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Lalitpur News: बड़ी मन्नतों से मांगा था बेटा, उसी ने उतारा माता पिता को मौत के घाट
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ललितपुर/बांसी। थाना जखौरा क्षेत्र के ग्राम लखनपुरा निवासी वृद्घ दंपती पूरन प्रजापति व उसकी पत्नी नन्हीं बाई ने बेटी होने के बाद बेटे के लिए काफी मन्नतें मांगी थी। लेकिन उसी बेटे ने माता पिता को ही मौत के घाट उतार दिया।
थाना जखौरा क्षेत्र के ग्राम लखनपुरा निवासी वृद्ध दंपती पूरन और उसकी पत्नी नन्हीं बाई का एक बेटा और एक बेटी है। इनमें बेटी बड़ी है और उसकी शादी ग्राम तेरा में हुई थी, लेकिन समय पहले उसके पति की भी मौत हो गई थी। वहीं बेटा भीकम बीए पढ़ा है, लेकिन नौ वर्ष पहले उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया। जिस पर माता पिता ने उसका ग्वालियर व सागर एवं अन्य जगहों पर इलाज कराया, लेकिन उसे ठीक नहीं कर सके।
दवाओं के असर से जब वह कुछ ठीक हुआ तो माता पिता ने उसकी शादी भी कर दी थी और उसकी एक बेटी व दो बेटे हैं। उसका बड़ा बेटा नरेंद्र उर्फ नंदू बीए में पढ़ने के साथ गुजरात में एलएंडटी मशीन भी चलाकर मजूदरी करता है। वहीं उसकी बेटी अंजली दसवीं की पढ़ाई कर रही है और छोटा बेटा नीलेश आठवीं में पढ़ रहा है। मंगलवार देर शाम को वृद्ध दंपती अपने बेटे भीकम के साथ ही छत पर बैठकर खाना खा रहे थे। इस दौरान बेटे को गेहूं बेचने से रोकना ही उनकी मौत का कारण बन गया।
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माता पिता का अंतिम संस्कार भी नहीं किया
पोस्टमार्टम के बाद वृद्ध दंपती के शव को गांव लाया गया। घर से जब एक साथ दोनों की अर्थी निकली तो पूरे गांव में मातम पसर गया। वहीं दंपती का अंतिम संस्कार करने के लिए ग्रामीण व अन्य परिजन उनके इकलौते बेटे भीकम को रस्सियों से बांधकर किसी प्रकार श्मशान घाट तक ले गए, लेकिन वह बार-बार भागने का प्रयास कर रहा था और उसने अंतिम संस्कार नहीं किया। बाद में ग्रामीणों के कहने पर छोटे नाती नीलेश ने उनका अंतिम संस्कार किया।
घटना के बारे में कुछ नहीं याद
भीकम मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया जा रहा है। सीओ सिटी ने जब भीकम से परिवार के बारे में पूछताछ की तो उसने बताया कि उसके पिता दतिया और माता प्रतापपुरा गई हैं। उसने यह भी बताया कि उसका बड़ा बेटा गुजरात में एलएंडटी मशीन चलाना सीख रहा है, जबकि बेटी दसवीं में और छोटा बेटा आठवीं में पढ़ रहा है। जबकि पत्नी को देखकर बताया कि वह महिलाओं के बीच में बैठी है। लेकिन जब सीओ ने घटना के बारे में पूछा तो वह बहकी बहकी बातें करने लगा।
इलाज को भेजा जाएगा
सीओ सिटी अभयनारायण राय ने ग्रामीणों व परिजनों को आश्वासन दिया कि वृद्ध दंपती के मानसिक रूप से विक्षिप्त बेटे भीकम का इलाज कराया जाएगा और जिला प्रशासन के अधिकारियों से बात करके अस्पताल में भेजा जाएगा।
दंपती ही करते थे परिवार का भरण पोषण
बेटे के मानसिक रूप से विक्षिप्त होने के चलते उसका और उसके परिवार का भरण पोषण वृद्ध दंपती ही किया करते थे। उनके पास करीब तीन एकड़ खेती थी, जिस पर वह खेती बाड़ी की कमाई से घर खर्च चलाते थे। उनकी मौत के बाद परिवार के लिए रोजी रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है।
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थाना जखौरा क्षेत्र के ग्राम लखनपुरा निवासी वृद्ध दंपती पूरन और उसकी पत्नी नन्हीं बाई का एक बेटा और एक बेटी है। इनमें बेटी बड़ी है और उसकी शादी ग्राम तेरा में हुई थी, लेकिन समय पहले उसके पति की भी मौत हो गई थी। वहीं बेटा भीकम बीए पढ़ा है, लेकिन नौ वर्ष पहले उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया। जिस पर माता पिता ने उसका ग्वालियर व सागर एवं अन्य जगहों पर इलाज कराया, लेकिन उसे ठीक नहीं कर सके।
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दवाओं के असर से जब वह कुछ ठीक हुआ तो माता पिता ने उसकी शादी भी कर दी थी और उसकी एक बेटी व दो बेटे हैं। उसका बड़ा बेटा नरेंद्र उर्फ नंदू बीए में पढ़ने के साथ गुजरात में एलएंडटी मशीन भी चलाकर मजूदरी करता है। वहीं उसकी बेटी अंजली दसवीं की पढ़ाई कर रही है और छोटा बेटा नीलेश आठवीं में पढ़ रहा है। मंगलवार देर शाम को वृद्ध दंपती अपने बेटे भीकम के साथ ही छत पर बैठकर खाना खा रहे थे। इस दौरान बेटे को गेहूं बेचने से रोकना ही उनकी मौत का कारण बन गया।
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माता पिता का अंतिम संस्कार भी नहीं किया
पोस्टमार्टम के बाद वृद्ध दंपती के शव को गांव लाया गया। घर से जब एक साथ दोनों की अर्थी निकली तो पूरे गांव में मातम पसर गया। वहीं दंपती का अंतिम संस्कार करने के लिए ग्रामीण व अन्य परिजन उनके इकलौते बेटे भीकम को रस्सियों से बांधकर किसी प्रकार श्मशान घाट तक ले गए, लेकिन वह बार-बार भागने का प्रयास कर रहा था और उसने अंतिम संस्कार नहीं किया। बाद में ग्रामीणों के कहने पर छोटे नाती नीलेश ने उनका अंतिम संस्कार किया।
घटना के बारे में कुछ नहीं याद
भीकम मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया जा रहा है। सीओ सिटी ने जब भीकम से परिवार के बारे में पूछताछ की तो उसने बताया कि उसके पिता दतिया और माता प्रतापपुरा गई हैं। उसने यह भी बताया कि उसका बड़ा बेटा गुजरात में एलएंडटी मशीन चलाना सीख रहा है, जबकि बेटी दसवीं में और छोटा बेटा आठवीं में पढ़ रहा है। जबकि पत्नी को देखकर बताया कि वह महिलाओं के बीच में बैठी है। लेकिन जब सीओ ने घटना के बारे में पूछा तो वह बहकी बहकी बातें करने लगा।
इलाज को भेजा जाएगा
सीओ सिटी अभयनारायण राय ने ग्रामीणों व परिजनों को आश्वासन दिया कि वृद्ध दंपती के मानसिक रूप से विक्षिप्त बेटे भीकम का इलाज कराया जाएगा और जिला प्रशासन के अधिकारियों से बात करके अस्पताल में भेजा जाएगा।
दंपती ही करते थे परिवार का भरण पोषण
बेटे के मानसिक रूप से विक्षिप्त होने के चलते उसका और उसके परिवार का भरण पोषण वृद्ध दंपती ही किया करते थे। उनके पास करीब तीन एकड़ खेती थी, जिस पर वह खेती बाड़ी की कमाई से घर खर्च चलाते थे। उनकी मौत के बाद परिवार के लिए रोजी रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है।