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तिकुनिया कांड: गनर हटाने और धमकियों के बीच पांच साल में आठ गवाह मुकरे; चार किसानों और पत्रकार की हो गई थी मौत

Sat, 03 Oct 2026 10:37 AM IST
Sharukh Khan तिकुनिया से विनीत सक्सेना की रिपोर्ट
तिकुनिया से विनीत सक्सेना की रिपोर्ट Published by: Sharukh Khan Updated Sat, 03 Oct 2026 10:37 AM IST
सार

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया में 3 अक्तूबर, 2021 को हुई हिंसा में पूर्व केंद्रीय मंत्री टेनी के बेटे आशीष के खिलाफ चार्जशीट पर सुनवाई जारी है। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि गनर हटाने और धमकियों के बीच पांच साल में आठ गवाह मुकर गए हैं। मंत्री-सांसद पद से हटने के बावजूद टेनी पूरे दल-बल के साथ घूमते हैं। तिकुनिया में हुई हिंसा में चार किसानों और पत्रकार की मौत हो गई थी।

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Lakhimpur Kheri Tikunia violence Amidst withdrawal of security threats eight witnesses turned hostile 5 years
Lakhimpur Kheri Tikunia violence - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अक्तूबर, 2021 को लखीमपुर खीरी में हुए तिकुनिया कांड को लेकर हलचल फिर तेज है। एसआईटी जांच के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मोनू के खिलाफ चार्जशीट पर सुनवाई जारी है। पीड़ित परिवारों की शिकायत है कि गवाहों को धमकाया जा रहा है। 
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डर से आठ गवाह मुकर चुके हैं। कई गवाह घर बैठ गए। कुछ तो इलाका ही छोड़ गए। तिकुनिया में मारे गए पत्रकार रमन कश्यप के भाई पवन का दावा है कि हालात पैरवी लायक नहीं रह गए हैं। मंत्री-सांसद पद से हटने के बावजूद टेनी पूरे दल-बल के साथ घूमते हैं। 
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चुनावी होर्डिंग-बैनर लगवाते हैं। कचहरी में आशीष और उसके भाई सरेआम धमकाते हैं। मां संतोष कुमारी कहती हैं, पति और दो बेटों को गंवा चुके, इकलौता मर्द पवन ही बचा है। हमेशा उसके सलामत घर लौटने की चिंता रहती है। 
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तनाव से बीमार हो गए। दोषियों को सजा मिले, तब ही चैन मिलेगा। अमर उजाला ने पलिया, निघासन, धौरहरा, नानपारा बहराइच और खीरी में पीड़ित परिवारों से मौजूदा हकीकत जानने का प्रयास किया। 



 
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जानिए, पीडितों की आपबीती। ज्ञातव्य है कि किसानों के प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय मंत्री टेनी के बेटे आशीष मिश्रा के काफिले से कुचलकर चार किसानों व पत्रकार की मौत हो गई थी। इसके बाद हुई हिंसा तीन भाजपा कार्यकर्ताओं की मौत हो गई थी।

लवप्रीत, ड्राइवर, कार्यकर्ताओं के परिवार खामोश
पलिया में चौखड़ा फार्म के लवप्रीत की बहन ने घटना के वक्त कहा था-मुआवजे से भाई तो नहीं लौटेगा। पीड़ितों ने बताया कि यह परिवार अब किसी से बात नहीं करता। गवाही पर नहीं दिखते। मीडिया से भी दूरी बना ली। पिता सतनाम ने मोबाइल पर भी बात नहीं की। उधर, भीड़ के हाथों मारे गए ड्राइवर हरिओम मिश्रा, शुभम और श्याम सुंदर के परिवार भी सुनवाई का हवाला देकर खामोश रहे।
 

गवाह बेटे पर है गनर, असुरक्षा में हम घर बैठ गए
धौरहरा-बहराइच मार्ग से कई किलोमीटर अंदर नामदार पुरवा में उदयपुर फॉर्म के नक्षत्र सिंह (60) की पत्नी सुखवंत कौर ने बताया कि तिकुनिया जाते वक्त बाइक पर झंडा बांध रहे बेटे से कहा, झंडे-डंडे का क्या करना, नसीब वाले ही शहीद होते हैं। वे शहीद ही हो गए।

बड़े बेटे पर गनर है, मगर अचानक गवाही पर वह कानपुर से नहीं आ पाता। वीराने में सुरक्षा नहीं मिली तो पालतू कुत्तों के साथ भगवान के भरोसे घर बैठ गए। घोषणाओं के बाद पति के नाम पर गेट और रोड भी नहीं बने।

कचहरी में धमकाता है आशीष
तिकुनिया में मारे गए पत्रकार रमन कश्यप के भाई पवन ने विरोधी पक्ष पर लगाए गवाहों को धमकाने के आरोप

सरकारी गनर, कमर में पिस्टल, संगी-साथियों का घेरा, दीवारों पर बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें, रुतबे से ज्यादा गवाह पवन कश्यप के मन का खौफ जाहिर करती हैं। तिकुनिया कांड में मारे गए पत्रकार रमन (28) के भाई पवन ने बताया, तनाव में पिता और छोटा भाई भी चल बसा। हमें भी हमले का डर है।

कोर्ट में भी शिकायत की है कि मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा मोनू और उसका भाई कचहरी में सरेआम उन्हें जान से मारने के लिए धमकाते हैं। कहते हैं, डेढ़ पसली का है सिर्फ दो बुलेट ही काफी हैं खामोश करने के लिए।
 

मोनू की गोली से मरूंगा या अपनी मौत, कुदरत तय करेगी
निघासन तहसील में मुख्य सड़क पर स्थित रमन के घर की बैठक में सपा सुप्रीमो अखिलेश के साथ तस्वीरें देख पवन से पूछा, राजनीति से जुड़ गए? बोले, नहीं, मगर प्रभात गुप्ता हत्याकांड से बरी और दिल्ली तक पहुंच वाले नेता से मुकाबले के लिए बड़े नेताओं से निकटता मजबूरी है। टिकट, पैसा और गाड़ी के लिए इन्कार करने पर प्रभावित हुए अखिलेश यादव ने हमें साथ जोड़ लिया।
 

चंद मित्रों की बदौलत ही लड़ाई लड़ रहे हैं। पिता और भाइयों की तरह हमें भी एक दिन मरना है, मगर मोनू की गोली से मरेंगे या अपनी मौत, यह कुदरत ही तय करेगी..।

गवाहों के गनर हटाए, लोकेशन न देने पर किया सस्पेंड
पवन बताते हैं कि गनर हटाने या अन्य वजहों से आठ गवाह मुकर चुके हैं। गवाह बलजिंदर सिंह से टेनी के करीबी ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि दिल्ली में बड़े नेताओं से मिलवाकर नौकरी दिला देंगे। शुरू में गवाही दे रहे बलजिंदर अचानक पंजाब चले गए। हमारे गनर भी बार-बार बदले जा रहे हैं। व्हाट्सएप ग्रुप पर लोकेशन के बहाने गनर से हमारी भी लोकेशन मांगी और न देने पर उसे सस्पेंड कर दिया।
 

टेनी पर कमेंट... युवक की पिटाई से भड़की चिंगारी
पवन ने बताया कि घटना से ठीक पहले 25 सितंबर 2021 को भाषण में टेनी किसानों को धमका रहे थे कि याद कर लो.. विधायक, सांसद, मंत्री बनने से पहले भी मैं कुछ था। एक सिख युवक ने वायरल वीडियो पर ग्रुप में तीखा कमेंट कर दिया..। माफी पर भी उसे बेइज्जत किया गया। गुस्साए किसानों के काले झंडे दिखाने के एलान पर डिप्टी सीएम का कार्यक्रम रद्द हुआ और तभी हमला हुआ।
 

दिल्ली से खेल खेल रहे पिता-पुत्र... चुनाव की है तैयारी
नानपारा (बहराइच) के किसान जगजीत सिंह ने बताया कि भाई दलजीत (40) की हत्या के बाद सुरक्षा मिली, मगर नौकरी नहीं। गुमसुम बेटे राजदीप की ओर इशारा करके पत्नी परमजीत बोलीं, इसे तो बचा दिया मगर खुद कारों की चपेट में आकर कुचल गए। आंगनबाड़ी के 10 हजार से घर नहीं चलता। ताकतवर लोगों की वजह से मामला लंबा खिंच रहा। अब वे दिल्ली से खेल खेल रहे हैं। पोस्टर लगवा रहे हैं, मगर चुनाव लड़े तो माहौल बिगड़ेगा।

सिर के आर-पार निकली गोली, पोस्टमॉर्टम में छिपाया 
नेपाल बॉर्डर से सटे नानपारा (बहराइच) के छोर पर बने झाले में मृतक गुरविंदर सिंह (18) के पिता सुखविंदर, मां दलजीत कौर और नाना ने बताया कि भगत बन चुके बेटे गुरविंदर के सिर से आर-पार हुई गोली के निशान सबने देखें। टेनी के डर से अन्य राज्य में पोर्टमॉर्टम की मांग की थी, मगर यहीं कराया और गोली का सच भी छिपाया। अदालत में भी शिकायत की थी। गवाही पर न जा सकें, इसलिए छह महीने पहले गनर हटाकर अफसर बोले, जब तक देना था, दे दिया। अब वीरान इलाके से गवाही पर कैसे जाएं।

 

झूठे जब शोर मचाते हैं तब सच्चे चुप हो जाते हैं
पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी बोले, झूठे केस के बाद कुछ लोग झूठे आरोप भी लगा रहे हैं। झूठे जब शोर मचाते हैं तो सच्चे चुप हो जाते हैं। आरोपों का जवाब कोर्ट में देंगे। सच साबित होगा। रही चुनाव लड़ने की बात तो लोग जेल से भी लड़ते हैं। मैं सांसद था, आगे विधानसभा चुनाव है, लोकसभा चुनाव दूर है।

गनर की दिक्कत हमें बताएं एक्शन विभागीय मामला
लखीमपुर खीरी की एसपी डा. ख्याति गर्ग का कहना है कि कोर्ट के आदेशों के मुताबिक सबको गनर दिए गए हैं। यदि कोई दिक्कत है तो हमें बताएं। गनर सस्पेंड करने का मामला अनुशासन और विभागीय नियमों से जुड़ा होता है। कुछ कारण रहे होंगे, दिखवाएंगे।
 
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