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Lalitpur News: बेटे की बीमारी से परेशान पिता ने फांसी लगाकर दी जान
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ललितपुर। कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मोहल्ला वंशीपुरा निवासी चंद्रभान (46) पुत्र गजराज सिंह ने शनिवार की रात को घर में ही शराब के नशे में फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों के अनुसार चंद्रभान अपने छोटे बेटे की पैरों की बीमारी से परेशान था। जानकारी मिलने पर कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मोहल्ला वंशीपुरा निवासी चंद्रभान शनिवार की रात को लगभग ग्यारह बजे घर पर मोबाइल चला रहा था। लेकिन उसका छोटा बेटा आदर्श मोबाइल के लिए उसे परेशान कर रहा था। जिसके चलते उसने अपनी पत्नी को बेटे को लेकर दूसरे कमरे में भेज दिया और फिर उसने मोबाइल पर तेज आवाज में गाने बजाते हुए शराब पी।
करीब आधे घंटे बाद साढ़े ग्यारह बजे जब पत्नी उससे खाना खाने के लिए पूछने गई तो चंद्रभान का शव कमरे में पंखे पर तौलिया के फंदे पर लटक रहा था। यह देख वह जोर से चिल्लाने लगी, तो आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और दरवाजा खुलवाया और कमरे में जाकर देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी। जानकारी मिलने पर कोतवाली पुुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के दो बेटा हैं, जिनमें छोटा बेटा आदर्श (07) को पैरों में मस्कुलर डिस्ट्राफी बीमारी है और बेटे की बीमारी ठीक नहीं होने से वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। मृतक दो भाई व चार बहनों में सबसे बड़ा था। बताया कि करीब तीन वर्ष पहले उसके छोटे भाई और चार से पांच वर्ष पहले उसके माता पिता की बीमारी के चलते मौत हो चुकी थी।
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मोहल्ला वंशीपुरा निवासी चंद्रभान शनिवार की रात को लगभग ग्यारह बजे घर पर मोबाइल चला रहा था। लेकिन उसका छोटा बेटा आदर्श मोबाइल के लिए उसे परेशान कर रहा था। जिसके चलते उसने अपनी पत्नी को बेटे को लेकर दूसरे कमरे में भेज दिया और फिर उसने मोबाइल पर तेज आवाज में गाने बजाते हुए शराब पी।
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करीब आधे घंटे बाद साढ़े ग्यारह बजे जब पत्नी उससे खाना खाने के लिए पूछने गई तो चंद्रभान का शव कमरे में पंखे पर तौलिया के फंदे पर लटक रहा था। यह देख वह जोर से चिल्लाने लगी, तो आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और दरवाजा खुलवाया और कमरे में जाकर देखा तो उसकी मौत हो चुकी थी। जानकारी मिलने पर कोतवाली पुुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के दो बेटा हैं, जिनमें छोटा बेटा आदर्श (07) को पैरों में मस्कुलर डिस्ट्राफी बीमारी है और बेटे की बीमारी ठीक नहीं होने से वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। मृतक दो भाई व चार बहनों में सबसे बड़ा था। बताया कि करीब तीन वर्ष पहले उसके छोटे भाई और चार से पांच वर्ष पहले उसके माता पिता की बीमारी के चलते मौत हो चुकी थी।
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