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Lalitpur News: फसल नष्ट करने व मारपीट करने पर चार अभियुक्तों को तीन-तीन साल की सजा
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ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद बाबर खान की अदालत ने थाना पूराकलां अंतर्गत ग्राम पूराकलां में सात वर्ष पहले जमीनी विवाद में आग लगाकर फसल नष्ट करने व मारपीट कर जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने के मामले में चार अभियुक्तों को दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
थाना पूराकलां क्षेत्र के ग्राम गुदैरा निवासी खुमान पुत्र मल्थू ने सात वर्ष पहले थाना पूराकलां में तहरीर देकर बताया था कि उसके गांव के महाराज सिंह द्वारा जमीन की नाम कराई गई थी, जिसमें वह काबिज है और उसके मकान बने हुए हैं। महाराज सिंह उसी समय से उन लोगों से बुराई मान गया। आठ अक्तूबर 2015 को सुबह साढ़े आठ बजे उसके गांव के महाराज सिंह पुत्र महीसम यादव, कुल्हाड़ी लिए, मोनू पुत्र महीसम लाठी लिए व शेर सिंह पुत्र हरनाम व राजा पुत्र करन उसे गालियां देने लगे।
उसने व उसके बेटे मुकेश व सुरेश ने गालियां देने से मना किया तो चारों ने उसे व मुकेश को बुरी तरह से मारना पीटना शुरू कर दिया। चिल्लाने पर बच्चे शोर मचाकर दौड़े, तो उनसे भी धक्का मुक्की करते हुए घर के बाहर खलिहान में रखी उड़द व मक्का की फसल में आग लगा दी। जिससे उसे नुकसान हो गया। मारपीट में उन्हें चोटें आई और चारों आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए।
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मामले में खुमान की तहरीर पर थाना पूराकलां पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। मंगलवार को न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए सभी चारों आरोपियों को दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं बारह-बारह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर दो-दो माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। मामले की पैरवी शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार लिटौरिया ने की।
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थाना पूराकलां क्षेत्र के ग्राम गुदैरा निवासी खुमान पुत्र मल्थू ने सात वर्ष पहले थाना पूराकलां में तहरीर देकर बताया था कि उसके गांव के महाराज सिंह द्वारा जमीन की नाम कराई गई थी, जिसमें वह काबिज है और उसके मकान बने हुए हैं। महाराज सिंह उसी समय से उन लोगों से बुराई मान गया। आठ अक्तूबर 2015 को सुबह साढ़े आठ बजे उसके गांव के महाराज सिंह पुत्र महीसम यादव, कुल्हाड़ी लिए, मोनू पुत्र महीसम लाठी लिए व शेर सिंह पुत्र हरनाम व राजा पुत्र करन उसे गालियां देने लगे।
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उसने व उसके बेटे मुकेश व सुरेश ने गालियां देने से मना किया तो चारों ने उसे व मुकेश को बुरी तरह से मारना पीटना शुरू कर दिया। चिल्लाने पर बच्चे शोर मचाकर दौड़े, तो उनसे भी धक्का मुक्की करते हुए घर के बाहर खलिहान में रखी उड़द व मक्का की फसल में आग लगा दी। जिससे उसे नुकसान हो गया। मारपीट में उन्हें चोटें आई और चारों आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए।
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मामले में खुमान की तहरीर पर थाना पूराकलां पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। मंगलवार को न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए सभी चारों आरोपियों को दोषी पाते हुए तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं बारह-बारह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर दो-दो माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। मामले की पैरवी शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार लिटौरिया ने की।