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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Kanya Vidya could not complete the goal of wealth

कन्या विद्या धन का पूरा नहीं हो सका लक्ष्य

Sun, 03 Jan 2016 12:56 AM IST
ब्यूरो ललितपुर
ब्यूरो ललितपुर Updated Sun, 03 Jan 2016 12:56 AM IST
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ललितपुर। शासन की प्राथमिकता वाले कार्यक्रम में शामिल कन्या विद्या धन योजना का लक्ष्य पात्र बालिकाओं के अभाव में पूरा नहीं हो पा रहा है। विशेषकर मदरसा बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड की छात्राएं तय संख्या से कम पड़ गई हैं। इस तरह जिले के लक्ष्य के मुकाबले 41 सीटें खाली रह गई हैं।
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बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कक्षा 12वीं पास बालिकाओं को प्रोत्साहित करने के लिए 30 हजार रुपये की धनराशि प्रदान की जाती है। शासन ने जिले का लक्ष्य 335 निर्धारित किया था, जिसमें उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का 226, संस्कृत बोर्ड का 13, मदरसा बोर्ड का 12, आईसीएसई बोर्ड का 21 और सीबीएसई बोर्ड का 63 लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके मुकाबले माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा हो गया है। वहीं, संस्कृत बोर्ड के लक्ष्य में एक छात्रा कम पड़ गई है तो मदरसा बोर्ड से एक भी छात्रा नहीं मिली है। यहां कोई मदरसा मान्यता प्राप्त नहीं है। आईसीएसई बोर्ड के लक्ष्य के सापेक्ष 18 बालिकाएं मिली हैं। वहीं, सीबीएसई के लक्ष्य के मुकाबले 38 छात्राएं चयनित हुई हैं।
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 इस प्रकार जनपद के कुल लक्ष्य 335 के सापेक्ष 293 बालिकाएं ही चयनित हो पाई हैं। योजनांतर्गत पात्र बालिकाओं को तीस हजार रुपये की धनराशि उनके खातों में भेजी जाती है। अब विभाग चयनित छात्राओं के खातों में धनराशि भेजने की तैयारी कर रहा है।
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इतने की प्राप्त हुई सूची
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से 4,447, मदरसा बोर्ड से शून्य, आईसीएसई बोर्ड से 54 और सीबीएसई बोर्ड से 38 छात्राओं की सूची जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को प्राप्त हुई। इसमें से 293 बालिकाएं ही चुनी जा सकीं।

चार हजार से ज्यादा रह गई वंचित छात्राएं
एक ओर योजना में पात्र बालिकाओं की कमी पड़ गई। वहीं, 4,270 बालिकाएं योजना के लाभ से वंचित हो गई हैं। यह स्थिति शिक्षा बोर्ड व वर्गवार लक्ष्य निर्धारण के कारण हुआ है। वर्गवार निर्धारण में अल्पसंख्यक 20 प्रतिशत, अनुसूचित जाति, जनजाति 31 प्रतिशत, अन्य का लक्ष्य 59 प्रतिशत रखा गया है। इस प्रक्रिया के अपनाने से कई बालिकाएं पात्रता की श्रेणी में नहीं आ सकी।


व्यवसायिक शिक्षा की रह गई बालिकाएं
कन्या विद्या धन योजना में इंटर व्यवसायिक शिक्षा से उत्तीर्ण छात्राओं का कोई उल्लेख नहीं है। इससे अभी इन बालिकाओं को शामिल नहीं किया गया है। इससे व्यवसायिक शिक्षा उत्तीर्ण बालिकाओं के वंचित होने की संभावना बनी हुई है।
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