{"_id":"5a4beabd4f1c1bd4178b4865","slug":"illegal-mining-in-lalitpur-village","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध खनन का गढ़ बना मड़ावरा का हसरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवैध खनन का गढ़ बना मड़ावरा का हसरी
अमर उजाला ब्यूराो
Updated Wed, 03 Jan 2018 01:55 AM IST
विज्ञापन
प्रशासन
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुलिस और प्रशासन की चुप्पी से तहसील क्षेत्र का हंसरी गांव अवैध खनन का गढ़ बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की मौन स्वीकृति से क्षेत्र में खनन माफिया के हौसले काफी बुलंद हैं। हँसरी गांव में ग्राम सभा समेत वन विभाग और रोहिणी नदी की तलहटी में संगठित रूप से जमकर अवैध खनन कर सरकार की आंखों में धूल झोंकी जा रही है।
क्षेत्र में अवैध खनन माफिया के हौसले इतने बुलंद है कि सरकारी जमीन समेत काश्तकारों की आराजी पर भी रातों रात खनन करा लिया जा रहा है। खनन माफिया द्वारा सरकारी जमीनों पर अवैध खनन कर उससे मोरम और मिट्टी निकाल कर सरकारी विकास कार्यों में ही लगाया जा रहा है। बीते 20 जून को मड़ावरा में आयोजित तहसील दिवस में थाना मड़ावरा अंतर्गत ग्राम लिधौरा निवासी भगुला पुत्र हिरदा ने एक शिकायती पत्र सौंपकर बताया था कि उसे आवंटित पट्टा मौजा हंसरी में आराजी संख्या 49/1 में 0.911 हेक्टेयर कृषि भूमि पट्टा आवंटित किया गया था, जिसमें दबंगों द्वारा जेसीबी चलाकर जबरन अवैध खनन किया जा रहा है।
वहीं, मड़ावरा निवासी राकेश कुमार सोनी ने भी कई बार मड़ावरा ग्रामसभा के तालाब समेत ग्रामसभा की जमीन पर पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत के चलते अवैध खनन कराये जाने की शिकायती अधिकारियों को दी फिर भी खनन माफियाओं पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। गौरतलब है कि प्रशासनिक लापरवाही के चलते मड़ावरा क्षेत्र अवैध खनन के लिए गढ़ साबित हो रहा है। मड़ावरा समेत रनगांव, हंसरी टौरिया आदि खनन क्षेत्र के गढ़ बन चुके हैं जहां से मोरम और मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है।
विज्ञापन
वर्जन
मामले की जानकारी नहीं है। यदि अवैध खनन किया जा रहा है तो जांच करवाई जाएगी और जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
सुशील कुमार दुबे, तहसीलदार, मड़ावरा
विज्ञापन
क्षेत्र में अवैध खनन माफिया के हौसले इतने बुलंद है कि सरकारी जमीन समेत काश्तकारों की आराजी पर भी रातों रात खनन करा लिया जा रहा है। खनन माफिया द्वारा सरकारी जमीनों पर अवैध खनन कर उससे मोरम और मिट्टी निकाल कर सरकारी विकास कार्यों में ही लगाया जा रहा है। बीते 20 जून को मड़ावरा में आयोजित तहसील दिवस में थाना मड़ावरा अंतर्गत ग्राम लिधौरा निवासी भगुला पुत्र हिरदा ने एक शिकायती पत्र सौंपकर बताया था कि उसे आवंटित पट्टा मौजा हंसरी में आराजी संख्या 49/1 में 0.911 हेक्टेयर कृषि भूमि पट्टा आवंटित किया गया था, जिसमें दबंगों द्वारा जेसीबी चलाकर जबरन अवैध खनन किया जा रहा है।
विज्ञापन
वहीं, मड़ावरा निवासी राकेश कुमार सोनी ने भी कई बार मड़ावरा ग्रामसभा के तालाब समेत ग्रामसभा की जमीन पर पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत के चलते अवैध खनन कराये जाने की शिकायती अधिकारियों को दी फिर भी खनन माफियाओं पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। गौरतलब है कि प्रशासनिक लापरवाही के चलते मड़ावरा क्षेत्र अवैध खनन के लिए गढ़ साबित हो रहा है। मड़ावरा समेत रनगांव, हंसरी टौरिया आदि खनन क्षेत्र के गढ़ बन चुके हैं जहां से मोरम और मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है।
विज्ञापन
वर्जन
मामले की जानकारी नहीं है। यदि अवैध खनन किया जा रहा है तो जांच करवाई जाएगी और जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
सुशील कुमार दुबे, तहसीलदार, मड़ावरा