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ार किलोमीटर दूर से लौट गया टिड्डी दल

Wed, 03 Jun 2020 11:15 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jun 2020 11:15 PM IST
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grasshopers returned from 4 km
टिड्डी दल यहां आने की संभावना थी - फोटो : LALITPUR
ललितपुर। टिड्डी दल के मध्यप्रदेश के अशोकनगरृ जिले की सीमा से ललितपुर में प्रवेश करने की संभावना थी, लेकिन हवा का रुख बदल जाने के कारण टिड्डी दल जिले की सीमा से महज चार किलोमीटर पहले वापस मुड़ गया। इससे अफसरों ने राहत की सांस ली है।
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बुधवार को मप्र के अशोकनगर जिले से राजघाट होते हुए जिले की सीमा में प्रवेश करने की टिड्डी दल की आशंका जताई गई थी। बीते रोज टिड्डी दल ने अशोकनगर में डेरा डाल रखा था। अशोकनगर जिले की मुंगावली तहसील के ग्राम फतेहाबाद, चंदेरी तहसील के ग्राम लप्टोरा व घाट बमुरिया में रात्रि विश्राम के लिए टिड्डी दल ठहरा था। बुधवार की सुबह एक ही ओर दक्षिण- पश्चिम दिशा से उत्तर- पूर्व की दिशा में उसके जाने की संभावना जताई गई थी। इसको लेकर अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक एके विजेता, उप कृषि निदेशक संतोष कुमार सविता और जिला कृषि अधिकारी गौरव यादव सुबह से ही राजघाट पहुंच गए थे।
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टिड्डी दल ने हवा के रुख के अनुसार जिले की ओर उड़ान भर दी थी। बड़ी संख्या में टिड्डी दल होने के कारण प्रशासन अलर्ट था, टिड्डी दल जिले की सीमा से महज चार किलोमीटर पहले हवा विपरीत दिशा की चलने के कारण चंदेरी की ओर मुड़ गया।
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सुबह नौ बजे के बाद अधिकारी उसके आने का इंतजार करते रहे, लेकिन फिर टिड्डी दल इस ओर नहीं आया। उप कृषि निदेशक संतोष कुमार सविता व जिला कृषि अधिकारी गौरव यादव चंदेरी तक गए और टिड्डी दल की निगरानी की, लेकिन जब हवा विपरीत चलने लगी और टिड्डी दल विपरीत दिशा में चला गया तो अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
नष्ट कर देता है फसल
टिड्डी दल जहां पर रुकता है, वहां वह खेतों में फसल को पूरी चट कर जाता है। इसका झुंड देखकर ही किसान घबरा जाते हैं और टिड्डी दल के सामने कुछ नहीं कर पाते।

बबीना तक जाने की थी आशंका
टिड्डी दल ललितपुर से बबीना तक के इलाके में आने की संभावना थी। इसको लेकर कृषि विभाग ने अलर्ट जारी किया था, साथ ही क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी थी।
नदियों के किनारे होती है फसल
जिले में जायद की अधिकांश फसलें नदियों और तालाबों के आसपास में बोई जाती हैं। जिले की अधिकांश सीमा पर नदियां हैं। इनमें बेतवा नदी सीमा के सबसे अधिक क्षेत्र तक फैली हुई है। इसमें जायद की अधिक फसल बोई जाती है। ऐसे में टिड्डी दल का हमला इस फसल पर होने की आशंका थी।
मध्यप्रदेश के अशोक नगर से टिड्डी दल ने उड़ान भरी थी, लेकिन जिले में आने से चार किलोमीटर पहले हवा विपरीत दिशा में चलने लगी और टिड्डी दल लौट गया।
- गौरव यादव, जिला कृषि अधिकारी

राजघाट बांध पर टिड्डी दल की जानकारी लेते अपर जिलाधिकारी व अपर पुलिस अधीक्षक

राजघाट बांध पर टिड्डी दल की जानकारी लेते अपर जिलाधिकारी व अपर पुलिस अधीक्षक- फोटो : LALITPUR

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