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Lalitpur News: बेटे की मौत की झूठी बात बताकर था बुलाया गया था घनश्याम
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी/ललितपुर। ललितपुर के सिद्धनपुरा निवासी घनश्याम यादव को बेटे की मौत की झूठी सूचना देकर आरोपियों ने घटना स्थल पर बुलाया था। बदहवास हाल में जब घनश्याम पत्नी गुड्डी के साथ गांव आ रहे थे, तभी आरोपियों ने रास्ते में उनको घेरकर सरिये से बुरी तरह मारा, जिससे उनकी मौत हुई। बुधवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। इसमें उनके शरीर में जगह-जगह चोट के निशान मिले। पूरे शरीर में 13 गहरे जख्म मिले, जिससे घनश्याम की मौत हुई। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
घनश्याम के परिजनों ने बताया पड़ोस में रहने वाले इंदल सिंह यादव, पुष्पेंद्र से पहले उनकी बोलचाल थी। पिछले पंचायत चुनाव के दौरान पार्षद पद के एक उम्मीदवार का समर्थन करने से दोनों परिवार में विवाद शुरू होने लगा। इसके बाद से उनमें रंजिश बढ़ती गई। कई बार दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो चुकी। कुछ दिनों पहले इंदल पक्ष ने धमकी दी थी। मंगलवार को आरोपियों ने घनश्याम के बेटे कृष्णपाल यादव को पहले घेरकर बुरी तरह मारा। उसके बाद घनश्याम को अंजान आदमी से फोन कराकर दुर्घटना में बेटे की मौत हो जाने की सूचना दी। यहां पहुंचने पर घनश्याम को भी उन लोगों ने घेरकर मारा।
आरोपियों के सिर पर इस कदर खून सवार कि घनश्याम, कृष्णपाल एवं उसकी मां गुड्डी पर जानलेवा हमला करने के बाद भी उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ बल्कि वह कृष्णपाल के दोनों छोटे बच्चों को तलाशते हुए पड़ोस के स्कूल तक जा पहुंचे हालांकि दोनों बच्चे दूसरे स्कूल में पढ़ते हैं। इस वजह से उनकी जान बच सकी। उधर, कृष्णपाल एवं गुड्डी देवी की हालत बुधवार को भी नाजुक बनी रही।
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झांसी/ललितपुर। ललितपुर के सिद्धनपुरा निवासी घनश्याम यादव को बेटे की मौत की झूठी सूचना देकर आरोपियों ने घटना स्थल पर बुलाया था। बदहवास हाल में जब घनश्याम पत्नी गुड्डी के साथ गांव आ रहे थे, तभी आरोपियों ने रास्ते में उनको घेरकर सरिये से बुरी तरह मारा, जिससे उनकी मौत हुई। बुधवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। इसमें उनके शरीर में जगह-जगह चोट के निशान मिले। पूरे शरीर में 13 गहरे जख्म मिले, जिससे घनश्याम की मौत हुई। पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
घनश्याम के परिजनों ने बताया पड़ोस में रहने वाले इंदल सिंह यादव, पुष्पेंद्र से पहले उनकी बोलचाल थी। पिछले पंचायत चुनाव के दौरान पार्षद पद के एक उम्मीदवार का समर्थन करने से दोनों परिवार में विवाद शुरू होने लगा। इसके बाद से उनमें रंजिश बढ़ती गई। कई बार दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो चुकी। कुछ दिनों पहले इंदल पक्ष ने धमकी दी थी। मंगलवार को आरोपियों ने घनश्याम के बेटे कृष्णपाल यादव को पहले घेरकर बुरी तरह मारा। उसके बाद घनश्याम को अंजान आदमी से फोन कराकर दुर्घटना में बेटे की मौत हो जाने की सूचना दी। यहां पहुंचने पर घनश्याम को भी उन लोगों ने घेरकर मारा।
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आरोपियों के सिर पर इस कदर खून सवार कि घनश्याम, कृष्णपाल एवं उसकी मां गुड्डी पर जानलेवा हमला करने के बाद भी उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ बल्कि वह कृष्णपाल के दोनों छोटे बच्चों को तलाशते हुए पड़ोस के स्कूल तक जा पहुंचे हालांकि दोनों बच्चे दूसरे स्कूल में पढ़ते हैं। इस वजह से उनकी जान बच सकी। उधर, कृष्णपाल एवं गुड्डी देवी की हालत बुधवार को भी नाजुक बनी रही।
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