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Lalitpur News: बिजली कटौती और लो वोल्टेज से सिंचाई का संकट
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संवाद न्यूज एजेंसी
पुलवारा/ललितपुर। ब्लॉक बार अंतर्गत दर्जनों गांवों में अघोषित बिजली कटौती व लो वोल्टेज से किसान परेशान हैं। कभी बिजली नहीं मिलती तो कभी लो वोल्टेज के कारण मोटर नहीं चल पा रहे हैं, इससे खेतों में सिंचाई न होने से किसान चिंतित हैं।
बांसी 33 केवी विद्युत सब स्टेशन के बार फीडर से करीब तीस गांवों को बिजली दी जाती है। लेकिन, कटौती और लो-वोल्टेज से अधिकांश गांवों के किसान परेशान हैं। आटा चक्की, मोबाइल चार्जिंग, इन्वर्टर चार्जिंग के लिए भी लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। दिन में बिजली न आने से आटा चक्की नहीं चल पा रही है। ग्रामीणों को दूसरे गांव में गेहूं पिसाने जाना पड़ रहा है। वहीं, आटा चक्की संचालक या अन्य बिजली आधारित व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में अंधाधुंध कटौती के कारण रबी की फसल की सिंचाई की समस्या आ रही है। किसान हजारों रुपये का डीजल खरीदकर पंपों से सिंचाई करने को मजबूर हैं। इससे लागत बढ़ती जा रही है। कई गांवों में तो मात्र छह सात घंटे तक ही बिजली आ रही है। लो-वोल्टेज से मोटरें नहीं चल पाने से किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। जिस खेत की सिंचाई करने में किसानों को एक दिन का समय लगता था, उसके लिए दो से तीन दिन लग रहे हैं।
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ग्रामीणों ने बताया कि गांव में रात ग्यारह बजे बिजली आती है और सुबह साढ़े पांच बजे चली जाती है। दिन में बिजली न आने से कड़ाके की सर्दी में रातभर में खेतों में पानी देना पड़ रहा है।
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इन गांवों में समस्या ज्यादा
ब्लॉक बार के ग्राम लड़वारी, नीमखेरा, महुआखेरा, वंशीपुरा, भैलोनी सूवा, गैंदोरा, धनगौल, मावल, चुनगी, भुजऊपुरा, बमनगुवां समेत कई गांवों में बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है।
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पुलवारा/ललितपुर। ब्लॉक बार अंतर्गत दर्जनों गांवों में अघोषित बिजली कटौती व लो वोल्टेज से किसान परेशान हैं। कभी बिजली नहीं मिलती तो कभी लो वोल्टेज के कारण मोटर नहीं चल पा रहे हैं, इससे खेतों में सिंचाई न होने से किसान चिंतित हैं।
बांसी 33 केवी विद्युत सब स्टेशन के बार फीडर से करीब तीस गांवों को बिजली दी जाती है। लेकिन, कटौती और लो-वोल्टेज से अधिकांश गांवों के किसान परेशान हैं। आटा चक्की, मोबाइल चार्जिंग, इन्वर्टर चार्जिंग के लिए भी लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। दिन में बिजली न आने से आटा चक्की नहीं चल पा रही है। ग्रामीणों को दूसरे गांव में गेहूं पिसाने जाना पड़ रहा है। वहीं, आटा चक्की संचालक या अन्य बिजली आधारित व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में अंधाधुंध कटौती के कारण रबी की फसल की सिंचाई की समस्या आ रही है। किसान हजारों रुपये का डीजल खरीदकर पंपों से सिंचाई करने को मजबूर हैं। इससे लागत बढ़ती जा रही है। कई गांवों में तो मात्र छह सात घंटे तक ही बिजली आ रही है। लो-वोल्टेज से मोटरें नहीं चल पाने से किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। जिस खेत की सिंचाई करने में किसानों को एक दिन का समय लगता था, उसके लिए दो से तीन दिन लग रहे हैं।
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ग्रामीणों ने बताया कि गांव में रात ग्यारह बजे बिजली आती है और सुबह साढ़े पांच बजे चली जाती है। दिन में बिजली न आने से कड़ाके की सर्दी में रातभर में खेतों में पानी देना पड़ रहा है।
इन गांवों में समस्या ज्यादा
ब्लॉक बार के ग्राम लड़वारी, नीमखेरा, महुआखेरा, वंशीपुरा, भैलोनी सूवा, गैंदोरा, धनगौल, मावल, चुनगी, भुजऊपुरा, बमनगुवां समेत कई गांवों में बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है।