{"_id":"67f1831cc56398d4970dafdb","slug":"if-the-project-had-been-completed-we-would-have-got-a-rubber-dam-lalitpur-news-c-131-1-ltp1002-132844-2025-04-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: परियोजना पूरी हुई होती तो मिल जाता रबर डैम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: परियोजना पूरी हुई होती तो मिल जाता रबर डैम
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शहजाद बांध में स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजना समय से पूर्ण न होने के कारण बालाबेहट में प्रस्तावित रबर डैम की परियोजना शासन स्तर से निरस्त हो गई।
स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजना 2018-19 में शुरू की गई थी। इसे मार्च 2023 में पूर्ण होना था। बुंदेलखंड में यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई थी। इससे चार गांव पारौन, रजपुरा, डांग बरौदा, बटवाहा की 1740 हेक्टेयर भूमि सिंचित करने की योजना थी। लेकिन यह समय से पूर्ण नहीं हो पाई। वहीं, इस परियोजना के लिए 39 किलोमीटर विद्युत लाइन डाली जानी थी, इमें 2.50 किलोमीटर आरक्षित वन क्षेत्र से गुजरनी थी। वन विभाग से अनापत्ति न मिलने के कारण आज तक लाइन नहीं बिछाई गई। इस परियोजना के बाद बालाबेहट क्षेत्र में रबर डैम भी प्रस्तावित था। इस बांध परियोजना का निर्माण शहजाद बांध की सिंचाई परियोजना की सफलता पर निर्भर था, क्योंकि बालाबेहट रबर डैम परियोजना में भी स्प्रिंकलर प्रणाली से सिंचाई का प्रावधान था।
विज्ञापन
ललितपुर। शहजाद बांध में स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजना समय से पूर्ण न होने के कारण बालाबेहट में प्रस्तावित रबर डैम की परियोजना शासन स्तर से निरस्त हो गई।
स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजना 2018-19 में शुरू की गई थी। इसे मार्च 2023 में पूर्ण होना था। बुंदेलखंड में यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई थी। इससे चार गांव पारौन, रजपुरा, डांग बरौदा, बटवाहा की 1740 हेक्टेयर भूमि सिंचित करने की योजना थी। लेकिन यह समय से पूर्ण नहीं हो पाई। वहीं, इस परियोजना के लिए 39 किलोमीटर विद्युत लाइन डाली जानी थी, इमें 2.50 किलोमीटर आरक्षित वन क्षेत्र से गुजरनी थी। वन विभाग से अनापत्ति न मिलने के कारण आज तक लाइन नहीं बिछाई गई। इस परियोजना के बाद बालाबेहट क्षेत्र में रबर डैम भी प्रस्तावित था। इस बांध परियोजना का निर्माण शहजाद बांध की सिंचाई परियोजना की सफलता पर निर्भर था, क्योंकि बालाबेहट रबर डैम परियोजना में भी स्प्रिंकलर प्रणाली से सिंचाई का प्रावधान था।