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जिला अस्पताल में चल रहा अव्यवस्थाओं का ढर्रा
Wed, 06 Mar 2019 01:26 AM IST
Pragyan dubey
lalitpur
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Published by: Pragyan dubey
Updated Wed, 06 Mar 2019 01:26 AM IST
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प्रशासन
- फोटो : amar ujala
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ललितपुर। जिला अस्पताल परिसर में फैली अव्यवस्थाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। यहां अस्पताल परिसर रास्ते में खड़े वाहनों से आवाजाही में मरीजों को भारी परेशानी हो रही है। परिसर के अंदर कचरा फेंकने व नालियों की सफाई नहीं होने से नालियों का पानी परिसर में फैल रहा है। इस ओर अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिला अस्पताल प्रशासन व्यवस्थाओं के लचर ढर्रे को सुधारने में नाकाम साबित हो रहा है। इसका खामियाजा आने वाले मरीजों को परेशान होकर भुगतना पड़ रहा है। ऐसी ही स्थिति मंगलवार को जिला अस्पताल परिसर में देखने को मिली। यहां मुख्य द्वार पर आड़े-तिरछे वाहन खड़े होने से मरीजों को भी अंदर जाने में असुविधा हो रही थी। परिसर के अंदर भी कई स्थानों पर विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों के दो पहिया वाहन खड़े थे। इसमें लिफ्ट के पास, प्राइवेट वार्ड के पास व दवा वितरण कक्ष के दरवाजे के सामने दो पहिया वाहन खड़े रहते हैं।
इतना ही नहीं, पैथोलॉजी विभाग के मुख्य द्वारा पर विभाग का चिह्न लगे वाहन खड़े रहते हैं। एक्सरे कक्ष के पीछे नालियों की सफाई नहीं होने से गंदगी बजबजा रहीं है। पानी की निकासी नहीं होने से परिसर के खाली मैदान में फैल रहा है, जिससे मच्छर पनप रहे हैं। इस गंदे पानी के फैलने से अस्पताल आने वाले मरीजों और तीमारदारों को संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा पैथोलॉजी विभाग में प्रवेश द्वार से पहले कचरा फेंका जा रहा है। जो परिसर के द्वार के पास भी ही इकठ्ठा कर दिया गया है। कचरा से बदबू आ रही है। यहां आने जाने वाले मरीजों व तीमारदारों को नाक बंद करके निकलना पड़ रहा है। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन इन समस्याओं से अनजान बना हुआ है, इसका खामियाजा आने वाले मरीजों को परेशान होकर भुगतना पड़ रहा है।
चिकित्सक से तू तड़ाक
अस्पताल परिसर में व्यवस्था बनाई गई है कि कोई भी गाड़ी निर्धारित स्थान से आगे न जाए। इसका पालन पिछले दिनों सख्ती से किया गया, लेकिन एक अस्पताल के ही एक चिकित्सक की गाड़ी नो पार्किंग स्थल पर खड़ी हो गई। इसका विरोध हुआ और गाड़ी के टायर में कीला ठोंककर उसे पंक्चर कर दिया गया। जब इसकी जानकारी चिकित्सक को हुई तो संबधित अफसर से तू- तड़ाक हो गई। इसके बाद से पुराना ढर्रा शुरू हो गया।
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अस्पताल के अंदर वाहन खड़े करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद वाहन खड़े पर वाहनों को पंक्चर कर हटवाया जा रहा है। परिसर में नाली की सफाई शीघ्र कराई जाएगी।
- डॉ. एसके वासवानी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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इतना ही नहीं, पैथोलॉजी विभाग के मुख्य द्वारा पर विभाग का चिह्न लगे वाहन खड़े रहते हैं। एक्सरे कक्ष के पीछे नालियों की सफाई नहीं होने से गंदगी बजबजा रहीं है। पानी की निकासी नहीं होने से परिसर के खाली मैदान में फैल रहा है, जिससे मच्छर पनप रहे हैं। इस गंदे पानी के फैलने से अस्पताल आने वाले मरीजों और तीमारदारों को संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा पैथोलॉजी विभाग में प्रवेश द्वार से पहले कचरा फेंका जा रहा है। जो परिसर के द्वार के पास भी ही इकठ्ठा कर दिया गया है। कचरा से बदबू आ रही है। यहां आने जाने वाले मरीजों व तीमारदारों को नाक बंद करके निकलना पड़ रहा है। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन इन समस्याओं से अनजान बना हुआ है, इसका खामियाजा आने वाले मरीजों को परेशान होकर भुगतना पड़ रहा है।
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चिकित्सक से तू तड़ाक
अस्पताल परिसर में व्यवस्था बनाई गई है कि कोई भी गाड़ी निर्धारित स्थान से आगे न जाए। इसका पालन पिछले दिनों सख्ती से किया गया, लेकिन एक अस्पताल के ही एक चिकित्सक की गाड़ी नो पार्किंग स्थल पर खड़ी हो गई। इसका विरोध हुआ और गाड़ी के टायर में कीला ठोंककर उसे पंक्चर कर दिया गया। जब इसकी जानकारी चिकित्सक को हुई तो संबधित अफसर से तू- तड़ाक हो गई। इसके बाद से पुराना ढर्रा शुरू हो गया।
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अस्पताल के अंदर वाहन खड़े करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद वाहन खड़े पर वाहनों को पंक्चर कर हटवाया जा रहा है। परिसर में नाली की सफाई शीघ्र कराई जाएगी।
- डॉ. एसके वासवानी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक