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Lalitpur News: बुजुर्गो की रेखाएं क्या मिटी... किस्मत ही रूठ गई
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। ई-केवाईसी न होने के कारण करीब छह हजार बुजुर्गों की पेंशन दस माह से रुकी हुई है। इस समस्या के निदान के लिए वे बैंकों का चक्कर लगा रहे हैं।
ब्लॉक बिरधा की ग्राम पंचायत कपासी व पिपरई समेत कई गांवों के ऐसे वृद्ध हैं, जिनकी पेंशन महीनों से बंद है। कारण, उनके खातों की ई-केवाईसी नहीं हो पाई है, इसमें फिंगर प्रिंट रोड़ा बन रहा है। ऐसे में बुजुर्गों को आजीविका चलाने में परेशानी हो रही है। वहीं, दोनों हाथों से दिव्यांग छोटेलाल को दिव्यांग पेंशन व अन्य आर्थिक सहायता इसलिए नहीं मिल रही है कि उसके खाते की ई-केवाईसी नहीं हो पाई है। जब जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने बैंक से जानकारी मांगी तो उन्हें पता चला कि बैंक के पास आई स्कैनर नहीं है, जिससे उसके खाते का सत्यापन हो सके। जिलाधिकारी ने बैंक मैनेजर को तत्काल इसका समाधान करने के आदेश दिए।
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फैक्ट फाइल
कुल बुजुर्ग पेंशन-42000
ई-केवाईसी न होने से रुकी पेंशन-6000
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वित्तीय वर्ष में नहीं मिली फूटी कौड़ी
बुजुर्गों के अनुसार इस वित्तीय वर्ष में अप्रैल 2023 से अब तक उन्हें फूटी कौड़ी पेंशन के नाम पर नहीं मिली है। इससे उन्हें गुजारा करने के लिए लोगों से उधारी लेनी पड़ रही है।
-- -- -- -- -- फोटो- 19
पेंशन से ही गुजारा होता था, मेरी फिंगर प्रिंट नहीं आ रही है। मैं आंखों से लाचार हूं, मेरा कोई नहीं है। पेंशन बंद होने से आसपड़ोस से मांग कर खाना पड़ रहा है।-बसंते, ग्राम पिपरई।
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फोटो- 20
पेंशन से गुजर-बसर हो जाता था, लेकिन अब मेरी अंगुलियों की रेखाओं ने साथ छोड़ दिया, तो सरकार ने पेंशन बंद कर दी।-ज्वाला प्रसाद, ग्राम कपासी
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वर्जन
बैंक के अधिकारियों को पत्र लिखा जा रहा है। ई-केवाईसी के अतिरिक्त बायोमीट्रिक मशीनें रखने को कहा गया है, जिससे आंखों से भी ई-केवाईसी हो सके।-अक्षय त्रिपाठी, जिलाधिकारी।
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ललितपुर। ई-केवाईसी न होने के कारण करीब छह हजार बुजुर्गों की पेंशन दस माह से रुकी हुई है। इस समस्या के निदान के लिए वे बैंकों का चक्कर लगा रहे हैं।
ब्लॉक बिरधा की ग्राम पंचायत कपासी व पिपरई समेत कई गांवों के ऐसे वृद्ध हैं, जिनकी पेंशन महीनों से बंद है। कारण, उनके खातों की ई-केवाईसी नहीं हो पाई है, इसमें फिंगर प्रिंट रोड़ा बन रहा है। ऐसे में बुजुर्गों को आजीविका चलाने में परेशानी हो रही है। वहीं, दोनों हाथों से दिव्यांग छोटेलाल को दिव्यांग पेंशन व अन्य आर्थिक सहायता इसलिए नहीं मिल रही है कि उसके खाते की ई-केवाईसी नहीं हो पाई है। जब जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने बैंक से जानकारी मांगी तो उन्हें पता चला कि बैंक के पास आई स्कैनर नहीं है, जिससे उसके खाते का सत्यापन हो सके। जिलाधिकारी ने बैंक मैनेजर को तत्काल इसका समाधान करने के आदेश दिए।
फैक्ट फाइल
कुल बुजुर्ग पेंशन-42000
ई-केवाईसी न होने से रुकी पेंशन-6000
वित्तीय वर्ष में नहीं मिली फूटी कौड़ी
बुजुर्गों के अनुसार इस वित्तीय वर्ष में अप्रैल 2023 से अब तक उन्हें फूटी कौड़ी पेंशन के नाम पर नहीं मिली है। इससे उन्हें गुजारा करने के लिए लोगों से उधारी लेनी पड़ रही है।
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पेंशन से ही गुजारा होता था, मेरी फिंगर प्रिंट नहीं आ रही है। मैं आंखों से लाचार हूं, मेरा कोई नहीं है। पेंशन बंद होने से आसपड़ोस से मांग कर खाना पड़ रहा है।-बसंते, ग्राम पिपरई।
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फोटो- 20
पेंशन से गुजर-बसर हो जाता था, लेकिन अब मेरी अंगुलियों की रेखाओं ने साथ छोड़ दिया, तो सरकार ने पेंशन बंद कर दी।-ज्वाला प्रसाद, ग्राम कपासी
वर्जन
बैंक के अधिकारियों को पत्र लिखा जा रहा है। ई-केवाईसी के अतिरिक्त बायोमीट्रिक मशीनें रखने को कहा गया है, जिससे आंखों से भी ई-केवाईसी हो सके।-अक्षय त्रिपाठी, जिलाधिकारी।