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Lalitpur News: फर्जी दस्तावेज से जमानत कराने वाले 10 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज
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ललितपुर। अपराधियों को जमानत दिलाने के लिए फर्जी संपत्ति दस्तावेज का उपयोग करने वाले पेशेवर जमानतियों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली सदर और थाना जाखलौन पुलिस ने कुल 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार बाजपेई के आदेश पर चलाए जा रहे सत्यापन अभियान के दौरान हुई।
कोतवाली सदर में उपनिरीक्षक अनिल कुमार की तहरीर पर छह नामजद लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। इनमें मोहल्ला नेहरू नगर निवासी कन्हैयालाल, मोहल्ला आजादपुरा निवासी प्रमोद कुमार, ग्राम जीरोंन निवासी भरत और इमरत, ग्राम पिपरियावंशा निवासी रतीराम और मोहल्ला आजादपुरा निवासी बाबूलाल उर्फ बल्लू शामिल हैं। इसमें आरोप है कि इन सभी ने षड्यंत्र के तहत फर्जी दस्तावेज लगाकर अभियुक्तों की जमानत कराई। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी आर्थिक लाभ लेकर अपराधियों को फायदा पहुंचाते थे। कोतवाली पुलिस ने छह नामजद सहित अन्य अज्ञात के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की है। इन छह आरोपियों ने दो दर्जन से अधिक मामलों में जमानतें दी थीं।
इसी प्रकार, थाना जाखलौन में उपनिरीक्षक संत किशोर शुक्ला की तहरीर पर चार नामजद आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इनमें पिपरियावंशा निवासी रतीराम, कपासी निवासी कमलेश,पिपरिया वंशा निवासी इमरत और मंगू उर्फ मगनलाल शामिल हैं। सीओ सदर अजय कुमार ने बताया कि कुल 10 नामजद व अन्य लोगों पर फर्जी दस्तावेज से जमानत देने का आरोप है। पुलिस इन मामलों की गहनता से जांच कर रही है।
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फर्जी जमानतदारों का खुलासा
पुलिस को बार-बार एक ही आरोपियों के जमानती बनने पर शक हुआ था। इसके बाद इन पर निगरानी रखी गई। सत्यापन के दौरान पता चला कि ये सभी पेशेवर तरीके से काम करते थे। इन्होंने संपत्ति के फर्जी दस्तावेज और कूटरचित जमानत प्रपत्रों का उपयोग किया। आर्थिक लाभ लेकर अपराधियों को लाभ पहुंचाया गया। यह फर्जीवाड़ा कुछ मामलों तक सीमित नहीं था, बल्कि बड़े पैमाने पर चल रहा था।
विभिन्न प्रकार के मुकदमों में जमानत
इन पेशेवर जमानतदार आरोपियों ने कई तरह के गंभीर मुकदमों में जमानतें कराईं। इनमें चोरी, मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे मामले शामिल हैं। आर्म्स एक्ट और पशु क्रूरता अधिनियम के मामलों में भी जमानतें दी गईं। धोखाधड़ी, पशु क्रूरता, जानलेवा हमला, और सड़क दुर्घटना के आरोपियों को भी फर्जी जमानत मिली। जानलेवा हमला करने जैसे मुकदमों के अभियुक्तों को भी लाभ पहुंचाया गया। जमानत सत्यापन में यह पूरा मामला उजागर हुआ है।
एसपी के आदेश पर सत्यापन अभियान
पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार बाजपेई के आदेश पर जनपद में यह सत्यापन अभियान चल रहा है। सभी थाना-कोतवाली पुलिस जमानतदारों के दस्तावेज की जांच कर रही है। इसमें राजस्व विभाग के कर्मचारियों की मदद ली जा रही है। दस्तावेज के वास्तविक स्वामी और उनकी वैधता की पड़ताल की जा रही है। जमानत प्रपत्रों में दर्ज विवरण की भी गहनता से जांच हो रही है। कोतवाली पुलिस ने 16 सितंबर 2026 को भी प्रमोद और देवी प्रसाद सहित अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
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कोतवाली सदर में उपनिरीक्षक अनिल कुमार की तहरीर पर छह नामजद लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। इनमें मोहल्ला नेहरू नगर निवासी कन्हैयालाल, मोहल्ला आजादपुरा निवासी प्रमोद कुमार, ग्राम जीरोंन निवासी भरत और इमरत, ग्राम पिपरियावंशा निवासी रतीराम और मोहल्ला आजादपुरा निवासी बाबूलाल उर्फ बल्लू शामिल हैं। इसमें आरोप है कि इन सभी ने षड्यंत्र के तहत फर्जी दस्तावेज लगाकर अभियुक्तों की जमानत कराई। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी आर्थिक लाभ लेकर अपराधियों को फायदा पहुंचाते थे। कोतवाली पुलिस ने छह नामजद सहित अन्य अज्ञात के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की है। इन छह आरोपियों ने दो दर्जन से अधिक मामलों में जमानतें दी थीं।
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इसी प्रकार, थाना जाखलौन में उपनिरीक्षक संत किशोर शुक्ला की तहरीर पर चार नामजद आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इनमें पिपरियावंशा निवासी रतीराम, कपासी निवासी कमलेश,पिपरिया वंशा निवासी इमरत और मंगू उर्फ मगनलाल शामिल हैं। सीओ सदर अजय कुमार ने बताया कि कुल 10 नामजद व अन्य लोगों पर फर्जी दस्तावेज से जमानत देने का आरोप है। पुलिस इन मामलों की गहनता से जांच कर रही है।
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फर्जी जमानतदारों का खुलासा
पुलिस को बार-बार एक ही आरोपियों के जमानती बनने पर शक हुआ था। इसके बाद इन पर निगरानी रखी गई। सत्यापन के दौरान पता चला कि ये सभी पेशेवर तरीके से काम करते थे। इन्होंने संपत्ति के फर्जी दस्तावेज और कूटरचित जमानत प्रपत्रों का उपयोग किया। आर्थिक लाभ लेकर अपराधियों को लाभ पहुंचाया गया। यह फर्जीवाड़ा कुछ मामलों तक सीमित नहीं था, बल्कि बड़े पैमाने पर चल रहा था।
विभिन्न प्रकार के मुकदमों में जमानत
इन पेशेवर जमानतदार आरोपियों ने कई तरह के गंभीर मुकदमों में जमानतें कराईं। इनमें चोरी, मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे मामले शामिल हैं। आर्म्स एक्ट और पशु क्रूरता अधिनियम के मामलों में भी जमानतें दी गईं। धोखाधड़ी, पशु क्रूरता, जानलेवा हमला, और सड़क दुर्घटना के आरोपियों को भी फर्जी जमानत मिली। जानलेवा हमला करने जैसे मुकदमों के अभियुक्तों को भी लाभ पहुंचाया गया। जमानत सत्यापन में यह पूरा मामला उजागर हुआ है।
एसपी के आदेश पर सत्यापन अभियान
पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार बाजपेई के आदेश पर जनपद में यह सत्यापन अभियान चल रहा है। सभी थाना-कोतवाली पुलिस जमानतदारों के दस्तावेज की जांच कर रही है। इसमें राजस्व विभाग के कर्मचारियों की मदद ली जा रही है। दस्तावेज के वास्तविक स्वामी और उनकी वैधता की पड़ताल की जा रही है। जमानत प्रपत्रों में दर्ज विवरण की भी गहनता से जांच हो रही है। कोतवाली पुलिस ने 16 सितंबर 2026 को भी प्रमोद और देवी प्रसाद सहित अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।