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Lalitpur News: कैसे मानकों पर खरा उतरेगा विभाग.... जब स्वास्थ्य सेवाएं पड़ी बदहाल

Tue, 11 Nov 2025 01:52 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 11 Nov 2025 01:52 AM IST
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How will the department meet the standards when health services are in such a deplorable state?
संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत जानने के लिए शासन की टीम आ रही है। टीम के निरीक्षण में मानकों के अनुसार विभाग को खरा उतरना चुनौती बना हुआ है। कारण यहां मरीजों को इलाज तो दूर जांच की सुविधा भी नहीं मिल पा रही है। कई मशीनें अभी तक पैक रखी धूल खा रही हैं।



प्रमुख सचिव स्वास्थ्य के निर्देश पर जल्द ही टीम स्वास्थ्य सेवाओं की पड़ताल के लिए पहुंच सकती है। टीम मेडिकल कॉलेज समेत छह सीएचसी व 23 पीएचसी समेत सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर निर्धारित बिंदुओं पर जांच करेगी। टीम अस्पतालों में उपकरणों की क्रियाशीलता व उपयोगिता, दवाइयों की उपलब्धता, जांच की स्थिति, कर्मचारियों का मरीजों के प्रति व्यवहार समेत अन्य बिंदुओं पर जांच करेगी।
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यहां छह सीएचसी पर तीन वर्ष पहले अल्ट्रासाउंड व डिजिटल एक्स-रे मशीनें उपलब्ध कराईं गई थी। लेकिन, मशीनें से जांच शुरू होना तो दूर अब तक यह स्थापित तक नहीं हो सकी है। मशीनें पैक रखीं हुईं धूल फांक रहीं है। ऐसे में प्रत्येक सीएचसी से प्रतिदिन 30 से 35 मरीजों को जांचों के लिए निजी केंद्रों और मुख्यालय की ओर रुख करना पड़ रहा है। ---
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धूल फांक रहे हेल्थ एटीएम

वर्ष 2022-23 में छह सीएचसी समेत मेडिकल कॉलेज में 35 लाख की लागत से सात हेल्थ एटीएम लगाए गए थे। इनसे शरीर की स्क्रीनिंग, ब्लड प्रेशर, शुगर, वजन, लंबाई, ऑक्सीजन की मात्रा, तापमान, हीमोग्लोबिन, पल्स रेट, ईसीजी की जांच होती है। इसके अलावा ग्लूकोज, लिपिड प्रोफाइल, डेंगू, चिकनगुनिया, टीएलसी, डीएलसी समेत 50 से अधिक जांचें हो सकती हैं। इससे दस मिनट में जांच की सुविधा का दावा किया गया था। लेकिन, अनदेखी के चलते ये धूल फांक रहे हैं।



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दाेनों सीएचसी पर बंद पड़े ऑक्सीजन प्लांट



वर्ष 2021 कोविड काल में सीएचसी तालबेहट व महरौनी में लाखों रुपये की लागत से ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए थे। लेकिन, वर्तमान में दोनों ही ऑक्सीजन प्लांट खराब पड़े हुए हैं। इनमें तालबेहट में स्टेबलाइजर का अभाव है तो महरौनी में मशीन खराब है।


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विशेषज्ञ समेत चिकित्सकों की कमी

छह सीएचसी में 18 विशेषज्ञों के सापेक्ष महज दो ही कार्यरत है। वर्तमान में 16 विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त पड़े हुए हैं। ऐसे में मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। वहीं सीएचओ की कमी से 36 केंद्रों पर ताला लटक रहा है। इससे प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं तक नहीं मिल पा रही हैं।



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जनपद में शासन की टीम के निरीक्षण को लेकर अलर्ट किया गया है। अस्पताल में साफ-सफाई व रिकार्ड और अन्य सुविधाओं को बेहतर करने के निर्देश दिए गए हैं।



- डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ
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