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Lalitpur News: प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए 180 हेक्टेयर जमीन तलाशने के निर्देश
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) के प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र की स्थापना के लिए भूमि चिह्नांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अपर जिलाधिकारी दिनेश कुमार ने जिले के सभी उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्धारित मानकों के अनुरूप भूमि चिह्नित कर उसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।अपर जिलाधिकारी ने पत्र के माध्यम से बताया कि शासन से सात जुलाई को प्राप्त पत्र में एनपीसीआईएल के प्रबंध निदेशक के हवाले से वर्ष 2047 तक देश में 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता विकसित करने की परिकल्पना का उल्लेख किया गया है। इसमें लगभग 54 गीगावाट क्षमता एनपीसीआईएल और 3.8 गीगावाट क्षमता भाविनी (भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड) द्वारा स्थापित की जानी है। शेष क्षमता सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की अन्य कंपनियों के माध्यम से विकसित किए जाने का प्रस्ताव है।
इसी क्रम में संभावित परियोजना के लिए 180 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने को कहा गया है। अपर जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देशित किया है कि वे अपनी-अपनी तहसीलों में निर्धारित मानकों के अनुसार उपयुक्त भूमि का चिह्नांकन करें तथा उससे संबंधित खतौनी, खसरा, राजस्व नक्शा और नजरी नक्शा सहित संपूर्ण विवरण तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराएं।
निर्देशों में यह भी कहा गया है कि यदि किसी तहसील में निर्धारित मानकों के अनुरूप भूमि उपलब्ध नहीं है तो इसकी जानकारी भी रिपोर्ट के साथ भेजी जाए। आदेश के बाद उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों ने संभावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए उपयुक्त भूमि की तलाश शुरू कर दी है।
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ललितपुर। जनपद में न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) के प्रस्तावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र की स्थापना के लिए भूमि चिह्नांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अपर जिलाधिकारी दिनेश कुमार ने जिले के सभी उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्धारित मानकों के अनुरूप भूमि चिह्नित कर उसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।अपर जिलाधिकारी ने पत्र के माध्यम से बताया कि शासन से सात जुलाई को प्राप्त पत्र में एनपीसीआईएल के प्रबंध निदेशक के हवाले से वर्ष 2047 तक देश में 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता विकसित करने की परिकल्पना का उल्लेख किया गया है। इसमें लगभग 54 गीगावाट क्षमता एनपीसीआईएल और 3.8 गीगावाट क्षमता भाविनी (भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड) द्वारा स्थापित की जानी है। शेष क्षमता सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की अन्य कंपनियों के माध्यम से विकसित किए जाने का प्रस्ताव है।
इसी क्रम में संभावित परियोजना के लिए 180 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने को कहा गया है। अपर जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देशित किया है कि वे अपनी-अपनी तहसीलों में निर्धारित मानकों के अनुसार उपयुक्त भूमि का चिह्नांकन करें तथा उससे संबंधित खतौनी, खसरा, राजस्व नक्शा और नजरी नक्शा सहित संपूर्ण विवरण तीन दिन के भीतर उपलब्ध कराएं।
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निर्देशों में यह भी कहा गया है कि यदि किसी तहसील में निर्धारित मानकों के अनुरूप भूमि उपलब्ध नहीं है तो इसकी जानकारी भी रिपोर्ट के साथ भेजी जाए। आदेश के बाद उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों ने संभावित परमाणु ऊर्जा संयंत्र के लिए उपयुक्त भूमि की तलाश शुरू कर दी है।
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