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महिलाओं के विकास एवं उनके सशक्तीकरण के लिए तत्पर है सरकार: डॉ कंचन
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ललितपुर। उप्र राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. कंचन जायसवाल ने कहा कि महिलाएं जटिल से जटिल समस्याओं का सामना करने के लिए स्वयं सक्षम हैं। इसके लिए महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी होना अति आवश्यक है। महिलाएं अपने साथ होने वाले किसी भी प्रकार के उत्पीड़न को बर्दाश्त न करें, बल्कि उनका डटकर सामना करें। वह बुधवार को विकास भवन सभागार में महिला जनसुनवाई और ग्राम सिवनीखुर्द में चौपाल में बोल रहीं थी।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए महिला आयोग का गठन किया गया है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि वे सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों का लाभ लें। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि महिला मदद व न्याय पाने के लिए इधर उधर न भटकें। इस दौरान आई 14 शिकायतों के प्रार्थनापत्रों को अधिकारियों को सौंपते हुए प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराने के निर्देश दिए। इससे पहले उन्होंने जिला कारागार का निरीक्षण किया। जहां महिला बंदियों का हाल लिया और महिला बैरक एवं भोजन गृह में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मौके पर जेल अधीक्षक ने बताया कि इस कारागार में महिला बंदियों की कुल संख्या 33 है, जिनमें छह सजायाफ्ता महिला बंदी हैं। निरीक्षण में सदस्या ने महिला बंदियों को उद्योग विभाग के तहत जरी सिल्क साड़ी का प्रशिक्षण लेने हेतु प्रेरित किया।
उधर, ग्राम सिवनीखुर्द (जखौरा) के पंचायत भवन में जन चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, सभी महिलाएं इन योजनाओं का लाभ अवश्य लें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं अपने बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यालय अवश्य भेजें, क्योंकि शिक्षा ही एक ऐसा शस्त्र है जो हमें समाज की हर बुराई से लड़ने की शक्ति प्रदान करती है। इस अवसर पर एडीएम अनिल कुमार, प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय भाले, क्षेत्राधिकारी सदर फूलचंद्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी नीरज सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी सुरेंद्र कुमार पटेल, महिला थानाध्यक्ष मिथिलेश कुमारी, महिला कल्याण अधिकारी ममता श्रीवास आदि उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि महिलाओं के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए महिला आयोग का गठन किया गया है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि वे सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों का लाभ लें। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि महिला मदद व न्याय पाने के लिए इधर उधर न भटकें। इस दौरान आई 14 शिकायतों के प्रार्थनापत्रों को अधिकारियों को सौंपते हुए प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराने के निर्देश दिए। इससे पहले उन्होंने जिला कारागार का निरीक्षण किया। जहां महिला बंदियों का हाल लिया और महिला बैरक एवं भोजन गृह में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मौके पर जेल अधीक्षक ने बताया कि इस कारागार में महिला बंदियों की कुल संख्या 33 है, जिनमें छह सजायाफ्ता महिला बंदी हैं। निरीक्षण में सदस्या ने महिला बंदियों को उद्योग विभाग के तहत जरी सिल्क साड़ी का प्रशिक्षण लेने हेतु प्रेरित किया।
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उधर, ग्राम सिवनीखुर्द (जखौरा) के पंचायत भवन में जन चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, सभी महिलाएं इन योजनाओं का लाभ अवश्य लें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं अपने बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यालय अवश्य भेजें, क्योंकि शिक्षा ही एक ऐसा शस्त्र है जो हमें समाज की हर बुराई से लड़ने की शक्ति प्रदान करती है। इस अवसर पर एडीएम अनिल कुमार, प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय भाले, क्षेत्राधिकारी सदर फूलचंद्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी नीरज सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी सुरेंद्र कुमार पटेल, महिला थानाध्यक्ष मिथिलेश कुमारी, महिला कल्याण अधिकारी ममता श्रीवास आदि उपस्थित रहे।
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