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Lalitpur News: बारिश में बही फसलों की बुआई की उम्मीद
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ललितपुर। लगातार भारी बारिश से खरीफ की अधिकांश फसलें नष्ट हो गई हैं। कुछ दिन बारिश ठहरने पर किसानों की फसलें बचने की उम्मीद दो दिन से हो रही भारी बारिश के चलते टूट गई। अब किसान शासन से राहत राशि की उम्मीद की बाट जोह रहा है, ताकि परिवार के भरण पोषण में राहत मिल सके।
जनपद में मात्र 63 फीसदी किसानों ने ही खरीफ की फसल की बुआई की थी। बोआई के बीच ही जून के अंत में मानसून आ गया और भारी बारिश होने लगी। कुछ ही दिनों की भारी बारिश से अधिकांश किसानों की फसल बोआई के बाद बारिश के पानी से बर्बाद हो गई। जिलाधिकारी के निर्देश पर कृषि विभाग, लेखपाल और बीमा कंपनी के कर्मचारियों द्वारा फसल नुकसान के सर्वे के लिए टीमें भी गठित हो गईं। कृषि विभाग ने सर्वे भी शुरू कर दिया है।
कुछ दिन बारिश कम होने पर किसानों को जमीन सूखने पर बुआई की कुछ आस नजर आई, लेकिन, बीते दो दिनों से फिर से भारी बारिश हो रही है। किसानों के खेत फिर से भर गए और बोई गई उड़द, मूंग, सोयाबीन व मूंगफली समेत अधिकांश फसलों के बचने की उम्मीद फिर से बारिश में बह गई।
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भारी बारिश से हुए नुकसान का कृषि विभाग सर्वे करा रहा है, लेकिन अब फिर से हुई बारिश से फसल बुआई की कोई उम्मीद नहीं है।-राजीव कुमार भारती, जिला कृषि अधिकारी।
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अतिवृष्टि से फसलें तबाह, मुआवजा दिलाने की मांग
महरौनी। तहसील क्षेत्र में किसानों ने खरीफ की फसलों की बुआई कर दी थी। इसके बाद हुई बारिश से फसलें नष्ट हो गईं। किसानों ने मुख्यमंत्री से अतिवृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे करा कर मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों ने बताया कि बारिश इतनी तेज हुई कि खेतों में बोया गया बीज पानी के साथ नदी नालों में बह गया।
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जनपद में मात्र 63 फीसदी किसानों ने ही खरीफ की फसल की बुआई की थी। बोआई के बीच ही जून के अंत में मानसून आ गया और भारी बारिश होने लगी। कुछ ही दिनों की भारी बारिश से अधिकांश किसानों की फसल बोआई के बाद बारिश के पानी से बर्बाद हो गई। जिलाधिकारी के निर्देश पर कृषि विभाग, लेखपाल और बीमा कंपनी के कर्मचारियों द्वारा फसल नुकसान के सर्वे के लिए टीमें भी गठित हो गईं। कृषि विभाग ने सर्वे भी शुरू कर दिया है।
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कुछ दिन बारिश कम होने पर किसानों को जमीन सूखने पर बुआई की कुछ आस नजर आई, लेकिन, बीते दो दिनों से फिर से भारी बारिश हो रही है। किसानों के खेत फिर से भर गए और बोई गई उड़द, मूंग, सोयाबीन व मूंगफली समेत अधिकांश फसलों के बचने की उम्मीद फिर से बारिश में बह गई।
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भारी बारिश से हुए नुकसान का कृषि विभाग सर्वे करा रहा है, लेकिन अब फिर से हुई बारिश से फसल बुआई की कोई उम्मीद नहीं है।-राजीव कुमार भारती, जिला कृषि अधिकारी।
अतिवृष्टि से फसलें तबाह, मुआवजा दिलाने की मांग
महरौनी। तहसील क्षेत्र में किसानों ने खरीफ की फसलों की बुआई कर दी थी। इसके बाद हुई बारिश से फसलें नष्ट हो गईं। किसानों ने मुख्यमंत्री से अतिवृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे करा कर मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों ने बताया कि बारिश इतनी तेज हुई कि खेतों में बोया गया बीज पानी के साथ नदी नालों में बह गया।