{"_id":"57cc74184f1c1be11f317036","slug":"goods-on-the-streets-many-problems-afoot","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़कों पर सामान, कदम-कदम पर दिक्कतें तमाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़कों पर सामान, कदम-कदम पर दिक्कतें तमाम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 05 Sep 2016 12:50 AM IST
विज्ञापन
aktikirmn, lalitpur news
- फोटो : amar ujala, lalitpur news
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। शहर में हर रोज अतिक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। गली-कूचों ही नहीं नगर की मुख्य सड़कों व बाजारों में भी अतिक्रमण लाइलाज होता जा रहा है। इसकी मुख्य वजह नगर पालिका व जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं किया जाना है। शहर का आलम यह है कि नालियां व सड़क किनारे बने फुटपाथ लगभग गायब से हो चुके हैं। इसका खामियाजा बेकसूर नागरिकों व राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है।
यदि शहर की मुख्य सड़कों की बात करें तो तुवन चौराहा, सुपर मार्केट, नझाई बाजार, पुरानी तहसील व सदर कांटे से घंटाघर होते हुए वीर सावरकर चौक, तालाबपुरा मार्ग, आजाद चौक व नदीपार मवेशी बाजार तब सड़क के दोनों ओर बने लगभग समस्त भवनों के भूतल पर दुकानें संचालित की जा रही हैं। इन भवन स्वामियों ने अपने भवन के बाहर से जलनिकासी के लिए निकली नालियों पर स्थायी निर्माण कर लिया है और अतिक्रमणकारी इनपर दुकान खोलकर बैठ गए हैं। वहीं, शहर में स्थित नझाई बजार, सब्जीमंडी, कटरा बाजार, कठरियाई, काली लाइन में नगर पालिका की छह सौ से अधिक दुकानें हैं।
इन बाजारों में नगर पालिका द्वारा ही करीब 20-20 फुट चौड़ी सड़कें डाली गई हैं, अतिक्रमण के कारण इन चौड़ी सड़कों से पैदल निकालना भी एक चुनौती बन जाता है। दुकानदार ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए दुकान की सामग्री दुकान के बाहर सार्वजनिक रास्तों व फुटपाथ पर सजा कर बैठ जाते हैं। सार्वजनिक सड़कों, फुटपाथ और नालियों पर दुकान सजाने वाले व्यापारियों को कोई भी रोकने वाला नहीं है।
विज्ञापन
इसका परिणाम यह है कि इन बाजारों में 20 से 22 फुट तक चौड़ी सड़क होने के बाद भी सुबह 11 बजे से शाम के 07 बजे तक राहगीरों को पैदल चलने के लिए भी जगह नसीब नहीं होती है।
सावरकर चौक पर सड़कों पर लगती हैं दुकानें
शहर के सबसे व्यस्ततम चौराहा वीर सावरकर चौक पर बनी दुकानों के व्यापारियों ने जलनिकासी के लिए बने नाले पर स्थायी निर्माण कर लिया है। जितनी जगह इनकी दुकान के भीतर है उससे कई ज्यादा यह लोग नाली व फुटपाथ घेर लेते हैं। रविवार व बाजार बंदी के दिनों को छोड़ दिया जाए तो यहां अतिक्रमण के कारण बाजार आने वाले लोगों को अपने वाहन खड़े करने के लिए जगह भी नहीं मिलती है। जब कोई व्यक्ति अपने वाहन यहां खड़ा करता है तो व्यापारी लड़ने को उतारू हो जाते हैं। हैरानी की बात है कि इस चौराहे पर 24 घंटे पुलिस कर्मी तैनात रहते हैं, इसके बावजूद अव्यवस्था फैलाने वाले अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
नगर पालिका कार्यालय भी अतिक्रमण की गिरफ्त में
नगरपालिका का काम भले ही शहर में अतिक्रमण हटाने का है, परंतु दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाने में यह नाकाम है। घंटाघर के पास स्थित डा. शादीलाल कांपलेक्स में नपा का कार्यालय बना हुआ है। यह कांपलेक्स भवन चारों ओर से अतिक्रमण की गिरफ्त में है। नगर पालिका के सामने ही शहर की अस्थाई चौपाटी बन गई है, यहां पर अतिक्रमण करके सुबह छह से रात दस बजे तक चाट, आईस्क्रीम, नाश्ता आदि खाद्य पदार्थों की अस्थाई दुकानें हाथ ठेलों पर संचालित होती हैं। इन हालातों में नगर पालिका ने लोगों के आने-जाने के लिए पीछे का दरवाजा खोल दिया है, लेकिन दरवाजे तक पहुंचने में भी दुकानें परेशानी पैदा कर रही हैं।
फल विक्रेताओं ने दूसरी ओर जमाया डेरा
गेंदालाल पेट्रोल पंप के बगल में नगर पालिका द्वारा बनाए गए कांपलेक्स के सामने सड़क किनारे काफी लंबे से फुटकर फल विक्रेता अतिक्रमण किए हुए थे। कांपलेक्स में स्थिति व्यापारियों की मांग पर नगर पालिका ने कुछ समय पूर्व अभियान चलाकर इन अतिक्रमणकारियों को वहां से हटा दिया था। लेकिन अतिक्रमणकारियों ने सड़क की दूूरी ओर सड़क पर ही अस्थाई दुकानें लगाकर अतिक्रमण कर लिया है। लोगों का कहना है कि नगर पालिका ने ही अतिक्रमणकारियों को वहां दुकान लगाने की सहमति दी है।
पालिका भूली जुर्माना लगाना, पुलिस नहीं दिखाती दिलचस्पी
वर्षों से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन कुछ दिन सामान्य रहने के बाद फिर से अतिक्रमण का सिलसिला शुरू हो जाता है। इसका अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है, जिससे समस्या लाइलाज बनती जा रही है। नगर पालिका ने कुछ माह पूर्व अतिक्रमण पर सख्ती बरतने का निर्णय लिया था। इस दौरान पालिका ने तय किया था कि जो अतिक्रमण करेगा, उस पर प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना तय किया जाएगा। लेकिन पालिका नियम बनाने के बाद स्वयं ही इसे भूल गई। और अब स्थिति यह है कि जगह-जगह पूरे मार्केट अतिक्रमण की चपेट में है।
इतने अल्प समय में अब तक शहर की भौतिक स्थिति व समस्याओं का निरीक्षण नहीं कर पाया हूं। बहुत जल्द ही स्थानीय बाजारों का निरीक्षण किया जाएगा और शहर वासियों को उचित सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अतिक्रमण कारियों के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी।
डी.प्रदीप कुमार
पुलिस अधीक्षक, ललितपुर
हाथ ठेला वालों को कई बार हटाया गया है, लेकिन कुछ दिनों के बाद वह वापस अतिक्रमण कर लेते हैं। यदि कोई स्थाई अतिक्रमण करे हुए है, तो ऐसे मामले में अतिक्रमण कारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन से बात करके शहर में जल्द ही अतिक्रमण हटाओं अभियान भी चलाया जाएगा।
राकेश कुमार
अधिशासी अधिकारी नगर पालिका
अतिक्रमण के कारण शहर वासियों व राहगीरों को काफी परेशानी हो रही है और इस समस्या के निस्तरण के लिए विभागीय अधिकारियों व जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से बातचीत करके अतिक्रमण की समस्या का समाधान निकाला जाएगा।
सुभाष जायसवाल
नगर पालिका अध्यक्ष
विज्ञापन
यदि शहर की मुख्य सड़कों की बात करें तो तुवन चौराहा, सुपर मार्केट, नझाई बाजार, पुरानी तहसील व सदर कांटे से घंटाघर होते हुए वीर सावरकर चौक, तालाबपुरा मार्ग, आजाद चौक व नदीपार मवेशी बाजार तब सड़क के दोनों ओर बने लगभग समस्त भवनों के भूतल पर दुकानें संचालित की जा रही हैं। इन भवन स्वामियों ने अपने भवन के बाहर से जलनिकासी के लिए निकली नालियों पर स्थायी निर्माण कर लिया है और अतिक्रमणकारी इनपर दुकान खोलकर बैठ गए हैं। वहीं, शहर में स्थित नझाई बजार, सब्जीमंडी, कटरा बाजार, कठरियाई, काली लाइन में नगर पालिका की छह सौ से अधिक दुकानें हैं।
विज्ञापन
इन बाजारों में नगर पालिका द्वारा ही करीब 20-20 फुट चौड़ी सड़कें डाली गई हैं, अतिक्रमण के कारण इन चौड़ी सड़कों से पैदल निकालना भी एक चुनौती बन जाता है। दुकानदार ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए दुकान की सामग्री दुकान के बाहर सार्वजनिक रास्तों व फुटपाथ पर सजा कर बैठ जाते हैं। सार्वजनिक सड़कों, फुटपाथ और नालियों पर दुकान सजाने वाले व्यापारियों को कोई भी रोकने वाला नहीं है।
विज्ञापन
इसका परिणाम यह है कि इन बाजारों में 20 से 22 फुट तक चौड़ी सड़क होने के बाद भी सुबह 11 बजे से शाम के 07 बजे तक राहगीरों को पैदल चलने के लिए भी जगह नसीब नहीं होती है।
सावरकर चौक पर सड़कों पर लगती हैं दुकानें
शहर के सबसे व्यस्ततम चौराहा वीर सावरकर चौक पर बनी दुकानों के व्यापारियों ने जलनिकासी के लिए बने नाले पर स्थायी निर्माण कर लिया है। जितनी जगह इनकी दुकान के भीतर है उससे कई ज्यादा यह लोग नाली व फुटपाथ घेर लेते हैं। रविवार व बाजार बंदी के दिनों को छोड़ दिया जाए तो यहां अतिक्रमण के कारण बाजार आने वाले लोगों को अपने वाहन खड़े करने के लिए जगह भी नहीं मिलती है। जब कोई व्यक्ति अपने वाहन यहां खड़ा करता है तो व्यापारी लड़ने को उतारू हो जाते हैं। हैरानी की बात है कि इस चौराहे पर 24 घंटे पुलिस कर्मी तैनात रहते हैं, इसके बावजूद अव्यवस्था फैलाने वाले अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
नगर पालिका कार्यालय भी अतिक्रमण की गिरफ्त में
नगरपालिका का काम भले ही शहर में अतिक्रमण हटाने का है, परंतु दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाने में यह नाकाम है। घंटाघर के पास स्थित डा. शादीलाल कांपलेक्स में नपा का कार्यालय बना हुआ है। यह कांपलेक्स भवन चारों ओर से अतिक्रमण की गिरफ्त में है। नगर पालिका के सामने ही शहर की अस्थाई चौपाटी बन गई है, यहां पर अतिक्रमण करके सुबह छह से रात दस बजे तक चाट, आईस्क्रीम, नाश्ता आदि खाद्य पदार्थों की अस्थाई दुकानें हाथ ठेलों पर संचालित होती हैं। इन हालातों में नगर पालिका ने लोगों के आने-जाने के लिए पीछे का दरवाजा खोल दिया है, लेकिन दरवाजे तक पहुंचने में भी दुकानें परेशानी पैदा कर रही हैं।
फल विक्रेताओं ने दूसरी ओर जमाया डेरा
गेंदालाल पेट्रोल पंप के बगल में नगर पालिका द्वारा बनाए गए कांपलेक्स के सामने सड़क किनारे काफी लंबे से फुटकर फल विक्रेता अतिक्रमण किए हुए थे। कांपलेक्स में स्थिति व्यापारियों की मांग पर नगर पालिका ने कुछ समय पूर्व अभियान चलाकर इन अतिक्रमणकारियों को वहां से हटा दिया था। लेकिन अतिक्रमणकारियों ने सड़क की दूूरी ओर सड़क पर ही अस्थाई दुकानें लगाकर अतिक्रमण कर लिया है। लोगों का कहना है कि नगर पालिका ने ही अतिक्रमणकारियों को वहां दुकान लगाने की सहमति दी है।
पालिका भूली जुर्माना लगाना, पुलिस नहीं दिखाती दिलचस्पी
वर्षों से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन कुछ दिन सामान्य रहने के बाद फिर से अतिक्रमण का सिलसिला शुरू हो जाता है। इसका अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है, जिससे समस्या लाइलाज बनती जा रही है। नगर पालिका ने कुछ माह पूर्व अतिक्रमण पर सख्ती बरतने का निर्णय लिया था। इस दौरान पालिका ने तय किया था कि जो अतिक्रमण करेगा, उस पर प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना तय किया जाएगा। लेकिन पालिका नियम बनाने के बाद स्वयं ही इसे भूल गई। और अब स्थिति यह है कि जगह-जगह पूरे मार्केट अतिक्रमण की चपेट में है।
इतने अल्प समय में अब तक शहर की भौतिक स्थिति व समस्याओं का निरीक्षण नहीं कर पाया हूं। बहुत जल्द ही स्थानीय बाजारों का निरीक्षण किया जाएगा और शहर वासियों को उचित सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अतिक्रमण कारियों के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी।
डी.प्रदीप कुमार
पुलिस अधीक्षक, ललितपुर
हाथ ठेला वालों को कई बार हटाया गया है, लेकिन कुछ दिनों के बाद वह वापस अतिक्रमण कर लेते हैं। यदि कोई स्थाई अतिक्रमण करे हुए है, तो ऐसे मामले में अतिक्रमण कारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन से बात करके शहर में जल्द ही अतिक्रमण हटाओं अभियान भी चलाया जाएगा।
राकेश कुमार
अधिशासी अधिकारी नगर पालिका
अतिक्रमण के कारण शहर वासियों व राहगीरों को काफी परेशानी हो रही है और इस समस्या के निस्तरण के लिए विभागीय अधिकारियों व जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से बातचीत करके अतिक्रमण की समस्या का समाधान निकाला जाएगा।
सुभाष जायसवाल
नगर पालिका अध्यक्ष