{"_id":"6133c8698ebc3eb6fa771fae","slug":"fault-found-in-govt-college-lab-lalitpur-news-jhs2035195200","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजकीय कॉलेज की लैब में मिलीं खामियां, आयुष अस्पताल में सही नहीं मिला काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजकीय कॉलेज की लैब में मिलीं खामियां, आयुष अस्पताल में सही नहीं मिला काम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजकीय कॉलेज की लैब में मिलीं खामियां, आयुष अस्पताल में सही नहीं मिला काम
ललितपुर। मंडलायुक्त अजय शंकर पांडेय ने शनिवार को दैलवारा स्थित निर्माणाधीन आयुष चिकित्सालय और राजकीय महाविद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों जगहों पर खामियां देख उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए मंडल स्तरीय टीम से जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कॉलेज की लैब की चिकित्सा शिक्षा विभाग की टीम से तकनीकी जांच कराई जाए।
दैलवारा स्थित निर्माणाधीन आयुष चिकित्सालय पहुंचे मंडलायुक्त को सीडीओ ने बताया कि करीब सात करोड़ की लागत से पैक्सफैड संस्था द्वारा इसे बनाया जा रहा है। मंडलायुक्त को निरीक्षण में कक्षों व परिसर को देखने पर फिनिशिंग का कार्य संतोषजनक नहीं मिला। परिसर में टाइल्स व्यवस्थित नहीं लगे थे इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए सभी कमियों को पूरा कराने के निर्देश दिए।
जखौरा स्थित राजकीय महाविद्यालय को कार्यदायी संस्था यूपी सिडको द्वारा बनाया जा रहा है। निरीक्षण में समस्त कक्षों व परिसर को देखने पर पाया गया कि यहां पर पानी की आपूर्ति पाइपलाइन द्वारा की जा रही है, भवन में खिड़कियां व्यवस्थित नहीं लगी हैं। इस पर मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि इमारत में निर्मित चार लैब का निरीक्षण चिकित्सा शिक्षा विभाग के उच्च स्तरीय अधिकारियों से कराकर रिपोर्ट उपलब्ध कराएं, जिससे विद्यार्थियों को कोई असुविधा न हो। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
मंडलायुक्त ने दोनों निर्माणाधीन भवनों की गुणवत्ता की जांच मंडल स्तरीय तकनीकी टीम द्वारा कराने के निर्देश दिए। इस दौरान डीएम अन्नावि दिनेश कुमार, सीडीओ अनिल कुमार पांडेय, कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि व अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
जब ग्रामीणों ने कमिश्नर से की शराब बिक्री की शिकायत
जखौरा में ग्रामवासियों ने मंडलायुक्त से कहा कि गांव में बड़े स्तर पर अवैध शराब बेची जाती है। इस पर मंडलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला आबकारी अधिकारी एवं थानाध्यक्ष को निर्देश दिए कि इस क्षेत्र में मुनादी कराकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करें। डीएम व एसपी के माध्यम से एक सप्ताह के भीतर इस बात का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें कि अब इस क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री नहीं होती है।
विज्ञापन
ललितपुर। मंडलायुक्त अजय शंकर पांडेय ने शनिवार को दैलवारा स्थित निर्माणाधीन आयुष चिकित्सालय और राजकीय महाविद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों जगहों पर खामियां देख उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए मंडल स्तरीय टीम से जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कॉलेज की लैब की चिकित्सा शिक्षा विभाग की टीम से तकनीकी जांच कराई जाए।
दैलवारा स्थित निर्माणाधीन आयुष चिकित्सालय पहुंचे मंडलायुक्त को सीडीओ ने बताया कि करीब सात करोड़ की लागत से पैक्सफैड संस्था द्वारा इसे बनाया जा रहा है। मंडलायुक्त को निरीक्षण में कक्षों व परिसर को देखने पर फिनिशिंग का कार्य संतोषजनक नहीं मिला। परिसर में टाइल्स व्यवस्थित नहीं लगे थे इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए सभी कमियों को पूरा कराने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
जखौरा स्थित राजकीय महाविद्यालय को कार्यदायी संस्था यूपी सिडको द्वारा बनाया जा रहा है। निरीक्षण में समस्त कक्षों व परिसर को देखने पर पाया गया कि यहां पर पानी की आपूर्ति पाइपलाइन द्वारा की जा रही है, भवन में खिड़कियां व्यवस्थित नहीं लगी हैं। इस पर मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि इमारत में निर्मित चार लैब का निरीक्षण चिकित्सा शिक्षा विभाग के उच्च स्तरीय अधिकारियों से कराकर रिपोर्ट उपलब्ध कराएं, जिससे विद्यार्थियों को कोई असुविधा न हो। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
मंडलायुक्त ने दोनों निर्माणाधीन भवनों की गुणवत्ता की जांच मंडल स्तरीय तकनीकी टीम द्वारा कराने के निर्देश दिए। इस दौरान डीएम अन्नावि दिनेश कुमार, सीडीओ अनिल कुमार पांडेय, कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि व अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
जब ग्रामीणों ने कमिश्नर से की शराब बिक्री की शिकायत
जखौरा में ग्रामवासियों ने मंडलायुक्त से कहा कि गांव में बड़े स्तर पर अवैध शराब बेची जाती है। इस पर मंडलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला आबकारी अधिकारी एवं थानाध्यक्ष को निर्देश दिए कि इस क्षेत्र में मुनादी कराकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करें। डीएम व एसपी के माध्यम से एक सप्ताह के भीतर इस बात का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें कि अब इस क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री नहीं होती है।