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Lalitpur News: खेत तैयार, अब बारिश का इंतजार कर रहे किसान
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संवाद न्यूज एजेंसी
पाली। बुंदेलखंड में 28 जून तक मानसून की दस्तक का इंतजार बना हुआ है। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं कि कब काले बादल आएं और धरती की प्यास बुझाएं। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आने वाली पूर्वी हवाओं के प्रभाव से मानसून उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा पार करते हुए बुंदेलखंड पहुंचेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि 30 जून के आसपास अच्छी बारिश होने से किसानों का इंतजार खत्म हो सकता है।
खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों ने नौतपा के दौरान ही खेतों की जुताई कर उन्हें बुवाई के लिए तैयार कर लिया था। सामान्य तौर पर 15 जून तक मानसून पहुंच जाता था, लेकिन इस बार इसकी सुस्त चाल ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश होते ही खेतों में बीज डालने का काम शुरू हो जाएगा। कृषि विभाग किसानों को मूंग, बाजरा और ज्वार जैसी फसलों की बुवाई के लिए प्रेरित कर रहा है। किसान खेत तैयार करने के साथ ही उन्नत किस्म के बीजों की खरीद भी कर रहे हैं। बढ़ती मांग के चलते मूंगफली, मूंग और उड़द के बीजों की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है। किसान अभी से खाद और बीज का भंडारण करने में जुटे हैं।
पाली क्षेत्र के किसानों की पहली पसंद इस बार भी मूंगफली और उड़द बनी हुई है। किसानों का कहना है कि समय पर अच्छी बारिश होने पर इन फसलों की बुवाई बड़े पैमाने पर की जाएगी। हालांकि, फिलहाल मौसम में उमस बनी हुई है। सूर्यदेव बादलों के साथ लुकाछिपी तो कर रहे हैं, लेकिन बारिश के लिए जरूरी घने बादल नहीं बन पा रहे हैं।
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किसानों का कहना है कि जैसे ही बारिश होगी और मिट्टी से सौंधी खुशबू उठेगी, खेतों में हल चलने लगेंगे। फिलहाल किसान मानसूनी बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
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रूठे इंद्र अब मान भी जाओ...
मानसून की सुस्त चाल ने किसानों की बेचैनी बढ़ा दी है। खेतों में उड़द के बीज डाल दिए हैं, ताकि बारिश होते ही उनका अंकुरण शुरू हो सके। अब इंद्रदेव से यही प्रार्थना है कि जल्द अच्छी बारिश हो।
- पुष्पेंद्र चौरसिया, किसान
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आसमान की ओर टकटकी
खरीफ सीजन की बुवाई के लिए किसान पूरी तरह तैयार हैं। अब निगाहें सिर्फ मानसूनी बारिश पर टिकी हैं। बारिश की स्थिति के अनुसार ही खेतों में बीजों की बुवाई की जाएगी।
- अतुल जैन, किसान
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पाली। बुंदेलखंड में 28 जून तक मानसून की दस्तक का इंतजार बना हुआ है। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं कि कब काले बादल आएं और धरती की प्यास बुझाएं। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आने वाली पूर्वी हवाओं के प्रभाव से मानसून उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा पार करते हुए बुंदेलखंड पहुंचेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि 30 जून के आसपास अच्छी बारिश होने से किसानों का इंतजार खत्म हो सकता है।
खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों ने नौतपा के दौरान ही खेतों की जुताई कर उन्हें बुवाई के लिए तैयार कर लिया था। सामान्य तौर पर 15 जून तक मानसून पहुंच जाता था, लेकिन इस बार इसकी सुस्त चाल ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश होते ही खेतों में बीज डालने का काम शुरू हो जाएगा। कृषि विभाग किसानों को मूंग, बाजरा और ज्वार जैसी फसलों की बुवाई के लिए प्रेरित कर रहा है। किसान खेत तैयार करने के साथ ही उन्नत किस्म के बीजों की खरीद भी कर रहे हैं। बढ़ती मांग के चलते मूंगफली, मूंग और उड़द के बीजों की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है। किसान अभी से खाद और बीज का भंडारण करने में जुटे हैं।
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पाली क्षेत्र के किसानों की पहली पसंद इस बार भी मूंगफली और उड़द बनी हुई है। किसानों का कहना है कि समय पर अच्छी बारिश होने पर इन फसलों की बुवाई बड़े पैमाने पर की जाएगी। हालांकि, फिलहाल मौसम में उमस बनी हुई है। सूर्यदेव बादलों के साथ लुकाछिपी तो कर रहे हैं, लेकिन बारिश के लिए जरूरी घने बादल नहीं बन पा रहे हैं।
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किसानों का कहना है कि जैसे ही बारिश होगी और मिट्टी से सौंधी खुशबू उठेगी, खेतों में हल चलने लगेंगे। फिलहाल किसान मानसूनी बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
रूठे इंद्र अब मान भी जाओ...
मानसून की सुस्त चाल ने किसानों की बेचैनी बढ़ा दी है। खेतों में उड़द के बीज डाल दिए हैं, ताकि बारिश होते ही उनका अंकुरण शुरू हो सके। अब इंद्रदेव से यही प्रार्थना है कि जल्द अच्छी बारिश हो।
- पुष्पेंद्र चौरसिया, किसान
आसमान की ओर टकटकी
खरीफ सीजन की बुवाई के लिए किसान पूरी तरह तैयार हैं। अब निगाहें सिर्फ मानसूनी बारिश पर टिकी हैं। बारिश की स्थिति के अनुसार ही खेतों में बीजों की बुवाई की जाएगी।
- अतुल जैन, किसान