकार के सत्तारूढ़ होते ही कन्या विद्या धन योजना शुरू हो गई थी। शुरुआत में इस योजना में चयनित छात्राओं को तीस हजार रुपये की धनराशि प्रदान की जाती थी। लेकिन, बाद में इस राशि में कटौती करते हुए बीस हजार रुपये कर दिए गए थे। गत वर्ष इस योजना में किसी को भी लाभ प्रदान नहीं किया गया। वर्तमान वित्तीय वर्ष में इसे संशोधन के साथ स्वीकृति प्रदान की गई है। योजनांतर्गत मेधावी छात्राओं को लाभान्वित करने के उद्देश्य से शासन ने तीन अरब रुपये की व्यवस्था की है।
इस राशि से प्रदेश की 99 हजार मेधावी छात्राओं को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 20 प्रतिशत अल्पसंख्यक एवं 21 प्रतिशत अनुसूचित जाति, जनजाति की छात्राओं को लाभान्वित किया जाएगा। खास बात यह है कि अब माध्यमिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई एवं आईसीएसई बोर्ड से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्राओं का चयन प्राप्तांकों के अवरोही क्रम में मेरिट के आधार पर किया जाएगा। इससे पहले परिवार की आय के आधार पर छात्राओं का चयन किया जाता था। चयनित छात्रा को योजनांतर्गत जनपदीय समिति के माध्यम से उनके द्वारा खोले गए बैंक खाते में तीस हजार रुपये की धनराशि अंतरित की जाएगी।
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ये रहेगी चयन समिति
जिलाधिकारी अध्यक्ष, मुख्य विकास अधिकारी सदस्य, जिला समाज कल्याण अधिकारी सदस्य व जिला विद्यालय निरीक्षक सदस्य सचिव होंगे।
ऐसे होगी फांट
योजनांतर्गत जिस धनराशि का वितरण किया जाना है, उसका 75 प्रतिशत उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण मेधावी छात्राओं एवं 25 प्रतिशत धनराशि से सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड से उत्तीर्ण छात्राओं को लाभान्वित किया जाएगा। यदि 25 प्रतिशत के सापेक्ष सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड की छात्राएं उपलब्ध नहीं हुई तो ऐसी दशा में यूपी बोर्ड की छात्राओं को लाभ दिया जाएगा।
शामिल नहीं पालीटेक्निक व आईटीआई
पूर्व में पालीटेक्निक व आईटीआई में अध्ययनरत छात्राओं को लाभ प्रदान किया जाता था। चालू वित्तीय वर्ष में इनका कोई जिक्र नहीं किया गया है।
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प्रदेश में अखिलेश सरकार के सत्तारूढ़ होते ही कन्या विद्या धन योजना शुरू हो गई थी। शुरुआत में इस योजना में चयनित छात्राओं को तीस हजार रुपये की धनराशि प्रदान की जाती थी। लेकिन, बाद में इस राशि में कटौती करते हुए बीस हजार रुपये कर दिए गए थे। गत वर्ष इस योजना में किसी को भी लाभ प्रदान नहीं किया गया। वर्तमान वित्तीय वर्ष में इसे संशोधन के साथ स्वीकृति प्रदान की गई है। योजनांतर्गत मेधावी छात्राओं को लाभान्वित करने के उद्देश्य से शासन ने तीन अरब रुपये की व्यवस्था की है।
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इस राशि से प्रदेश की 99 हजार मेधावी छात्राओं को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से 20 प्रतिशत अल्पसंख्यक एवं 21 प्रतिशत अनुसूचित जाति, जनजाति की छात्राओं को लाभान्वित किया जाएगा। खास बात यह है कि अब माध्यमिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई एवं आईसीएसई बोर्ड से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्राओं का चयन प्राप्तांकों के अवरोही क्रम में मेरिट के आधार पर किया जाएगा। इससे पहले परिवार की आय के आधार पर छात्राओं का चयन किया जाता था। चयनित छात्रा को योजनांतर्गत जनपदीय समिति के माध्यम से उनके द्वारा खोले गए बैंक खाते में तीस हजार रुपये की धनराशि अंतरित की जाएगी।
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ये रहेगी चयन समिति
जिलाधिकारी अध्यक्ष, मुख्य विकास अधिकारी सदस्य, जिला समाज कल्याण अधिकारी सदस्य व जिला विद्यालय निरीक्षक सदस्य सचिव होंगे।
ऐसे होगी फांट
योजनांतर्गत जिस धनराशि का वितरण किया जाना है, उसका 75 प्रतिशत उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण मेधावी छात्राओं एवं 25 प्रतिशत धनराशि से सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड से उत्तीर्ण छात्राओं को लाभान्वित किया जाएगा। यदि 25 प्रतिशत के सापेक्ष सीबीएसई व आईसीएसई बोर्ड की छात्राएं उपलब्ध नहीं हुई तो ऐसी दशा में यूपी बोर्ड की छात्राओं को लाभ दिया जाएगा।
शामिल नहीं पालीटेक्निक व आईटीआई
पूर्व में पालीटेक्निक व आईटीआई में अध्ययनरत छात्राओं को लाभ प्रदान किया जाता था। चालू वित्तीय वर्ष में इनका कोई जिक्र नहीं किया गया है।