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Lalitpur News: दिल में दर्द हुआ तो दौड़ना होगा झांसी या भोपाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला अस्पताल को उच्चीकृत कर मेडिकल कॉलेज बना दिया गया, लेकिन अब तक हृदय रोग के उपचार की सुविधाएं शुरू नहीं हो पाईं। आपात स्थिति में सीसीयू में फिजीशियन ही इलाज करते हैं। हालत गंभीर होने पर रेफर करना पड़ता है। ज्यादातर मरीज झांसी अथवा भोपाल जाते हैं। सर्दी में मरीजों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।
हृदय रोगियों को उपचार की सुविधा मुहैया नहीं हो पा रही है, जबकि यहां मेडिकल कॉलेज में संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। लाखों की लागत से सीसीयू बनाया गया है, इसमें वेंटिलेटर युक्त छह बेड स्थापित किए गए हैं। धड़कन की जांच के लिए ईको मशीन भी उपलब्ध कराई गई है। किट से अटैक की जांच भी की जाती है, लेकिन कार्डियोलॉजिस्ट की नियुक्ति न होने से मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सीसीयू में हृदय रोगियों को प्राथमिक उपचार ही मिल रहा है। यही कारण है कि सर्दियों के मौसम में प्रतिदिन दो से तीन मरीजों को रेफर किया जाता है।
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ये हैं सुविधाएं
- सीसीयू वार्ड
- छह बेड
- वेंटिलेटर
- ईको जांच मशीन
- ट्रॉप्टी किट
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कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं है। फिजीशियन मरीजों का इलाज करते हैं। सुपर स्पेशियलिटी होने पर कार्डियोलाॅजिस्ट नियुक्त होंगे।
- डाॅ. वीडी पांडेय, मीडिया प्रभारी, मेडिकल कॉलेज
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ललितपुर। जिला अस्पताल को उच्चीकृत कर मेडिकल कॉलेज बना दिया गया, लेकिन अब तक हृदय रोग के उपचार की सुविधाएं शुरू नहीं हो पाईं। आपात स्थिति में सीसीयू में फिजीशियन ही इलाज करते हैं। हालत गंभीर होने पर रेफर करना पड़ता है। ज्यादातर मरीज झांसी अथवा भोपाल जाते हैं। सर्दी में मरीजों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।
हृदय रोगियों को उपचार की सुविधा मुहैया नहीं हो पा रही है, जबकि यहां मेडिकल कॉलेज में संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। लाखों की लागत से सीसीयू बनाया गया है, इसमें वेंटिलेटर युक्त छह बेड स्थापित किए गए हैं। धड़कन की जांच के लिए ईको मशीन भी उपलब्ध कराई गई है। किट से अटैक की जांच भी की जाती है, लेकिन कार्डियोलॉजिस्ट की नियुक्ति न होने से मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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सीसीयू में हृदय रोगियों को प्राथमिक उपचार ही मिल रहा है। यही कारण है कि सर्दियों के मौसम में प्रतिदिन दो से तीन मरीजों को रेफर किया जाता है।
ये हैं सुविधाएं
- सीसीयू वार्ड
- छह बेड
- वेंटिलेटर
- ईको जांच मशीन
- ट्रॉप्टी किट
कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं है। फिजीशियन मरीजों का इलाज करते हैं। सुपर स्पेशियलिटी होने पर कार्डियोलाॅजिस्ट नियुक्त होंगे।
- डाॅ. वीडी पांडेय, मीडिया प्रभारी, मेडिकल कॉलेज